चक्रधरपुर | अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) पोड़ाहाट, चक्रधरपुर ने शुक्रवार को DMFT PMU टीम के साथ केंद्रीय रेशम बोर्ड द्वारा संचालित P-4 तसर प्रजनन केंद्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान केंद्र की कार्यप्रणाली, तसर उत्पादन प्रक्रिया तथा किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की गई।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को बताया गया कि यह केंद्र बंदगांव क्षेत्र के लगभग 300 रेशम किसानों से जुड़ा हुआ है। किसानों से कोकून क्रय कर उन्हें केंद्र में वैज्ञानिक एवं स्वच्छ वातावरण में विश्राम अवस्था (रेस्टिंग स्टेज) में सुरक्षित रखा जाता है। इसके बाद मॉथ द्वारा अंडे दिए जाने पर अनुसंधान एवं परीक्षण की प्रक्रिया पूरी कर रोगमुक्त अंडा समूह (DFL) तैयार किया जाता है, जिसे किसानों को तसर कीट पालन के लिए उपलब्ध कराया जाता है।

अधिकारियों को यह भी जानकारी दी गई कि केंद्र में वर्ष में दो बार प्रजनन सत्र (ब्रीडिंग सीजन) आयोजित किए जाते हैं। वर्तमान में विश्राम अवस्था की प्रक्रिया जारी है, जिसके मध्य जून तक पूर्ण होने की संभावना है। इसके उपरांत कीट एवं रोग जांच सहित अन्य आवश्यक परीक्षण पूरे कर पंजीकृत किसानों के बीच DFL का वितरण किया जाएगा।
निरीक्षण के क्रम में बताया गया कि उद्योग विभाग के सहयोग से सिल्क किसानों, रेशम दूतों तथा अन्य हितधारकों के लिए समय-समय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। संस्थान का मुख्य उद्देश्य तसर बीजों की आनुवंशिक शुद्धता बनाए रखना और किसानों को गुणवत्तापूर्ण एवं रोगमुक्त अंडे उपलब्ध कराना है।

निरीक्षण के अंत में एसडीओ ने केंद्र प्रबंधन को निर्देश दिया कि अधिक से अधिक किसानों को इस पहल से जोड़ा जाए तथा व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि क्षेत्र के सभी रेशम उत्पादक किसानों को इसका लाभ मिल सके और तसर उत्पादन को बढ़ावा दिया जा सके।

