चाईबासा | जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में नक्सली हिंसा से प्रभावित आश्रितों एवं अनुकंपा के आधार पर नियुक्त कुल 26 नव-नियुक्त कर्मियों के लिए उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यशाला के दौरान उपायुक्त ने सभी नव-नियुक्त कर्मियों को नियुक्ति पर बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उनका परिचय प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि सभी कर्मियों की शीघ्र ही विभिन्न विभागों में प्रतिनियुक्ति की जाएगी। प्रतिनियुक्ति के बाद सभी कर्मी अपने-अपने वरीय पदाधिकारियों के मार्गदर्शन में कार्य करते हुए विभागीय कार्यों की समुचित जानकारी एवं अनुभव प्राप्त करें।

उपायुक्त ने कहा कि सरकारी सेवा केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि जनसेवा का प्रभावी माध्यम है। इसलिए प्रत्येक कर्मी को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी, निष्ठा, अनुशासन एवं संवेदनशीलता के साथ करना चाहिए।

उन्होंने नव-नियुक्त कर्मियों को विभागीय कार्यप्रणाली, कार्यालयीन व्यवस्था, फाइल मूवमेंट, लेखा संधारण, अभिलेख प्रबंधन तथा अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं का गहन अध्ययन एवं व्यावहारिक ज्ञान अर्जित करने का निर्देश दिया, ताकि वे भविष्य में अपने दायित्वों का प्रभावी एवं दक्षतापूर्वक निर्वहन कर सकें।

उन्होंने कहा कि सीखने की निरंतर इच्छा, समयबद्ध कार्य निष्पादन और सकारात्मक कार्यसंस्कृति ही एक सफल एवं उत्तरदायी सरकारी कर्मी की पहचान है। उपायुक्त ने सभी नव-नियुक्त कर्मियों से अपेक्षा जताई कि वे शासन की योजनाओं एवं कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन में सक्रिय एवं सकारात्मक भूमिका निभाते हुए आमजन को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने का निरंतर प्रयास करेंगे।


