राउरकेला | उत्तर भारतीय समन्वय समिति, राउरकेला द्वारा सतुआन (सतुआनी) का पर्व मंगलवार को श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। यह पर्व बिहार, झारखंड एवं पूर्वी उत्तर प्रदेश की समृद्ध लोक-संस्कृति से जुड़ा हुआ है और नवसंवत्सर तथा ऋतु परिवर्तन का प्रतीक माना जाता है।

इस अवसर पर पारंपरिक रूप से सत्तू का सेवन किया गया, जो गर्मी के मौसम में शरीर को ठंडक देने और स्वास्थ्य संतुलन बनाए रखने का संदेश देता है। कार्यक्रम के दौरान ओडिशा के प्रमुख पर्व पना संक्रांति का भी आयोजन किया गया, जिसे नववर्ष के आरंभ और भगवान सूर्य की उपासना के रूप में मनाया जाता है। इस मौके पर श्रद्धालुओं के बीच पना (शीतल पेय) का वितरण किया गया।

समिति द्वारा दोनों पर्वों को एक साथ मनाना सांस्कृतिक समन्वय और एकता का सुंदर उदाहरण प्रस्तुत करता है। वक्ताओं ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विभिन्न संस्कृतियों के बीच आपसी सम्मान, भाईचारे और सौहार्द को बढ़ावा देते हैं।

कार्यक्रम के मुख्य आयोजक ओ.पी. सिंह ने सभी सहयोगियों एवं सहभागियों का आभार व्यक्त करते हुए इसे एक सराहनीय पहल बताया।

