राज्य

यूसीआईएल बदुंहुडंग माइंस पाँच दिनों से बंद, विस्थापित कमेटी का नए टेंडर पर विरोध

यूसीआईएल बदुंहुडंग माइंस पाँच दिनों से बंद, विस्थापित कमेटी का नए टेंडर पर विरोध

जमशेदपुर : 14 नबंवर शुक्रवार (पूर्वी सिंहभूम)सुंदरनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया लिमिटेड (UCIL) की बदुंहुडंग ओपेन कस्ट माइंस में नया टेंडर जारी होने के बाद पिछले पाँच दिनों से बदुंहुडंग-केरुवाडुंगरी एंव प्रभावित संयुक्त विस्थापित कमेटी द्वारा ओपन कास्ट माइंस का संचालन ठप कर दिया गया है।

विस्थापित कमेटी ने UCIL प्रबंधन पर आरोप लगाया है कि वर्ष 2023 में हुआ लिखित समझौता कंपनी द्वारा लागू नहीं किया गया। साथ ही कमेटी का कहना है कि ओपन कास्ट माइंस में प्रबंधन ने UCIL कर्मचारियों की एक अलग कमेटी  बनाकर ठेका कार्य को उन्हीं के माध्यम से चलाना शुरू कर दिया है, जिससे मूल विस्थापित परिवारों को—

स्थायी नौकरी,

ठेकेदारी में काम

तथा मृत्यु परिजन को समय पर नौकरी


जैसी सुविधाएँ नहीं मिल पा रही हैं।



15 वर्षों से ठेकेदारी का आरोप :

कमेटी का यह भी आरोप है कि UCIL प्रबंधन और कुछ स्थायी कर्मचारियों की मिलीभगत से एक दल पिछले 15 वर्षों से ठेकेदारी व्यवस्था में काम कर रहा था। लेकिन नए टेंडर चार माह का लागू होते ही स्थिति बदल गई।

सोमवार को विस्तापित परिवार द्वारा ओपन कास्ट माइंस बंद होने की खबर मिलते ही पुराने ठेकेदार मजदूर अपने संगठन अध्यक्ष के साथ आकर नए संयुक्त विस्थापित कमेटी पर धावा बोल दिया।इसी दौरना धरना पर बैठी कई महिला प्रदर्शनकारी पीटकर घायल कर दी गईं।



त्रिपक्षीय वार्ता भी विफल :

तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए कंपनी प्रबंधन ने गुरुवार दिनांक 13 नबंवर को दोनों पक्षों को बुलाकर त्रिपक्षीय बैठक की। करीब दो घंटे चली बैठक के बाद भी समाधान नहीं निकल सका।बदुंहुडंग-केरुवाडुंगरी एंव प्रभावित संयुक्त विस्थापित कमेटी ने आरोप लगाया कि प्रबंधन लगातार पुराने दल का ही समर्थन करता रहा।

नई संयुक्त विस्थापित कमेटी ने असहमति जताते हुए
बैठक को छोड़कर वापस धरना स्थल पल लौट आई और अपनी पुरानी माँगों पर अडिग रही।

आज शाम खबर लिखे जाने तक केरुवा डुंगरी के दोनों स्थायी कर्मचारी राधे गोप (कर्मचारी संख्या 20089) और जेना हो (कर्मचारी संख्या 20060) को कंपनी प्रबंधन द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

कंपनी प्रबंधन का आरोप है कि दोनों कर्मचारियों ने स्थानीय ग्रामीणों एवं बदुंहुडंग–केरुवाडुंगरी संयुक्त प्रभावित विस्थापित कमेटी को उकसा कर मांइस बंदी को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई है।
वहीं,अब आगे देखना होगा कि दोनों कर्मचारियों ने अपने गांव के हक के लडा़ई आवाज बनने में कंपनी प्रबंधन कितना दोषा करार देकर उनके विरुद क्या करवाई करतें हैं।

ऐसे में सवाल यह भी उठ रहा है—कंपनी समर्थित कर्मचारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं?

विस्थापित समिति और स्थानीय ग्रामीणों का सबसे बड़ा प्रश्न यही है कि जब कंपनी प्रबंधन के समर्थन में कुछ कर्मचारियों ने जबरन मारपीट कर काम चालू कराया जा रहा था, तो उन पर अब तक पुलिस प्रशासन और कंपनी प्रबंधन की ओर से कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई?

विस्तापित परिवारों का आरोप है कि :

कंपनी के पक्ष में खड़े कुछ कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर धमकी, धक्का-मुक्की और जबरदस्ती काम शुरू करा रहा था,

परंतु घटना के वीडियो और गवाह मौजूद होने के बावजूद पुलिस ने कोई संज्ञान नहीं लिया।


नराज विस्तापित परिवारों के लोगों का कहना है कि

> “क्या कानून केवल विस्थापितों और ग्रामीणों के लिए है?
जब मारपीट कंपनी समर्थित कर्मचारियों ने की है, तो उन पर कार्रवाई कौन करेगा?”

इन सवालों के जवाब का इंतजार अब भी बना हुआ है।

ग्रामीणों और विस्थापित कमेटी द्वारा पिछले पाँच दिनों से मांइस बंद कर नए टेंडर का विरोध जारी है।



हमारी माँगे :-

1. बान्दुहूडाँग से विस्थापित हुए विस्थापित एवं प्रभावित परिवारों को ठेकेदारी में 70% तक बहाली किया जाए।

2. बान्दुहूडाँग परियोजना से विस्थापित हुए मृत्यु केस को अविलंब नियोजन प्रक्रिया पूरी कर स्थायी नौकरी दिया जाए।

3. 2004-05 के बचे सभी विस्थापितो को यूसिल में नियोजन प्रक्रिया पूरी कर स्थायी नौकरी दिया जाए ।

4. 2004 – 05 विस्थापितों के पुनर्वास कर उनका संपूर्ण विकास किया जाए एवं मुआवजा दिया जाए ।

5. ऐसे विस्थापित कर्मी जो यूसिल में नौकरी के दौरान मृत्यु हुई है उनके आश्रित को 90 दिनों के अंदर नौकरी में बहाल किया जाए।

6. ऐसे विस्थापित जो नौकरी के उपरान्त अस्वस्थ्य होने के कारण अथवा नौकरी में लम्बे समय तक अनुपस्थित होने के कारण उन्हें नौकरी से बेदखल कर दिया गया है उनके आश्रितो को अविलम्ब नौकरी प्रदान किया जाए ।

चाईबासा कांग्रेस भवन में पंडित नेहरू की जयंती पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित

चाईबासा कांग्रेस भवन में पंडित नेहरू की जयंती पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित

चाईबासा : देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की जयंती शुक्रवार को चाईबासा स्थित कांग्रेस भवन में श्रद्धापूर्वक मनाई गई। कांग्रेसजनों ने नेहरू के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।

कार्यक्रम में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. प्रदीप कुमार बलमुचू ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद नेहरू ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और दूरदर्शिता से भारत को एक सशक्त, समृद्ध और आधुनिक राष्ट्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि नेहरू आर्थिक रूप से कमजोर लोगों और बच्चों के प्रति विशेष संवेदनशील थे और देश के विकास को हमेशा प्राथमिकता देते थे।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नेहरू के संकल्पों को दोहराते हुए उन्हें पूरा करने के लिए निरंतर प्रयास करने का संकल्प लिया। साथ ही बाल दिवस के अवसर पर छात्रों को शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम में कांग्रेस जिला प्रवक्ता त्रिशानु राय, जिला महासचिव लियोनार्ड बोदरा, जिला सचिव जया सिंकु, जानवी कुदादा, प्रखंड अध्यक्ष दिकु सावैयां, नगर उपाध्यक्ष मोहम्मद ऐसान, नगर महासचिव मोहम्मद शहजादा, वरिष्ठ कांग्रेसी विक्रमादित्य सुंडी, मेवालाल होनहागा, पोन्डेराम सामाड, विजय सिंह तुबिद, महीप कुदादा, प्रताप सिंह सावैयां, सुशील दास और तिलक पान सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे।

चक्रधरपुर स्टेशन का नया भवन जनवरी में खुलेगा, यात्रियों को मिलेंगी अत्याधुनिक सुविधाएँ

चक्रधरपुर स्टेशन का नया भवन जनवरी में खुलेगा, यात्रियों को मिलेंगी अत्याधुनिक सुविधाएँ

चक्रधरपुर : चक्रधरपुर वासियों और रेल यात्रियों को नए साल में बड़ी सौगात मिलने वाली है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार चक्रधरपुर स्टेशन के नवनिर्मित भवन का निर्माण कार्य दिसंबर तक पूरा हो जाएगा। जनवरी में इस नए भवन को औपचारिक रूप से जनता और यात्रियों को समर्पित किया जाएगा।

नए स्टेशन भवन में यात्रियों के लिए अत्याधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। दिव्यांगों के लिए फुटओवर ब्रिज पर लिफ्ट की व्यवस्था होगी, जबकि आम यात्रियों के लिए एस्केलेटर लगाए जाएंगे। भवन के अंदर आरक्षण एवं टिकट काउंटर, स्टेशन कार्यालय, पैनल रूम, आरपीएफ कार्यालय, प्रतीक्षालय, भोजनालय और पेयजल की बेहतर सुविधा रहेगी।

स्टेशन के बाहर वाहन पार्किंग की व्यवस्था के साथ झारखंड की संस्कृति की झलक भी देखने को मिलेगी। नए भवन के घनी आबादी वाले क्षेत्र में होने से यात्रियों को स्टेशन तक पहुँचने में ओवरब्रिज या अंडरब्रिज की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे दूरी भी कम होगी।

पुराने स्टेशन भवन और वीआईपी गेट का भी पुनर्विकास किया जाएगा। इससे सड़क यातायात, पार्किंग और सुरक्षा व्यवस्था में सुधार होगा। नया स्टेशन भवन चक्रधरपुर की छवि को निखारेगा और यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव प्रदान करेगा।

टोंटो में अबुआ आवास के लाभुकों का गृह प्रवेश, मंत्री दीपक बिरुवा ने किया शुभारंभ

टोंटो में अबुआ आवास के लाभुकों का गृह प्रवेश, मंत्री दीपक बिरुवा ने किया शुभारंभ

झींकपानी : टोंटो प्रखंड की सिरिंगसिया पंचायत के ग्राम सिरिंगसिया में अबुआ आवास योजना के लाभुक सुशीला लागुरी का गृह प्रवेश गुरुवार को मंत्री दीपक बिरुवा ने कराया। इसके अलावा टोंटो की बड़ाझींकपानी पंचायत और केंजरा के अन्य लाभुकों का भी गृह प्रवेश संपन्न हुआ।

मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार गरीबों को आवास योजना का लाभ देकर उनका सपना पूरा कर रही है। कार्यक्रम में टोंटो प्रखंड प्रमुख अनिता बारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी ललित कुमार भगत, संबंधित पंचायतों के मुखिया और लाभुक उपस्थित थे।

उपायुक्त ने टोंटो और नोआमुंडी में एकलव्य आवासीय विद्यालयों का निरीक्षण, नामांकन और सुविधाओं की समीक्षा की

उपायुक्त ने टोंटो और नोआमुंडी में एकलव्य आवासीय विद्यालयों का निरीक्षण, नामांकन और सुविधाओं की समीक्षा की

चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त चंदन कुमार ने परियोजना निदेशक आईटीडीए जयदीप तिग्गा के साथ एकलव्य आवासीय आदर्श विद्यालय टोंटो और नोआमुंडी का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दोनों विद्यालयों के छात्रों ने स्वागत गीत गाकर उनका अभिनंदन किया।

टोंटो (पेरेंट) परिसर से हाटगम्हरिया (सिस्टर) और नोआमुंडी (पेरेंट) परिसर से मनोहरपुर (सिस्टर) एकलव्य विद्यालयों का संचालन हो रहा है। टोंटो और हाटगम्हरिया में कक्षा 6, 7 और 8 के लिए कुल 180 छात्रों का नामांकन हो चुका है, जबकि नोआमुंडी और मनोहरपुर में 81 छात्रों का नामांकन हुआ है। नामांकन प्रक्रिया जारी है और सभी आवेदकों को कक्षाएं शुरू होने की सूचना दे दी गई है। सिंहभूम प्रमंडल के अन्य जिलों से भी छात्र प्रवेश ले रहे हैं।

उपायुक्त ने बताया कि जिले में कुल 11 नए एकलव्य आवासीय आदर्श विद्यालय शुरू किए जा रहे हैं, जिनमें पांच पेरेंट और पांच सिस्टर विद्यालय शामिल हैं। अध्यापन कार्य शुरू करने के लिए सभी तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालय की आधारभूत सुविधाओं, छात्रावास, रसोई और डाइनिंग हॉल का जायजा लिया। साथ ही छात्रों के सुरक्षित आवास, पौष्टिक भोजन और स्वास्थ्य सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने आवासीय विद्यालयों में चिकित्सकों की प्रतिनियुक्ति करने को भी कहा।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने शिक्षण व्यवस्था की समीक्षा की और छात्रों से बातचीत कर स्थिति की जानकारी ली। टोंटो-हाटगम्हरिया में 8 अतिथि शिक्षक और 13 चतुर्थ वर्ग कर्मी तथा नोआमुंडी-मनोहरपुर में 10 अतिथि शिक्षक और 10 चतुर्थ वर्ग कर्मी प्रतिनियुक्त हैं। जिन अतिथि शिक्षकों ने योगदान नहीं दिया है, उनके स्थान पर प्रतीक्षा सूची से नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है।

विद्यालयों में रहने, खाने और पढ़ाई से जुड़ी सामग्री जैसे खाद्य पदार्थ, बर्तन, पठन-पाठन सामग्री, कंबल और चादर की आपूर्ति पूरी कर ली गई है। नामांकन बढ़ने के साथ छात्रों की पोशाक और किताबों की आपूर्ति के लिए भी आदेश जारी कर दिए गए हैं।

खरसावां विधायक ने मुख्यमंत्री से सड़क सुधार योजना पर की मुलाकात

खरसावां विधायक ने मुख्यमंत्री से सड़क सुधार योजना पर की मुलाकात

खरसावां : खरसावां विधायक दशरथ गागराई ने गुरुवार को रांची में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की। उन्होंने खरसावां–कुचाई–दलभंगा मार्ग की राइडिंग क्वालिटी सुधारने के लिए योजना को स्वीकृति देने का आग्रह किया। विधायक ने बताया कि 21 करोड़ रुपये की प्राक्कलित लागत वाली यह योजना विभाग में विचाराधीन है। उनके अनुसार, सड़क निर्माण होने से क्षेत्र के लोगों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी। बैठक में विधायक ने अन्य सड़कों के जीर्णोद्धार की मांग भी रखी और क्षेत्र की समस्याओं की ओर मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित किया।

झारखंड स्थापना दिवस पर चक्रधरपुर में साइकिल रैली: उपायुक्त ने दिया एकता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश

झारखंड स्थापना दिवस पर चक्रधरपुर में साइकिल रैली: उपायुक्त ने दिया एकता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश

चक्रधरपुर : झारखंड राज्य के 25वें स्थापना वर्षगांठ के अवसर पर “Know Your Tourist Place” कार्यक्रम के तहत गुरुवार को चक्रधरपुर प्रखंड कार्यालय से साइकिल रैली निकाली गई। रैली का नेतृत्व जिला दंडाधिकारी-cum-उपायुक्त चंदन कुमार ने किया।

Group of Cyclists की यह रैली शहर के विभिन्न इलाकों से गुजरते हुए लगभग 10 किलोमीटर की दूरी तय कर केरा मंदिर तक पहुँची। उपायुक्त चंदन कुमार ने स्वयं साइकिल चलाकर पर्यावरण संरक्षण और एकता का संदेश दिया। उन्होंने राज्य की 25वीं वर्षगांठ पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि झारखंड मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में लगातार विकास की ओर बढ़ रहा है। साथ ही उन्होंने बताया कि प्रशासन विकास योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

रैली में अनुमंडल पदाधिकारी पोड़ाहाट-चक्रधरपुर, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, जिला खेल पदाधिकारी समेत कई विभागीय अधिकारी और साइकिल प्रेमी शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य जिले के पर्यटन स्थलों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और जन सहभागिता को प्रोत्साहित करना था।

मनोहपुर में 14 नवंबर को आठ घंटे बिजली कटौती

मनोहपुर में 14 नवंबर को आठ घंटे बिजली कटौती

मनोहपुर : झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 14 नवंबर 2025 (शुक्रवार) को 33/11 केवी मनोहपुर विद्युत उपकेंद्र से जुड़े कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी।

यह कटौती 11 केवी के दो ब्रेकरों के अधिष्ठापन और मरम्मती कार्य के कारण की जाएगी। इस दौरान सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक बिजली आपूर्ति पूरी तरह बंद रहेगी।

प्रभावित क्षेत्र:
मनोहपुर, मनोहपुर बाजार, छोटानागरा, जराइकेला, पोटका और पोसीता।

विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि आवश्यक कार्य समय से पहले पूरा कर लें। यह कार्य विद्युत प्रणाली को अधिक सुदृढ़ और सुरक्षित बनाने के लिए किया जा रहा है।

आपात स्थिति में संपर्क:

मनोहपुर कॉल सेंटर: 9430737846

सहायक विद्युत अभियंता, चक्रधरपुर: 9431135942

झारखंड स्थापना दिवस पर 2 दिवसीय भव्य महोत्सव: जतरा, ड्रोन शो और सांस्कृतिक प्रदर्शनी के साथ राज्य मनाएगा 25 वर्ष

झारखंड स्थापना दिवस पर 2 दिवसीय भव्य महोत्सव: जतरा, ड्रोन शो और सांस्कृतिक प्रदर्शनी के साथ राज्य मनाएगा 25 वर्ष

रांची : झारखंड अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे करने जा रहा है। इस अवसर पर रांची के मोरहाबादी मैदान में 15 और 16 नवंबर को दो दिवसीय भव्य महोत्सव आयोजित किया जाएगा। रांची के डीसी मंजूनाथ भजंत्री के अनुसार, 15 नवंबर को कार्यक्रम की शुरुआत दोपहर 2 बजे होगी, जिसमें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

16 नवंबर को पहली बार राज्य में ‘जतरा’ का आयोजन किया जाएगा। यह जुलूस डोरंडा से शुरू होकर कचहरी चौक होते हुए जेल पार्क में समाप्त होगा। इसमें करीब 4000 कलाकार शामिल होंगे। शाम को मोरहाबादी में भव्य ड्रोन शो आयोजित किया जाएगा, जिसमें बिरसा मुंडा की जीवनी और झारखंड की संस्कृति को आकर्षक दृश्यों के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा।

दूसरे दिन महोत्सव में सरकार के सभी विभागों के स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां जनता को योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी दी जाएगी। भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती और दिशोम गुरु शिबू सोरेन के जीवन पर आधारित विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। साथ ही एक इमर्सिव ज़ोन बनाया जा रहा है, जिसमें झारखंड की संस्कृति, विकास और विरासत से जुड़े इंटरैक्टिव फिल्में और प्रेजेंटेशन दिखाए जाएंगे। तैयारियों की समीक्षा कल्याण आयुक्त कुलदीप चौधरी की अध्यक्षता में की गई बैठक में की गई।

भीड़ को देखते हुए रांची जिला प्रशासन ने ट्रैफिक व्यवस्था के लिए विशेष योजना बनाई है। राजधानी में 8000 पुलिसकर्मियों की तैनाती होगी, जिनमें 2000 महिला और 6000 पुरुष कर्मी शामिल होंगे। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया जाएगा और मोरहाबादी क्षेत्र में पार्किंग व प्रवेश मार्गों की नई व्यवस्था की गई है।

शहर के प्रमुख स्थानों पर झारखंड की संस्कृति और वीरों की झलक दिखाती वाल पेंटिंग भी बनाई जा रही है। महोत्सव में प्रदर्शनी, सांस्कृतिक कार्यक्रम और राज्य के इतिहास से जुड़े आयोजन शामिल होंगे। सरकार इस रजत जयंती वर्ष को झारखंड की परंपरा, गौरव और प्रगति के प्रतीक के रूप में मनाने की तैयारी कर रही है।

खेती-बाड़ी और विरासत के संरक्षण में जुटे एंटी करप्शन ऑफ इंडिया के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष धी. रामहरि पेरियार

खेती-बाड़ी और विरासत के संरक्षण में जुटे एंटी करप्शन ऑफ इंडिया के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष धी. रामहरि पेरियार

चाईबासा : पश्चिम सिंहभूम जिला के मंझारी प्रखंड अंतर्गत दुदुर पहाड़ी क्षेत्र का ग्राम मेरोम होनर पातासाई इन दिनों खास चर्चा में है। यहां एंटी करप्शन ऑफ इंडिया के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष तथा रांची लोकसभा और ईचागढ़ विधानसभा से चुनाव लड़ चुके धी. रामहरि पेरियार इन दिनों अपनी पैतृक भूमि पर लौटकर खेती-बाड़ी में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

गांव के आसपास इन दिनों धान की फसल कटाई और भंडारण का काम तेजी से चल रहा है। किसान खेतों से धान उठा कर साफ-सफाई के बाद बोरे में भर रहे हैं। मेहनती साथियों की लगन और सामूहिक प्रयासों से अधिकांश घरों में अब एक साल का अनाज व्यवस्थित रूप से सुरक्षित हो चुका है।

इसी बीच धी. रामहरि पेरियार ने अपनी व्यस्त राजनीतिक और सामाजिक जीवन से समय निकालकर अपनी विरासत में मिली संपत्ति को संवारने और खेती-बाड़ी की देखरेख पर विशेष ध्यान दिया है। वे स्वयं खेतों का निरीक्षण कर रहे हैं और ग्रामीणों के साथ खेती की योजनाओं पर चर्चा भी कर रहे हैं।

धी. पेरियार का कहना है खेती केवल अन्न उत्पादन का माध्यम नहीं, बल्कि यह हमारी परंपरा, जड़ों और आत्मनिर्भरता की पहचान है।
    उनका यह कदम न सिर्फ ग्रामीण समाज में जागरूकता और आत्मनिर्भरता का संदेश देता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि नेतृत्व तभी सार्थक है जब वह अपनी जड़ों से जुड़ा रहे।