पश्चिमी सिंहभूम : सुदूरवर्ती गांव कोटसोना निवासी घनश्याम जमुदा ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन के बल पर राष्ट्रीय स्तर पर जिले और राज्य का नाम रोशन किया है। एसजीएफआई अंडर-19 राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में घनश्याम ने असाधारण प्रदर्शन करते हुए दो रजत एवं एक कांस्य पदक अपने नाम किए हैं। उनकी इस उपलब्धि से न केवल उनका परिवार, बल्कि पूरा जिला गौरवान्वित महसूस कर रहा है।
घनश्याम के पिता दिहाड़ी मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं, जबकि उनकी मां रेजा कुली का कठिन श्रम करती हैं। सीमित संसाधनों और आर्थिक तंगी के बावजूद माता-पिता ने कभी उनके सपनों को टूटने नहीं दिया। घनश्याम ने भी गरीबी को कमजोरी नहीं, बल्कि अपनी ताकत बनाकर आगे बढ़ने का रास्ता चुना।
वर्तमान में घनश्याम तुरतुंग तीरंदाजी प्रशिक्षण केंद्र, सिकुरसाई (चाईबासा) में नियमित प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। यहां उन्हें प्रशिक्षक महर्षि महेंद्र सिंकु का स्नेहपूर्ण मार्गदर्शन, अनुशासन और तकनीकी प्रशिक्षण मिला, जिसने उनकी प्रतिभा को सही दिशा देने में अहम भूमिका निभाई। प्रशिक्षण केंद्र की खेल सुविधाओं और प्रशिक्षक की मेहनत का परिणाम आज राष्ट्रीय स्तर पर दिखाई दे रहा है।
घनश्याम इससे पहले दो जूनियर नेशनल और एक सीनियर नेशनल प्रतियोगिता में भी भाग ले चुके हैं। वर्तमान में वे ताम्बों, चाईबासा में रहकर पढ़ाई के साथ-साथ तीरंदाजी का अभ्यास कर रहे हैं। वे जी.सी. जैन कॉमर्स कॉलेज, चाईबासा में 12वीं के छात्र हैं।
घनश्याम की इस सफलता से गांव कोटसोना में खुशी का माहौल है। जिले के खेल प्रेमियों, सामाजिक संगठनों और युवाओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। प्रशिक्षक की अगुवाई में प्रशिक्षण केंद्र चाईबासा के तीरंदाजों ने घनश्याम के घर जाकर उनके माता-पिता को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर जिला तीरंदाजी संघ के पदाधिकारी सिद्धार्थ पड़ेया, महर्षि महेंद्र सिंकु, सुमित बलमुचू, बीरसिंह पूरती, सुभाष जोंको तथा तुरतुंग तीरंदाजी प्रशिक्षण केंद्र चाईबासा के अध्यक्ष नरेंद्र कुमार पाड़ेया, उपाध्यक्ष सुशील कुमार सिंकु, सुप्रभात कुसुम देवगम, तेजनारायण देवगम, कन्हैया लाल बुड़ीउली, बीरसिंह सुंडी सहित अभिभावकों ने घनश्याम को बधाई दी।
घनश्याम जमुदा की यह उपलब्धि उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो अभावों और चुनौतियों के बावजूद अपने सपनों को साकार करने का साहस रखते हैं। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में वह न केवल राष्ट्रीय, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देश और राज्य का नाम रोशन करेंगे।

