चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त मनीष कुमार एवं पुलिस अधीक्षक अमित रेनु ने बुधवार को चाईबासा स्थित कार्यालय में सीआरपीएफ के डीआईजी विनोद कार्तिक से शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान जिले में संचालित सुरक्षा, विकास एवं जनकल्याण से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक में वर्तमान में चल रहे नक्सल उन्मूलन अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा प्रभावित एवं संवेदनशील क्षेत्रों में अभियानों को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर विचार-विमर्श किया गया। साथ ही सुरक्षा बलों और जिला प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर क्षेत्र में शांति, सुरक्षा एवं विकास की प्रक्रिया को गति देने पर विशेष जोर दिया गया।

बैठक के दौरान जिले के सुदूरवर्ती एवं दुर्गम क्षेत्रों में संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क संपर्क, पेयजल, आजीविका संवर्धन तथा आधारभूत संरचना से संबंधित योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया गया।
अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा और विकास एक-दूसरे के पूरक हैं। दुर्गम क्षेत्रों में प्रशासनिक योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन आम लोगों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव लाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है।

इस अवसर पर उपायुक्त मनीष कुमार एवं पुलिस अधीक्षक अमित रेनु ने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य जिले के प्रत्येक क्षेत्र, विशेषकर दूरस्थ एवं दुर्गम इलाकों तक विकास की मुख्यधारा पहुंचाना तथा लोगों को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना है। इसके लिए सभी संबंधित विभागों एवं सुरक्षा एजेंसियों के सहयोग से निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

