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चाईबासा में “कोल्हान बह रुमुल सह सांस्कृतिक यात्रा” का भव्य समापन, हजारों लोगों की सहभागिता

चाईबासा में “कोल्हान बह रुमुल सह सांस्कृतिक यात्रा” का भव्य समापन, हजारों लोगों की सहभागिता

चाईबासा | खूंटकट्टी मैदान में 15 मार्च 2026 को “कोल्हान बह रुमुल सह सांस्कृतिक यात्रा” का भव्य समापन हुआ। इस कार्यक्रम का आयोजन कोल्हान हो फिल्म्स एंड म्यूजिक एसोसिएशन के तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आदिवासी हो समाज की पारंपरिक संस्कृति, प्रकृति-पूजा और विलुप्त होती परंपराओं को संरक्षित करना था। इस अवसर पर हजारों आदिवासी पुरुष-महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा और वाद्य यंत्रों के साथ उत्साहपूर्वक भाग लिया।

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कार्यक्रम की शुरुआत गोवारी गीत से हुई। प्रतिभागियों का स्वागत सरजोम और पलाश के फूल लगाकर किया गया। इसके बाद बह पर्व के 10 प्रमुख ताड़ों—गेना, गाड़ूवा, चंगुड़िया, दांवडिया, जापे, जादूर, केंमटा, सार, ले और रचा—पर आधारित गीत और नृत्य प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इन प्रतियोगिताओं का उद्देश्य पारंपरिक धुनों और विधाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना और उन्हें संरक्षित करना था।

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नृत्य प्रतियोगिता के परिणाम :


प्रथम स्थान : बिरुवा रूमुल पड़सी
द्वितीय स्थान : मुंडारी सुसुन दुरं क्लब, खूंटी
तृतीय स्थान : बले सुड़ा सगेन ओल-पड़ाओ षुषुन-दुरं इनुङ गुटि कतिगुटु मोंडो, चाईबासा

सामूहिक लोकगीत प्रतियोगिता के परिणाम:
प्रथम स्थान: पुदगल हो हयम् ओल-पड़ाओ षुषुन-दुरं इनितुङ मोंडो तुइबिर, चाईबासा
द्वितीय स्थान: हयम ल्हेचकोम ओल-पड़ाओ पटुवा गुटि नरसंडा मोंडो, चाईबासा
तृतीय स्थान: लिटे सी’ईत मोंडो तुंगी रहे

कार्यक्रम में सोमा जेराई ने बह पर्व के 10 ताड़ों की विशेषताओं पर विस्तार से जानकारी दी। मुख्य अतिथि के रूप में झारखंड कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष केशव कमलेश महतो ने कहा कि ऐसे आयोजन संस्कृति को पहचान दिलाने के साथ-साथ युवा पीढ़ी को पूर्वजों की प्रकृति-आधारित जीवनशैली से जोड़ते हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से आदिवासी संस्कृति के संरक्षण के लिए सहयोग की अपील भी की।

चक्रधरपुर नगर परिषद के नवनिर्वाचित अध्यक्ष सन्नी उरांव ने सामाजिक सौहार्द और आदिवासी एकता पर जोर देते हुए कहा कि ऐसे सांस्कृतिक मंच समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं। वहीं आदिवासी हो समाज महिला महासभा की सचिव ने महिलाओं से समाज में अपनी भूमिका मजबूत करने और ऐसे आयोजनों में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की।

कार्यक्रम के दौरान तांबो चौक, गौशाला चौक और पोस्ट ऑफिस चौक में विभिन्न संस्थाओं द्वारा प्रतिभागियों के लिए जलपान की व्यवस्था की गई थी।

यह आयोजन बह पर्व की परंपरा, प्रकृति-पूजा और हो समाज की सांस्कृतिक धरोहर को पुनर्जीवित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। कार्यक्रम में कई गणमान्य लोग, सामाजिक कार्यकर्ता और कलाकार उपस्थित रहे।

आयोजन समिति के अध्यक्ष संजय सारील देवगम सहित सभी सदस्यों ने कार्यक्रम की सफलता के लिए सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।