नोवामुंडी | भीषण गर्मी और लू के प्रकोप के बीच नोवामुंडी प्रखंड स्थित रुतागुटू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पिछले दो दिनों से तेज धूप और लू के कारण अस्वस्थ हुए एक स्थानीय व्यक्ति जब इलाज के लिए केंद्र पहुंचे, तो वहां की वास्तविक स्थिति सामने आई।

मरीज के अनुसार, स्वास्थ्य केंद्र में केवल एक ही डॉक्टर तैनात हैं और स्टाफ की भारी कमी है। जब उन्होंने कमजोरी के कारण सलाइन चढ़ाने का अनुरोध किया, तो मौजूद डॉक्टर ने स्टाफ की कमी का हवाला देते हुए असमर्थता जताई। वहीं, एक कर्मचारी ने बताया कि डॉक्टर की तबीयत भी ठीक नहीं है, जिसके कारण वे नियमित रूप से उपलब्ध नहीं हैं।

मरीज को इलाज के नाम पर केवल जिंक टैबलेट का एक पत्ता और तीन ORS पैकेट देकर भेज दिया गया। मजबूरी में उन्हें बाद में एक निजी क्लिनिक में जाकर इलाज कराना पड़ा।

निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य केंद्र की अन्य खामियां भी उजागर हुईं। केंद्र परिसर में साफ-सफाई की स्थिति बेहद खराब है, मरीजों के लिए पर्याप्त बेड उपलब्ध नहीं हैं और भीषण गर्मी के बावजूद पंखे या ठंडक की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। इतना ही नहीं, गरीब मरीजों के लिए पीने के स्वच्छ पानी की भी सुविधा नहीं पाई गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह स्थिति लंबे समय से बनी हुई है, जिससे खासकर गरीब तबके के लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
इस पूरे मामले में यह स्पष्ट है कि समस्या केवल डॉक्टरों या कर्मचारियों की नहीं, बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था में संसाधनों की कमी और सरकारी तंत्र की विफलता का परिणाम है। ऐसे में जरूरत है कि संबंधित विभाग जल्द से जल्द संज्ञान लेकर स्वास्थ्य केंद्र की स्थिति में सुधार के लिए ठोस कदम उठाए, ताकि आम जनता को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सके।

