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सरायकेला-खरसावां में ‘प्रहरी’ पहल के तहत एंटी-क्राइम चेकिंग अभियान संचालित

सरायकेला-खरसावां में ‘प्रहरी’ पहल के तहत एंटी-क्राइम चेकिंग अभियान संचालित

सरायकेला-खरसावां : “प्रहरी” पहल के तहत पुलिस अधीक्षक सराइकेला-खरसावां के निर्देशानुसार अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सरायकेला/चाण्डिल के नेतृत्व में जिले के सभी अंचल निरीक्षक और थाना प्रभारी ने पुलिस बल के साथ एंटी-क्राइम चेकिंग अभियान चलाया। इस अभियान का उद्देश्य अपराध नियंत्रण, ड्रंक एंड ड्राइव, रेस ड्राइविंग तथा अन्य आपराधिक गतिविधियों पर रोक लगाना था। सभी थाना क्षेत्रों में गहन जांच की गई।

25 साल बाद भी पिछड़ा पश्चिमी सिंहभूम: पाँचों विधानसभा क्षेत्रों में विकास कार्य ठप

25 साल बाद भी पिछड़ा पश्चिमी सिंहभूम: पाँचों विधानसभा क्षेत्रों में विकास कार्य ठप

पश्चिमी सिंहभूम : झारखंड के गठन को 25 वर्ष पूरे हो चुके हैं, लेकिन पश्चिमी सिंहभूम जिला आज भी बुनियादी विकास से वंचित है। झामुमो और कांग्रेस के लंबे शासन के बावजूद जिले की पाँचों विधानसभा—चाईबासा, मंझगांव, जगन्नाथपुर, चक्रधरपुर और मनोहरपुर—जन समस्याओं से जूझ रही हैं।

चाईबासा विधानसभा, जहाँ झामुमो के विधायक और वर्तमान मंत्री दीपक बिरूआ प्रतिनिधित्व करते हैं, जिला मुख्यालय होने के बावजूद बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी से परेशान है। शहर में ट्रैफिक अव्यवस्था और “नो एंट्री” को लेकर हाल ही में बड़े आंदोलन हुए। मेडिकल कॉलेज, सड़क और जलनिकासी जैसी योजनाएँ अधर में पड़ी हैं।

जगन्नाथपुर विधानसभा में कांग्रेस विधायक सोनाराम सिंकू के प्रति जनता की नाराज़गी बढ़ रही है। खनिज संपदा से भरपूर इस क्षेत्र में सड़क, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा के अभाव को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।

मनोहरपुर विधानसभा में वर्षों से मांझी परिवार का दबदबा है, लेकिन वाइल्ड सेंचुरी घोषित होने के बाद आदिवासी समुदाय बेहद नाराज़ है। क्षेत्र में सड़क, शिक्षा और रोजगार की स्थिति खराब है।

चक्रधरपुर विधानसभा में झामुमो विधायक सुखराम उरांव दूसरी बार चुने गए हैं, लेकिन शिक्षा, रोजगार और रेलवे क्षेत्र में स्थानीय युवाओं को अब तक कोई ठोस अवसर नहीं मिला।

मंझगांव विधानसभा में निरल पूर्ति कई बार विधायक रहने के बावजूद एक भी कॉलेज या टेक्निकल शिक्षा केंद्र नहीं बन पाया। स्वास्थ्य सेवाओं का हाल भी जर्जर है।

पश्चिमी सिंहभूम का सबसे बड़ा मुद्दा यह है कि पाँचवीं अनुसूची, वन अधिकार पट्टा और पेसा कानून के तहत मिलने वाले संवैधानिक अधिकार आज भी कागज़ों में सिमटे हुए हैं। ग्राम सभाओं की शक्ति और जल-जंगल-जमीन पर स्वामित्व लगातार कमजोर किया गया है। वर्षों तक सत्ता में रहे सांसदों और विधायकों पर जनजातीय हितों की उपेक्षा का आरोप लग रहा है।

अब आदिवासी जनता सवाल पूछ रही है — “हमारे संवैधानिक अधिकार हमें कब मिलेंगे?”

— जितेंद्र नाथ ओझा

झारखंड पुनरुत्थान अभियान की बैठक संपन्न, शिक्षा और संगठन विस्तार पर जोर

झारखंड पुनरुत्थान अभियान की बैठक संपन्न, शिक्षा और संगठन विस्तार पर जोर

टाटा कॉलेज के समीप रविवार को झारखंड पुनरुत्थान अभियान की कार्यसमिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष नारायण सिंह पूर्ति ने की।

मौके पर केंद्रीय अध्यक्ष सन्नी सिंकु ने कहा कि हर लड़ाई कानून के दायरे में रहकर लड़ी जानी चाहिए। हमें केवल अधिकारों की नहीं, बल्कि कर्तव्यों की भी समझ होनी चाहिए। उन्होंने शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि ज्ञान के बल पर ही संघर्षों में सफलता हासिल की जा सकती है।

केंद्रीय महासचिव अमृत माझी ने संगठन के पिछले माह के कार्यों की समीक्षा की और संगठन विस्तार पर बल दिया। उन्होंने बताया कि अभियान का स्थापना दिवस 22 जनवरी को मनाया जाएगा, जिसकी तैयारी शुरू कर दी गई है।

बैठक में छात्र विंग के केंद्रीय अध्यक्ष अरिल सिंकु ने पश्चिमी सिंहभूम छात्र विंग के अध्यक्ष के रूप में समीर हेंब्रम की नियुक्ति की घोषणा की।

इस अवसर पर केंद्रीय समिति सदस्य सुमंत ज्योति सिंकु, जिला उपाध्यक्ष विकास केराई, मंगल सरदार, मनोहरपुर प्रखंड अध्यक्ष विशाल गुड़िया, सदर प्रखंड अध्यक्ष सुरा पूर्ति, झींकपानी प्रखंड अध्यक्ष संतोष सवैया, जगन्नाथपुर प्रखंड अध्यक्ष विनीत लागुरी, केदारनाथ कालुंडिया, नारायण कुदादा, विश्वनाथ बोबोंगा और अन्य सदस्य उपस्थित थे।

वायरल वीडियो: चाईबासा मुफस्सिल थाना के सिविल ड्रेस में तैनात दो जवान ट्रैक्टर मालिकों से अवैध वसूली करते कैमरे में कैद

वायरल वीडियो: चाईबासा मुफस्सिल थाना के सिविल ड्रेस में तैनात दो जवान ट्रैक्टर मालिकों से अवैध वसूली करते कैमरे में कैद

8 नवंबर 2025 : चाईबासा मुफस्सिल थाना के सिविल ड्रेस में तैनात जवान औरंगजेब खान व शिव प्रकाश राम का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वे दूम्बीसाईं गिरीश ढाबा के पास ट्रैक्टर मालिकों से अवैध वसूली करते CCTV कैमरे में कैद हुए हैं।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, प्रति ट्रैक्टर ₹5,000 थाना प्रभारी का इंट्री के नाम रेट तय है, की वसूली की जाती है, वहीं अवैध मुर्गा पाड़ा, हब्बा-डब्बा और जुआ कारोबार से प्रतिमाह ₹50,000 तक की उगाही होती है।

इन सबके बावजूद थाना स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई न होना यह दर्शाता है कि अवैध कारोबार पुलिस संरक्षण में पनप रहा है। जनता जहां सुरक्षा की उम्मीद रखती है, वहीं वसूली का खेल खुलेआम जारी है।

एंटी करप्शन ऑफ इंडिया, झारखंड प्रदेश अध्यक्ष सह पूर्व प्रत्याशी धी. रामहरि पेरियार ने कहा कि सच्चाई कड़वी है लेकिन यथार्थ है, हर एक अवैध गतिविधि के पीछे पुलिस तंत्र की मिलीभगत साफ दिखती है। ‘सेवा ही लक्ष्य’ का नारा अब ‘वसूली ही व्यवस्था’ में बदल चुका है।

प्रदेश अध्यक्ष ने जिला प्रशासन एवं राज्य सरकार से तत्काल संज्ञान लेकर दोषी जवानों व संलिप्त अधिकारियों पर निलंबन और न्यायिक जांच की मांग की है।

साथ ही उन्होंने X (Twitter) के माध्यम से DC चाईबासा और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को टैग कर मामले को संज्ञान में लेकर उचित कार्यवाही सुनिश्चित करने की मांग की है। एंटी करप्शन ऑफ इंडिया ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तो यह मामला राज्यपाल, मुख्यमंत्री व मानवाधिकार आयोग तक उठाया जाएगा।

जेआरडीसीएल पर बरसे आसपा नेता सनत सिंह सरदार, बोले – सड़क सुरक्षा और स्वच्छता नियमों की उड़ाई जा रही धज्जियां

जेआरडीसीएल पर बरसे आसपा नेता सनत सिंह सरदार, बोले – सड़क सुरक्षा और स्वच्छता नियमों की उड़ाई जा रही धज्जियां

08 नवंबर 2025 : आज़ाद समाज पार्टी (आसपा) के नेता सनत सिंह सरदार ने जेआरडीसीएल कंपनी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कंपनी सड़क सुरक्षा और स्वच्छता नियमों की पूरी तरह अनदेखी कर रही है।

सरदार ने बताया कि होटल पारस से उषा मोड़ तक सड़क किनारे कचरे का अंबार लगा है, जबकि पूरे क्षेत्र से कचरा उठाने के लिए केवल एक ट्रैक्टर-ट्रॉली लगाई गई है। इससे समय पर सफाई नहीं हो पाती और आसपास का इलाका बदबू व प्रदूषण से भर गया है। उन्होंने कहा कि “प्रदूषण घटने के बजाय बढ़ रहा है और स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है।”

उन्होंने आगे बताया कि डीबीसी मोड़, मंगलम और केंदूगाछ के पास सर्विस रोड की हालत भी खराब है—जगह-जगह गड्ढे और टूटे हिस्से लोगों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं।

इसके अलावा, सड़क लाइटें भी दुरुस्त नहीं हैं। “कुछ लाइटें जलती हैं, कुछ नहीं। अंधेरे में दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है, लेकिन जेआरडीसीएल अधिकारी लापरवाह बने हुए हैं,” उन्होंने कहा।

अंत में सनत सिंह सरदार ने जिला प्रशासन से जेआरडीसीएल की लापरवाही पर तुरंत कार्रवाई की मांग की, साथ ही कहा कि जनता की सुरक्षा और स्वच्छता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।