चाईबासा | झारखंड सरकार के निर्देशानुसार राज्यव्यापी ‘नशा मुक्त झारखंड अभियान’ के तहत पश्चिमी सिंहभूम जिले में व्यापक स्तर पर जनजागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। जिला प्रशासन के नेतृत्व में शिक्षा विभाग, पंचायत राज विभाग, झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (जेएसएलपीएस), खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग, पर्यटन विभाग, समाज कल्याण विभाग सहित विभिन्न विभागों एवं संस्थाओं की सहभागिता से अभियान को जन-आंदोलन का स्वरूप देने का प्रयास किया जा रहा है।

अभियान के अंतर्गत जिला मुख्यालय से लेकर प्रखंड, पंचायत एवं ग्राम स्तर तक विविध जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य युवाओं, विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं आम नागरिकों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करना है।

अभियान के तहत विद्यालयों एवं पंचायत स्तर पर संदेश लेखन, निबंध लेखन, चित्रांकन एवं रंगोली प्रतियोगिता, सामूहिक शपथ ग्रहण, नुक्कड़ नाटक, जनजागरूकता रैली, संवाद कार्यक्रम तथा जागरूकता वाहन के माध्यम से प्रचार-प्रसार जैसी गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इन कार्यक्रमों में विद्यार्थियों, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं, पंचायत प्रतिनिधियों, शिक्षकों, आंगनबाड़ी सेविकाओं, सहियाओं तथा ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।

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जिला प्रशासन द्वारा पंचायत सचिवालयों, विद्यालयों एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों पर नशा मुक्ति संबंधी शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को नशीले पदार्थों के सेवन से दूर रहने तथा दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने का संकल्प दिलाया जा रहा है। अभियान के माध्यम से यह संदेश दिया जा रहा है कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र के विकास में भी बाधा उत्पन्न करता है।

उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने जिलेवासियों के नाम जारी संदेश में कहा कि “नशा मुक्त झारखंड के निर्माण में समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता आवश्यक है। युवा शक्ति किसी भी राज्य और राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी होती है। यदि युवा वर्ग नशे से दूर रहकर सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ता है, तो एक स्वस्थ, समृद्ध और जागरूक समाज का निर्माण संभव है।” उन्होंने सभी नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, अभिभावकों एवं सामाजिक संगठनों से अभियान को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग की अपील की।

उपायुक्त ने कहा कि नशा उन्मूलन केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए सामूहिक सामाजिक जागरूकता और जनभागीदारी भी आवश्यक है। यदि प्रत्येक व्यक्ति स्वयं नशे से दूर रहने तथा अपने परिवार और समुदाय को नशामुक्त बनाने का संकल्प ले, तो निश्चित रूप से नशा मुक्त पश्चिमी सिंहभूम एवं नशा मुक्त झारखंड के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि अभियान का मूल उद्देश्य “नशा मुक्त समाज, स्वस्थ समाज और जागरूक समाज” की स्थापना करना है। जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, नशे से दूरी बनाए रखने तथा समाज में सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बनने की अपील की है।
“नशा छोड़ें, जीवन से नाता जोड़ें” के संदेश के साथ जिला प्रशासन पश्चिमी सिंहभूम द्वारा इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का सतत प्रयास किया जा रहा है।

