चाईबासा | निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार संचालित होने वाले मतदाता सूची विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 के सफल क्रियान्वयन को लेकर जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के विधायक, मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि तथा उप निर्वाचन पदाधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को बीएलओ-2 (BLO-2) के गठन से संबंधित विस्तृत जानकारी एवं आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त किए जाने वाले बीएलओ-2 को संबंधित विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षित बीएलओ-2 अपने-अपने क्षेत्र के बूथ लेवल अधिकारियों को गणना प्रपत्र प्राप्त करने, मतदाताओं से संपर्क स्थापित करने तथा प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन कार्य में सहयोग करेंगे। इसके अतिरिक्त, गणना प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन में सहयोग के लिए जिला स्तर पर स्वयंसेवकों (वालंटियर) की भी प्रतिनियुक्ति की गई है।

उपायुक्त ने विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम की समय-सारिणी की जानकारी देते हुए बताया कि 30 जून 2026 से 29 जुलाई 2026 तक जिले के सभी बूथ लेवल अधिकारी घर-घर जाकर प्रत्येक मतदाता को दो प्रतियों में गणना प्रपत्र उपलब्ध कराएंगे। इस दौरान मतदाताओं से हस्ताक्षरयुक्त एक प्रति वापस प्राप्त की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि गणना प्रपत्र जमा करते समय किसी भी प्रकार के दस्तावेज संलग्न करने की आवश्यकता नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि गणना प्रपत्र का वितरण सभी पंजीकृत मतदाताओं के बीच किया जाएगा। यह सुनिश्चित करने के लिए कि कोई भी पात्र मतदाता इस प्रक्रिया से वंचित न रहे, बूथ लेवल अधिकारी संबंधित परिवारों के घरों का कम-से-कम तीन बार भ्रमण करेंगे।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि गणना प्रपत्रों के संकलन एवं सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 5 अगस्त 2026 को मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशन किया जाएगा। प्रारूप प्रकाशन के पश्चात विशेष अभियान चलाकर ऐसे युवा नागरिकों से प्रपत्र-6 प्राप्त किया जाएगा, जो 1 अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर लेंगे। आवश्यक घोषणा-पत्र के साथ प्राप्त आवेदनों के आधार पर पात्र युवाओं का नाम मतदाता सूची में जोड़ा जाएगा। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ना है।

बैठक को संबोधित करते हुए उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि निर्वाचन आयोग का प्रमुख उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल हो तथा किसी भी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में न रहे। उन्होंने राजनीतिक दलों, जनप्रतिनिधियों और सभी संबंधित पक्षों से इस महत्वपूर्ण अभियान में सक्रिय सहयोग देने की अपील की।

उन्होंने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता लोकतांत्रिक व्यवस्था की आधारशिला है। इसलिए इस विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम की सफलता के लिए सभी संबंधित पक्षों की सक्रिय सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों एवं राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपने स्तर पर मतदाताओं को जागरूक करने तथा निर्धारित प्रक्रिया में सहयोग करने का आग्रह किया।

बैठक के दौरान जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने एएसडीडी (ASDD) सूची में शामिल मतदाताओं की मैपिंग कराने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों का समयबद्ध सत्यापन और अद्यतन मतदाता सूची की गुणवत्ता को और अधिक सुदृढ़ बनाएगा। बैठक में निर्वाचन प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और समावेशी बनाने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

