जिला

सेरेंगसिया घाटी शहीद दिवस पर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि

सेरेंगसिया घाटी शहीद दिवस पर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि

चाईबासा : सेरेंगसिया घाटी में शहीद दिवस के अवसर पर वीर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। इस मौके पर भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री जे. बी. तुबिड ने शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर शहीदों को नमन किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री तुबिड ने कहा कि देश और समाज के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर सपूत सदैव अमर रहते हैं और उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि झारखंड की धरती वीरों की धरती रही है और सेरेंगसिया घाटी के शहीदों द्वारा जल-जंगल-जमीन एवं अपने अधिकारों की रक्षा के लिए किया गया संघर्ष इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है।
उन्होंने युवाओं से शहीदों के आदर्शों को अपनाने और राष्ट्र एवं समाज निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में प्रताप कटियार महतो, भाजपा मंडल अध्यक्ष लेबेया लागुरी, हाटगमरिया मंडल अध्यक्ष बृजमोहन चातोंबा, महेंद्र लागुरी, पूजा समिति अध्यक्ष राजू लागुरी, चंद्रमोहन तियु, झींकपानी मंडल अध्यक्ष दिलीप कुमार महतो उर्फ पप्पू महतो सहित जयकिशन बिरुली, निरेश देवगम, तरुण सवैयां, अनिल दास, लेबेया खंडाईत, डोबरो खंडाईत, सिदम लागुरी, सुमित समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

सरायकेला प्रखंड में संपूर्णता अभियान 2.0 का शुभारंभ

सरायकेला प्रखंड में संपूर्णता अभियान 2.0 का शुभारंभ

सरायकेला-खरसावां : सरायकेला प्रखंड अंतर्गत पांड्रा पंचायत भवन में सोमवार को प्रखंड प्रमुख लक्ष्मी गगराई की अध्यक्षता में संपूर्णता अभियान 2.0 के लॉन्चिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह अभियान नीति आयोग द्वारा आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम के तहत चलाया जा रहा तीन माह का राष्ट्रीय अभियान है, जो 28 जनवरी 2026 से 14 अप्रैल 2026 तक संचालित होगा।

अभियान का मुख्य उद्देश्य आकांक्षी जिलों और प्रखंडों में बुनियादी सेवाओं को सशक्त करना है। इसके तहत स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और पशु टीकाकरण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में निर्धारित समयावधि के भीतर शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रखंड प्रमुख लक्ष्मी गगराई ने सभी विभागों और जनप्रतिनिधियों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और अभियान को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग देने का निर्देश दिया।

इस अवसर पर आकांक्षी प्रखंड फेलो प्रीति सिन्हा, महिला पर्यवेक्षिका सविता सिन्हा, प्रभारी प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी अशोक महतो, प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी संजीव कुमार सहित सभी पंचायतों के मुखिया, पंचायत समिति सदस्य, वार्ड सदस्य, ग्राम प्रधान, प्रधानाध्यापिका, सेविका, एएनएम, सहिया एवं जलसहिया सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित थे।

शहीद दिवस पर सेरेंगसिया पहुंचे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, शिक्षा को बताया समाज की मजबूत नींव

शहीद दिवस पर सेरेंगसिया पहुंचे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, शिक्षा को बताया समाज की मजबूत नींव

चाईबासा : राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सोमवार को टोटों प्रखंड के सेरेंगसिया पहुंचे। शहीद दिवस के अवसर पर उन्होंने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और आयोजित सभा को संबोधित किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने शिक्षा के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपनी आने वाली पीढ़ी, विशेषकर बच्चों को शिक्षा जरूर दिलाएं, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के अभाव में समाज कमजोर होता है। उन्होंने कहा कि समाज की मजबूती के लिए जरूरी है कि बच्चे आगे चलकर जज, वकील, आईएएस और आईपीएस जैसे पदों तक पहुंचें। शिक्षा ही सामाजिक, आर्थिक और बौद्धिक विकास की मजबूत नींव है।

पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने केंद्रीय बजट 2026-27 की सराहना की

पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने केंद्रीय बजट 2026-27 की सराहना की

चाईबासा : पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने केंद्रीय बजट 2026-27 की सराहना करते हुए इसे “विकसित भारत” के निर्माण की मजबूत आधारशिला बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट देश के नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार, आत्मनिर्भर भारत को मजबूती देने और भारत को वैश्विक आर्थिक नेतृत्व की ओर ले जाने का स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत करता है।

मधु कोड़ा ने कहा कि बजट में प्रत्येक जिले में गर्ल्स हॉस्टल खोलने का प्रावधान छात्राओं को शिक्षा और रोजगार से जोड़ने की दिशा में अहम कदम है, जो महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देगा। उन्होंने इसे युवा शक्ति पर केंद्रित बजट बताते हुए कहा कि सरकार की प्राथमिकता किसानों, अनुसूचित जाति-जनजाति, महिलाओं, युवाओं और गरीब वर्ग तक विकास का लाभ पहुंचाना है।

उन्होंने रांची में निम्हांस-2 मानसिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना की घोषणा का स्वागत करते हुए कहा कि इससे राज्य और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की दवाओं को सस्ता किए जाने से आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कुल मिलाकर केंद्रीय बजट 2026-27 देश के उज्ज्वल भविष्य की नींव को मजबूत करता है और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ने में सहायक सिद्ध होगा।

BVC क्लब के तत्वावधान में आयोजित वॉलीबॉल टूर्नामेंट का सफल समापन

BVC क्लब के तत्वावधान में आयोजित वॉलीबॉल टूर्नामेंट का सफल समापन

सरायकेला : BVC क्लब के तत्वावधान में आयोजित वॉलीबॉल टूर्नामेंट का सफल समापन हुआ। प्रतियोगिता में विभिन्न टीमों ने भाग लिया और शानदार खेल का प्रदर्शन किया।
फाइनल मुकाबले में सरायकेला की टीम ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया, जबकि चक्रधरपुर (CKP) रेलवे की टीम उपविजेता रही।
टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों में खेल भावना और उत्साह देखने को मिला। आयोजन को सफल बनाने में BVC क्लब के सदस्यों की अहम भूमिका रही।

खरकाई नदी किनारे केवट समाज ने देवी मां उहरापाट की पूजा की

खरकाई नदी किनारे केवट समाज ने देवी मां उहरापाट की पूजा की

जमशेदपुर : खरकाई नदी के तट स्थित चापड़ा घाट के पास केवट समाज द्वारा रविवार को देवी मां उहरापाट की पूजा पूरे भक्ति भाव के साथ संपन्न हुई। समाज के लोगों ने बताया कि यह पूजा परंपरागत रूप से उनके पूर्वजों द्वारा शुरू की गई थी, जिसे आज भी श्रद्धा के साथ निभाया जा रहा है। प्रतिवर्ष बसंत पंचमी के बाद यह पूजा आयोजित की जाती है।

पूजा के माध्यम से समाज एवं क्षेत्र की सुख-समृद्धि तथा विभिन्न संकटों से रक्षा के लिए देवी मां से प्रार्थना की गई। डुमरडीहा, चापड़ा, विक्रमपुर एवं दीघी गांव के केवट समाज के सदस्यों ने संयुक्त रूप से हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर क्षेत्र के बाहर से आए समाज के लोग भी शामिल हुए और प्रसाद ग्रहण किया।

पूजा-अर्चना पुजारी सकूल केवट द्वारा कराई गई। कार्यक्रम में अनुधवज केवट, राधा कृष्ण केवट, सूरज केवट, मकरधवज केवट, रंजीत केवट, डोडलो केवट, अभय केवट, झपड़ू केवट सहित केवट समाज के अनेक लोग उपस्थित रहे।

आजादी के 77 साल बाद भी सड़क से वंचित है बलिबा गांव, विकास से कोसों दूर जनता

आजादी के 77 साल बाद भी सड़क से वंचित है बलिबा गांव, विकास से कोसों दूर जनता

मनोहरपुर : देश को आज़ादी मिले 77 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन सारंडा क्षेत्र के मनोहरपुर प्रखंड अंतर्गत बलिबा गांव की स्थिति आज भी बदहाल बनी हुई है। आज़ादी से पहले बसे इस गांव तक अब तक पक्की सड़क नहीं बन पाई है। ग्रामीण आज भी कीचड़, पथरीले रास्तों और दुर्गम जंगलों से होकर आवागमन करने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण की मांग दशकों पुरानी है, लेकिन सरकार, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने इसे कभी गंभीरता से नहीं लिया। आरोप है कि चुनाव के समय विधायक और सांसद विकास के बड़े-बड़े वादे कर वोट लेते हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होते ही क्षेत्र की सुध लेने कोई नहीं पहुंचता। ग्रामीणों के अनुसार यह इलाका सिर्फ वोट बैंक बनकर रह गया है।
राजस्व देता है क्षेत्र, लेकिन सुविधाओं से वंचित जनता
सारंडा क्षेत्र प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है और यहां से होने वाला राजस्व राज्य व देश की अर्थव्यवस्था में योगदान देता है। इसके बावजूद सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली और संचार जैसी बुनियादी सुविधाएं आज भी अधूरी हैं।


मंत्रियों का दौरा, लेकिन समस्याओं पर चुप्पी :-
हाल ही में सारंडा वाइल्डलाइफ सेंचुरी को लेकर छोटानगरा में ग्राम सभा के नाम पर कई मंत्री और अधिकारी पहुंचे, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि किसी ने भी क्षेत्र की जमीनी समस्याओं को गंभीरता से नहीं समझा। ग्रामीणों का कहना है कि बड़ी योजनाओं से पहले बुनियादी जरूरतों को पूरा किया जाना चाहिए।


हक मांगने पर असंवैधानिक गतिविधियों का आरोप :-
ग्रामीणों का आरोप है कि जब वे अपने अधिकारों और सुविधाओं की मांग उठाते हैं, तो प्रशासन असंवैधानिक गतिविधियों का हवाला देकर उनकी आवाज दबा देता है। इससे क्षेत्र की स्थिति वर्षों से जस की तस बनी हुई है।


जनता के सवाल :-
बलिबा गांव सहित आसपास के ग्रामीणों का सवाल है कि क्या वे सिर्फ चुनाव के समय वोट देने के लिए हैं? क्या उनकी समस्याओं का कभी समाधान होगा? क्या आज़ादी के 77 साल बाद भी बुनियादी सुविधाएं सपना ही बनी रहेंगी?


अब भी उम्मीद की किरण :-
ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि बलिबा गांव तक जल्द पक्की सड़क का निर्माण कराया जाए, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आवागमन की समस्याओं का समाधान हो सके। जनता का कहना है कि अब उन्हें वादे नहीं, बल्कि ज़मीनी स्तर पर ठोस कार्रवाई चाहिए।

ग्राम सभा पुरनापानी की बैठक में सिंचाई योजना व सामुदायिक वन प्रबंधन पर अहम निर्णय

ग्राम सभा पुरनापानी की बैठक में सिंचाई योजना व सामुदायिक वन प्रबंधन पर अहम निर्णय

पश्चिम सिंहभूम : चाईबासा टोन्टो प्रखंड अंतर्गत पुरनापानी गाँव में रविवार को ग्राम सभा की बैठक मुंडा श्री विपिन सुन्डी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में गाँव और आसपास के क्षेत्रों के विकास से जुड़े दो प्रमुख मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

रोरो नदी से वृहद सिंचाई योजना पर नाराज़गी

बैठक में बताया गया कि 2 फरवरी 2025 को ग्राम सभा पुरनापानी द्वारा निर्णय लेकर रोरो नदी से जोड़कर वृहद सिंचाई प्रणाली स्थापित करने की माँग की गई थी। इस संबंध में सेरेंगसिया शहीद दिवस समारोह के अवसर पर झारखंड सरकार के माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन एवं जिला उपायुक्त को मांग पत्र सौंपा गया था।

मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए वरीय सचिव श्री सुनील कुमार श्रीवास्तव ने पत्रांक 7300134, दिनांक 08/03/2025 के माध्यम से जिला उपायुक्त को जांच, इस्टीमेट निर्माण एवं अग्रेतर कार्रवाई का निर्देश दिया था। बावजूद इसके, आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने पर ग्राम सभा के सदस्यों ने गहरा दुःख एवं रोष व्यक्त किया।

ग्राम सभा ने निर्णय लिया कि शीघ्र ही एक शिष्टमंडल बनाकर जिला उपायुक्त एवं मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से भेंट कर अपनी बात रखी जाएगी। ग्रामीणों ने कहा कि यदि यह सिंचाई प्रणाली बनती है तो हजारों एकड़ भूमि तथा तीन राजस्व गाँव—पुरनापानी, पेरतोल एवं गोतोमपी के किसानों को वर्षभर खेती एवं बागवानी की सुविधा मिलेगी, पलायन रुकेगा और गाँव में स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

सामुदायिक वन पट्टा प्रबंधन पर चर्चा

दूसरे मुद्दे के रूप में यह बताया गया कि पुरनापानी गाँव को 210 एकड़ 77 डिसमील वन भूमि का सामुदायिक वन पट्टा प्राप्त हुआ है। इसके संरक्षण, संवर्धन, प्रबंधन एवं आजीविका के अवसर विकसित करने हेतु ग्राम वन प्रबंधन एवं संरक्षण समिति के गठन पर चर्चा की गई।

समिति गठन के लिए दिनांक 16 फरवरी 2026 (सोमवार) की तिथि तय की गई। तकनीकी सहयोग हेतु प्रदान संस्था के वनमाली श्री बारी ने अपने सुझाव रखे तथा सामुदायिक वन अधिकारों की विस्तृत जानकारी दी।

रोरो नदी तट का भ्रमण

बैठक के उपरांत ग्राम सभा सदस्यों ने रोरो नदी तट का भ्रमण किया, जहाँ प्रस्तावित पंप हाउस, जलमीनार, जल भंडारण एवं खेतों तक पानी आपूर्ति के संभावित स्थलों का निरीक्षण किया गया। इसी के अनुरूप इस्टीमेट तैयार कराने का निर्णय लिया गया।

उपस्थित प्रमुख लोग

बैठक में ग्राम सभा अध्यक्ष श्री विपिन सुन्डी, सचिव श्री राजेन्द्र कुमार सुन्डी सहित जोकों सुन्डी, जयपाल सुन्डी, चम्बरा सुन्डी, रमेश सुन्डी, सोनाराम सुन्डी, हरिकृष्णा सुन्डी, संजय सुन्डी, पांडु कैतवार समेत सैकड़ों महिला-पुरुष ग्रामीण उपस्थित थे।

बैठक का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया।

उत्क्रमित उच्च विद्यालय डोमलाई में कक्षा 10 के विद्यार्थियों के लिए विदाई समारोह आयोजित

उत्क्रमित उच्च विद्यालय डोमलाई में कक्षा 10 के विद्यार्थियों के लिए विदाई समारोह आयोजित

मनोहरपुर : उत्क्रमित उच्च विद्यालय डोमलाई में कक्षा 10 के विद्यार्थियों के लिए विदाई समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को आगामी मैट्रिक परीक्षा के लिए प्रोत्साहित करना और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करना था। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य अमित कुमार बघेल ने 3 मार्च से शुरू होने वाली मैट्रिक परीक्षा के लिए छात्रों को शुभकामनाएं दीं और आत्मविश्वास के साथ परीक्षा देने की अपील की।

सहायक शिक्षकों ने विद्यार्थियों को मार्गदर्शन देते हुए कहा कि मैट्रिक परीक्षा दस वर्षों की मेहनत का महत्वपूर्ण परिणाम होती है। उन्होंने छात्रों से सोशल मीडिया से दूरी बनाकर पढ़ाई पर ध्यान देने, बिना तनाव के परीक्षा देने और मन लगाकर अध्ययन करने का आग्रह किया।

कार्यक्रम में विद्यालय परिवार की ओर से सभी विद्यार्थियों के सफल भविष्य की कामना की गई। समारोह में प्राचार्य अमित कुमार बघेल सहित सहायक शिक्षक मदन कुमार नायक, सुशीला टोपनो, नमिता आचार्य, मृत्युंजय डे, शिवेंद्र श्रीवास्तव, सूरज कुमार नायक, रामकिशोर महतो, प्रदीप पूर्ति समेत अन्य शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे। विदाई समारोह भावनात्मक माहौल में संपन्न हुआ।

नाम बड़े, नीयत छोटी? संसद में पेश बजट पर जनता के हितों को लेकर गंभीर सवाल:- धी. रामहरि पेरियार

नाम बड़े, नीयत छोटी? संसद में पेश बजट पर जनता के हितों को लेकर गंभीर सवाल:- धी. रामहरि पेरियार

चाईबासा : एंटी करप्शन ऑफ इंडिया, झारखंड प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व लोकसभा व विधानसभा प्रत्याशी रहे धी. रामहरि पेरियार ने संसद में आज केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं, परियोजनाओं और वादों के नाम चाहे जितने बड़े हों, यदि उनका क्रियान्वयन ईमानदारी और पारदर्शिता से नहीं होता, तो वे जनता के साथ छल के अलावा कुछ नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं होता, बल्कि यह सरकार की नीति, नीयत, चरित्र और चेहरा होता है। इससे स्पष्ट होता है कि सरकार वास्तव में गरीब, बहुजन, दलित, आदिवासी, पिछड़े और मेहनतकश वर्गों के हित में कार्य कर रही है या फिर बड़े पूंजीपतियों और कॉरपोरेट घरानों के संरक्षण में सत्ता चला रही है।
        धी. रामहरि पेरियार ने विशेष रूप से यह सवाल उठाया कि आत्मनिर्भर भारत की बात करते हुए सरकार ने सरकारी क्षेत्र को कितना मजबूत किया है और क्या यह बजट बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के कल्याणकारी संविधान की आत्मा के अनुरूप है या नहीं। उन्होंने कहा कि संविधान केवल शासन का दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह सामाजिक न्याय, समानता और मानव गरिमा की गारंटी है।
   उन्होंने आगे कहा कि आज के बजट को इस कसौटी पर भी परखा जाना चाहिए कि पिछले वर्ष के बजट में किए गए वादे और आश्वासन कितने पूरे हुए। क्या वे केवल रस्म अदायगी बनकर रह गए या वास्तव में उन्होंने जनता के जीवन में कोई सकारात्मक परिवर्तन लाया? जनता को अब केवल घोषणाएं नहीं, बल्कि ठोस परिणाम चाहिए।
    उन्होंने यह भी कहा कि वास्तविक विकास का मूल्यांकन GDP से नहीं, बल्कि आम नागरिक के जीवन में आए गुणात्मक बदलाव से किया जाना चाहिए। क्या बेरोजगारी घटी? क्या किसानों की आय बढ़ी? क्या शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास और सामाजिक सुरक्षा आम जनता तक पहुँची? यदि इन प्रश्नों का उत्तर नकारात्मक है, तो किसी भी बजट को सफल नहीं कहा जा सकता।
   धी. रामहरि पेरियार ने केंद्र सरकार से मांग की कि वह बजट के नाम पर जनता को भ्रमित करने के बजाय अपने पिछले दावों पर श्वेत पत्र जारी करे और बताए कि किस योजना का कितना लाभ जनता तक पहुँचा है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि सरकार वास्तव में अच्छे दिन लाना चाहती है, तो उसे नीयत, नीति और न्यायपूर्ण क्रियान्वयन से यह सिद्ध करना होगा, न कि केवल शब्दों और आंकड़ों के माध्यम से।
अंत में उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता सबसे बड़ी पूंजी है और उसका विश्वास खोना किसी भी सरकार के लिए सबसे बड़ा नुकसान है। इसलिए सरकार को चाहिए कि वह बजट को केवल संसद में पारित कराने का औपचारिक दस्तावेज न बनाए, बल्कि इसे जनहित, सामाजिक न्याय और संविधान की आत्मा से जोड़कर लागू करे।