रांची | झारखंड में महागठबंधन के भीतर समन्वय को मजबूत करने के लिए कांग्रेस ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जल्द से जल्द नई कोऑर्डिनेशन कमेटी गठित करने की मांग की है। पार्टी ने इस कमेटी के लिए अपनी ओर से तीन नेताओं—प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, विधायक दल के नेता प्रदीप यादव और उप नेता राजेश कच्छप—के नाम भी प्रस्तावित किए हैं।

कांग्रेस का कहना है कि पूर्व कोऑर्डिनेशन कमेटी के निष्क्रिय होने के बाद से महागठबंधन के घटक दलों के बीच समन्वय की कमी साफ तौर पर महसूस की जा रही है। स्वर्गीय दिशोम गुरु शिबू सोरेन की अध्यक्षता में गठित पिछली कोऑर्डिनेशन कमेटी का कार्यकाल नवंबर 2025 में समाप्त हो गया था। उस कमेटी में कांग्रेस की ओर से राजेश ठाकुर, बंधु तिर्की और आलमगीर आलम, झामुमो की ओर से विनोद कुमार पांडेय और फागू बेसरा तथा राजद की ओर से सत्यानंद भोक्ता सदस्य थे। अब झामुमो और राजद के नेताओं की भी इच्छा है कि नई कमेटी का गठन जल्द किया जाए।

मुख्यमंत्री से जल्द बातचीत करेगी कांग्रेस
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि पार्टी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से कोऑर्डिनेशन कमेटी के गठन का आग्रह किया है। उन्होंने बताया कि इस विषय पर मुख्यमंत्री से जल्द बातचीत की जाएगी। साथ ही राज्य के विभिन्न बोर्ड, निगम और आयोगों में रिक्त पदों को भरने का मुद्दा भी उठाया जाएगा।

झामुमो ने कहा—कोई कम्युनिकेशन गैप नहीं
कांग्रेस की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता मनोज कुमार पांडेय उर्फ बब्लू पांडेय ने कहा कि इन सभी मुद्दों पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को मुख्यमंत्री से सीधे बातचीत करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि महागठबंधन में किसी प्रकार का कम्युनिकेशन गैप नहीं है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन गठबंधन की आवश्यकताओं को समझते हैं और समय पर समाधान भी निकालते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पिछली बार जिन बोर्ड और निगमों का गठन हुआ था, उनमें अधिकांश पद कांग्रेस के हिस्से में गए थे।

बोर्ड, निगम और आयोगों में नियुक्तियों की मांग भी तेज
कोऑर्डिनेशन कमेटी के गठन के साथ-साथ महागठबंधन के नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच विभिन्न बोर्ड, निगम और आयोगों के रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति की मांग भी जोर पकड़ रही है। नेताओं का कहना है कि राज्य सरकार का कार्यकाल डेढ़ वर्ष से अधिक पूरा हो चुका है और अब पार्टी के लिए लंबे समय से काम कर रहे कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी देने का समय आ गया है। निकाय चुनाव और राज्यसभा चुनाव संपन्न होने के बाद अब नियुक्तियों में देरी का कोई कारण नहीं बचा है।

कई महत्वपूर्ण संस्थानों में पद रिक्त
वर्तमान में झारखंड राज्य आवास बोर्ड के अध्यक्ष का पद रिक्त है। 21 जून को झारखंड राज्य गो सेवा आयोग का कार्यकाल भी समाप्त हो चुका है। इसके अलावा अगस्त में युवा आयोग और अक्टूबर में अल्पसंख्यक आयोग का कार्यकाल समाप्त होने वाला है। झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) के उपाध्यक्ष का पद भी पिछले एक वर्ष से खाली है। इसके अलावा कई अन्य बोर्ड, निगम और आयोगों में भी नियुक्तियां लंबित हैं।
महागठबंधन के घटक दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं का मानना है कि इन रिक्त पदों को जल्द भरना आवश्यक है, ताकि संगठन से जुड़े सक्रिय कार्यकर्ताओं को उचित प्रतिनिधित्व मिल सके।


