चक्रधरपुर | प्रखंड मुख्यालय स्थित आत्मा कार्यालय परिसर में गुरुवार को आत्मनिर्भर दलहन योजना के तहत खरीफ किसान गोष्ठी सह बीज वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सिंहभूम सांसद जोबा माझी शामिल हुईं। सांसद ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के सैकड़ों किसानों के बीच धान, उड़द, अरहर और मूंग की उन्नत किस्मों के बीज वितरित किए गए। किसानों को खरीफ फसलों की बेहतर खेती, आधुनिक तकनीकों के उपयोग और कम पानी वाली फसलों को अपनाने के संबंध में जानकारी भी दी गई।

सांसद जोबा माझी ने कहा कि इस वर्ष मौसम की अनिश्चितता और कम वर्षा की आशंका को देखते हुए किसानों को खेती की रणनीति में बदलाव लाने की आवश्यकता है। उन्होंने किसानों से कम पानी में बेहतर उत्पादन देने वाली फसलों को अपनाने और आधुनिक कृषि तकनीकों के माध्यम से अपनी आय बढ़ाने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि वह स्वयं किसान परिवार से आती हैं और धान से लेकर सब्जी उत्पादन तक खेती का अनुभव रखती हैं। किसानों की समस्याओं और संघर्षों को करीब से समझते हुए सांसद ने कहा कि किसान पूरे देश का पेट भरते हैं और किसान होना गर्व की बात है।
सांसद ने किसानों से केंद्र और राज्य सरकार की कृषि योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए कई योजनाएं संचालित कर रही है। कृषि ऋण के संबंध में उन्होंने किसानों को जरूरत के अनुसार ही ऋण लेने की सलाह दी, ताकि वे अनावश्यक आर्थिक बोझ से बच सकें।

जोबा माझी ने सामूहिक खेती को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि समूह बनाकर खेती करने से लागत कम होगी, संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और बाजार तक पहुंच आसान बनेगी। उन्होंने किसानों से उन्नत बीज, नई कृषि तकनीक और वैज्ञानिक खेती की पद्धतियों को अपनाने का आग्रह किया।
कार्यक्रम में प्रखंड विकास पदाधिकारी कांचन मुखर्जी, विधायक प्रतिनिधि पीरू हेम्ब्रम, प्रखंड प्रमुख ज्योति सिजुई, उप प्रमुख विनय प्रधान, जिला परिषद सदस्य मीना जोंको, लक्ष्मी हासदा, पूर्व मुखिया विजय सिंह सामाड, प्रदीप महतो, बीटीएम अभय कुमार, एटीएम पंकज कुमार, राजकुमार महतो, प्रदीप शर्मा, रमेश कोड़ाह सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।जोबा माझी ने सामूहिक खेती को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि समूह बनाकर खेती करने से लागत कम होगी, संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और बाजार तक पहुंच आसान बनेगी। उन्होंने किसानों से उन्नत बीज, नई कृषि तकनीक और वैज्ञानिक खेती की पद्धतियों को अपनाने का आग्रह किया।
कार्यक्रम में प्रखंड विकास पदाधिकारी कांचन मुखर्जी, विधायक प्रतिनिधि पीरू हेम्ब्रम, प्रखंड प्रमुख ज्योति सिजुई, उप प्रमुख विनय प्रधान, जिला परिषद सदस्य मीना जोंको, लक्ष्मी हासदा, पूर्व मुखिया विजय सिंह सामाड, प्रदीप महतो, बीटीएम अभय कुमार, एटीएम पंकज कुमार, राजकुमार महतो, प्रदीप शर्मा, रमेश कोड़ाह सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

