चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में सोमवार को जिला समाहरणालय सभाकक्ष में राजस्व मामलों की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में अंचल निरीक्षकों, राजस्व उप निरीक्षकों एवं आमीनों के साथ विभिन्न राजस्व कार्यों की अंचलवार समीक्षा की गई। इस दौरान लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन तथा राजस्व सेवाओं को अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए।

बैठक के दौरान उपायुक्त ने अंचलवार लंबित म्यूटेशन मामलों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि 15 अगस्त तक 30 दिनों से अधिक समय से लंबित सभी म्यूटेशन मामलों का हर हाल में निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि राजस्व मामलों का त्वरित एवं पारदर्शी निष्पादन जिला प्रशासन की प्राथमिकता है, ताकि आम नागरिकों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

उपायुक्त ने आपदा राहत से संबंधित लंबित भुगतान मामलों की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्वीकृत सभी लाभुकों को निर्धारित समयसीमा के भीतर भुगतान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी पात्र लाभुक को अनावश्यक रूप से प्रतीक्षा नहीं करनी चाहिए।

बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि सभी अंचलों में म्यूटेशन मामलों की नियमित निगरानी की जाएगी। साथ ही, अस्वीकृत (रिजेक्ट) म्यूटेशन मामलों की जांच कर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी मामलों का निष्पादन नियमानुसार, निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से किया गया है।

इसके अलावा उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को 2 अक्टूबर तक रिक्त पदों पर मुंडा-मानकी की बहाली प्रक्रिया पूर्ण करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर नियुक्ति प्रक्रिया संपन्न की जाए।

बैठक में उप विकास आयुक्त, अपर उपायुक्त, सभी अंचल निरीक्षक, राजस्व उप निरीक्षक, आमीन सहित राजस्व विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

