चाईबासा : प्रकृति व्याख्यान केंद्र के प्रांगण में सुबह 9:00 बजे “कोल्हान ब्ह: रुमुल आयोजन समिति” की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी आयोजन को सफल और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए विस्तृत रणनीति तैयार की गई तथा विभिन्न जिम्मेदारियों का विभाजन किया गया।

बैठक में ब्ह: पर्व के सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक महत्व पर विशेष चर्चा हुई। निर्णय लिया गया कि हो’ समुदाय के विशेषज्ञों से शीघ्र संपर्क कर पर्व की परंपराओं और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर विस्तृत संवाद किया जाएगा। साथ ही, पर्व से जुड़े प्रमुख लोकगीत, ताड़ (धुन) और पारंपरिक नृत्य कलाओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए ठोस पहल की जाएगी।

समिति ने कोल्हान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने का संकल्प लिया। आयोजन की व्यवस्थाओं को लेकर प्रबंधन समिति द्वारा प्रत्येक छोटी-बड़ी व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई। सांस्कृतिक शोभायात्रा में हो’ समुदाय के पारंपरिक एवं वास्तविक परिधानों को प्राथमिकता देने का भी निर्णय लिया गया।

प्रचार-प्रसार को प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न मीडिया चैनलों, अखबारों के संपादकों, सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स, यूट्यूबर्स और इंफ्लुएंसर्स के साथ बैठक आयोजित करने पर सहमति बनी। आयोजन में स्थानीय कलाकारों, साहित्यकारों, खिलाड़ियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों, उद्योगपतियों, व्यावसायिक समूहों और बुद्धिजीवियों के साथ-साथ हो’ समुदाय के बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को आमंत्रित करने की योजना बनाई गई है।
आर्थिक सहयोग के लिए सबसे पहले सक्रिय सदस्यों से सहयोग राशि एकत्रित करने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा, आयोजन की सफलता सुनिश्चित करने हेतु विशेष स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण देकर एक सशक्त टीम तैयार की जाएगी।
बैठक में अध्यक्ष संजय सरिल देवगम, सचिव रेयांश समाड, प्रबंधक साधु हो’, कोषाध्यक्ष सत्यजीत सुंडी, मीडिया प्रभारी गुरु चरण सिंकु, सलाहकार प्रकाश पुरती, संरक्षक बबलू बानरा, जिला परिषद सदस्य माधव चंद्र कुंकल सहित कई अन्य सदस्य और पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां एवं पश्चिम सिंहभूम के सक्रिय युवा नेतृत्वकर्ता उपस्थित रहे।




























