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पश्चिमी सिंहभूम में डीएमएफटी अनुशिक्षक बहाली हेतु आयोजित दक्षता परीक्षा का उपायुक्त ने किया निरीक्षण

पश्चिमी सिंहभूम में डीएमएफटी अनुशिक्षक बहाली हेतु आयोजित दक्षता परीक्षा का उपायुक्त ने किया निरीक्षण

चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के सरकारी उच्च विद्यालयों में कक्षा 9–10 के विद्यार्थियों की पढ़ाई में सहयोग के लिए डीएमएफटी के तहत 190 घंटी आधारित अनुशिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया जारी है। इसी क्रम में चाईबासा के टाटा कॉलेज परिसर स्थित बहुउद्देशीय सभागार में आयोजित दक्षता परीक्षा का निरीक्षण जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री चंदन कुमार ने किया।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने परीक्षा व्यवस्था की समीक्षा की और उपस्थित अभ्यर्थियों को परीक्षा के नियमों की जानकारी दी। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी अभ्यर्थी अपने ओएमआर शीट में मांगी गई जानकारी स्पष्ट और सही रूप से भरें तथा उपस्थिति शीट में हस्ताक्षर अवश्य करें। नियमों से अवगत कराने के बाद उपायुक्त ने सभी अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं भी दीं।

दो पालियों में आयोजित इस विषय-वार दक्षता परीक्षा में कुल 895 अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया। परीक्षा में शामिल होने के लिए अभ्यर्थियों को एडमिट कार्ड आज ही समाहरणालय परिसर में वितरित किए गए।

परीक्षा संचालन के दौरान सहायक समाहर्ता श्री सिद्धांत कुमार, नजारत उप-समाहर्ता श्री देवेंद्र कुमार, खुंटपानी के बीडीओ श्री धनंजय पाठक, कार्यपालक दंडाधिकारी श्री कुमार हर्ष, जिला शिक्षा अधीक्षक श्री प्रवीण कुमार सहित अन्य प्रतिनियुक्त पदाधिकारी व कर्मी उपस्थित रहे।

मैट्रिक परीक्षा 2025 के परीक्षा केंद्रों को केवल जिला मुख्यालय में सीमित करने के निर्णय पर कड़ा विरोध:- धी रामहरि पेरियार

मैट्रिक परीक्षा 2025 के परीक्षा केंद्रों को केवल जिला मुख्यालय में सीमित करने के निर्णय पर कड़ा विरोध:- धी रामहरि पेरियार

चाईबासा : एंटी करप्शन ऑफ इंडिया के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष धी. रामहरि पेरियार ने  गुरुवार को पश्चिम सिंहभूम के उपायुक्त चंदन कुमार को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर झारखंड अधिविद्यालय परिषद् द्वारा मैट्रिक बोर्ड परीक्षा–2025 के परीक्षा केंद्रों को केवल जिला मुख्यालयों में सीमित करने के फैसले का कड़ा विरोध दर्ज कराया।
     धी. पेरियार ने कहा कि यह निर्णय न केवल अव्यावहारिक, बल्कि प्रत्यक्ष रूप से ग्रामीण छात्र–छात्राओं के भविष्य पर हमला है। प्रदेश के लाखों गरीब, पहाड़ी, दूरदराज और वन क्षेत्र के छात्रों के सामने यह निर्णय भारी संकट खड़ा कर देगा।

धी.पेरियार द्वारा बताए गए प्रमुख तथ्य और आपत्तियाँ :-

1. दशकों की सफल प्रणाली को तोड़ने का औचित्य समझ से परे
संयुक्त बिहार काल से लेकर झारखंड गठन तक परीक्षा केंद्र हमेशा स्थानीय स्तर पर ही रहते आए हैं और परीक्षा शांति व सुव्यवस्था से होती रही है। ऐसे सफल मॉडल को अचानक ध्वस्त करना प्रशासनिक विवेक की जगह छात्रों पर बोझ डालने जैसा है।

2. सुरक्षा का तर्क भ्रामक, सुविधाएँ गाँवों तक उपलब्ध
आज ग्रामीण क्षेत्रों में बैंक शाखाएँ, थाना चौकियाँ, सुरक्षित स्ट्रॉन्ग रूम, और पर्याप्त पुलिस बल—सब मौजूद हैं। प्रश्नपत्र सुरक्षा का हवाला देकर केवल शहरों में केंद्र बनाना तथ्यहीन और गैर-जरूरी है।

3. शहरों पर अनावश्यक बोझ—ग्रामीण छात्रों के लिए मानसिक व आर्थिक संकट
शहर पहले ही जाम, आवास की कमी और भीड़भाड़ से जूझ रहे हैं। लाखों ग्रामीण छात्रों को अचानक शहर भेजना महँगा किराया, अस्थायी आवास और असुरक्षित माहौल में रहने की मजबूरी पैदा करेगा—यह छात्र हित नहीं, शोषण है।

4. गरीब परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक मार
झारखंड में अधिकांश परिवार खेती, दिहाड़ी मजदूरी और मौसमी आय पर निर्भर हैं। अपने बच्चे को शहर भेजना बहुतों के लिए असंभव है। परीक्षा देना अधिकार है—उसे प्राप्त करने का रास्ता कठिन बनाना अन्याय है।

5. यातायात व्यवस्था चरमराएगी
शहरों का टेंपो/टोटो आधारित परिवहन वर्तमान लोड ही झेल नहीं पा रहा। लाखों छात्रों के एक साथ आने से यातायात व्यवस्था ठप हो सकती है, जिससे सुरक्षा और प्रबंधन दोनों प्रभावित होंगे। स्पष्ट माँग: निर्णय तुरंत वापस लिया जाए

धी पेरियार ने कहा यह निवेदन नहीं, छात्र–हित और न्याय–हित में स्पष्ट और दृढ़ माँग है कि परिषद् इस निर्णय पर तत्काल पुनर्विचार करे।
उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्रों को स्थानीय/प्रखंड स्तर पर रखना ही व्यावहारिक, सुरक्षित और छात्रहितकारी समाधान है, जिससे सभी तबके के विद्यार्थियों को समान अवसर मिल सके।
   यदि परिषद् इस अव्यावहारिक निर्णय पर अडिग रहती है, तो संगठन व्यापक जन–आंदोलन और कानूनी विकल्पों पर विचार करेगा, ताकि छात्रों का भविष्य सुरक्षित रह सके।

पश्चिमी सिंहभूम में राजस्व व भू-अर्जन कार्यों की समीक्षा बैठक—उपायुक्त ने लंबित मामलों के जल्द निष्पादन के दिए निर्देश

पश्चिमी सिंहभूम में राजस्व व भू-अर्जन कार्यों की समीक्षा बैठक—उपायुक्त ने लंबित मामलों के जल्द निष्पादन के दिए निर्देश

चाईबासा : ‌पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित सभागार में मंगलवार को उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी चंदन कुमार की अध्यक्षता में राजस्व संग्रहण, गैर-विभागीय राजस्व, नीलाम पत्र वाद, भू-अर्जन और अन्य राजस्व कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में भू-लगान, दाखिल-खारिज, ऑनलाइन राजस्व न्यायालय, अंतरविभागीय भू-हस्तांतरण, जीएम लैंड सर्वे, सीमांकन, खासमहल लीज नवीकरण और परीशोधन झारभूमि शिकायत समेत विभिन्न मामलों की बिंदुवार समीक्षा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि ऑनलाइन राजस्व न्यायालय में 5 साल से लंबित मामलों का जल्द से जल्द निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही भूमि सीमांकन के लंबित मामलों के निपटारे के लिए विशेष शिविर आयोजित किए जाएँ और राजस्व वसूली की रफ्तार बढ़ाई जाए।

गैर-विभागीय राजस्व संग्रहण की समीक्षा के दौरान बताया गया कि अब तक खनन विभाग से ₹214674.15 लाख, उत्पाद विभाग से ₹8786 लाख, राज्य कर कार्यालय से ₹28677 लाख, अवर निबंधन कार्यालय चाईबासा से ₹853 लाख, चक्रधरपुर से ₹354 लाख तथा परिवहन विभाग से लक्ष्य के विरुद्ध ₹2100 लाख का राजस्व प्राप्त हुआ है।

उपायुक्त ने चाईबासा एवं चक्रधरपुर नगर परिषद, माप-तौल विभाग, विद्युत आपूर्ति प्रमंडल, जिला मत्स्य कार्यालय और अन्य विभागों को इस वित्तीय वर्ष में निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप राजस्व संग्रहण पूरा करने का निर्देश दिया।

बैठक में भू-अर्जन से संबंधित मामलों और जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग पर प्रस्तावित रेल ओवरब्रिज तथा पथ निर्माण विभाग द्वारा संचालित सड़क परियोजनाओं की भी विस्तृत समीक्षा की गई।

पंड्रासाली में पारिवारिक विवाद के बाद युवक का आत्महत्या का प्रयास, गंभीर हालत में एमजीएम जमशेदपुर रेफर

पंड्रासाली में पारिवारिक विवाद के बाद युवक का आत्महत्या का प्रयास, गंभीर हालत में एमजीएम जमशेदपुर रेफर

पश्चिम सिंहभूम : खुंटपानी प्रखंड अंतर्गत पंड्रासाली गांव में गुरुचरण पुरती ने पत्नी से पारिवारिक विवाद के बाद आत्महत्या का प्रयास किया। उन्होंने घर में ही अपने छाती में तलवार घोंपकर खुद को घायल कर लिया।

घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों ने उन्हें तुरंत सदर अस्पताल, चाईबासा पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए एमजीएम अस्पताल, जमशेदपुर रेफर कर दिया।

परिवार की सूचना पर प्रखंड प्रमुख सिद्धार्थ होनहागा भी सदर अस्पताल पहुंचे और पीड़ित से मुलाकात की। उन्होंने पीड़ित को एमजीएम ले जाने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था कराई।

परिवार के अनुसार, घरेलू विवाद के कारण स्थिति गंभीर हो गई थी, जिससे यह दुखद घटना हुई।

सियालजोड़ा–देवगांव पीसीसी पथ निर्माण में पुल की मांग, किसानों ने जताई चिंता

सियालजोड़ा–देवगांव पीसीसी पथ निर्माण में पुल की मांग, किसानों ने जताई चिंता

चाईबासा : दिनांक 2 दिसंबर 2025 को आदिवासी किसान मजदूर पार्टी के जिला अध्यक्ष एवं जिला परिषद सदस्य मानसिंह तिरिया ने ग्रामीणों की शिकायत पर सियालजोड़ा ग्राम देवगांव में चल रहे पीसीसी पथ निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। यह सड़क मुख्य मार्ग से रामतीर्थ तक बनाई जा रही है और कार्यपालक अभियंता, लघु सिंचाई प्रमंडल चाईबासा द्वारा निर्माण कार्य कराया जा रहा है।

निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि सड़क निर्माण के बीच दो स्थानों पर पुल निर्माण की आवश्यकता है, लेकिन चिन्हांकन के दौरान इसे शामिल नहीं किया गया। किसानों का कहना है कि खेतों में पानी के प्रवाह का रास्ता बंद होने से खेती प्रभावित होगी।

ग्रामीणों ने बहादुर हांसदा के खेत (जामुन गढ़) के सामने एक पुल और राजू पुरती के खेत के सामने एक अन्य पुल निर्माण की मांग की है। इस संबंध में जब विभाग के एसडीओ से बात की गई तो उन्होंने मांग पत्र लिखित रूप में देने को कहा।

तिरिया ने बताया कि निरीक्षण के दौरान सड़क किनारे जीएसबी (GSV) की मात्रा कम पाई गई और मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी नहीं मिलने की शिकायत भी सामने आई। उन्होंने कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो मामला विभागीय स्तर तक ले जाया जाएगा।

इस मुद्दे को लेकर उपायुक्त को एक मांग पत्र सौंपा गया, जिसकी प्रति लघु सिंचाई प्रमंडल चाईबासा को भी भेजी गई है।

झारखंड आंदोलनकारी आसमान सुंडी बने संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष, चाईबासा में किया गया सम्मानित

झारखंड आंदोलनकारी आसमान सुंडी बने संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष, चाईबासा में किया गया सम्मानित

चाईबासा : झारखंड आंदोलनकारी श्री आसमान सुंडी को झारखंड आंदोलनकारी संयुक्त मोर्चा का अध्यक्ष बनाए जाने पर सोमवार को जिला परिषद कार्यालय में उनका सम्मान किया गया। प्रखंड अध्यक्ष सोमनाथ चातर और सचिव शाहिद अहमद के नेतृत्व में उन्हें फूलमाला और गुलदस्ता देकर स्वागत किया गया।

दोनों पदाधिकारियों ने कहा कि श्री सुंडी एक अनुभवी और संघर्षशील आंदोलनकारी हैं। उनके निरंतर प्रयासों का ही परिणाम है कि आज कई झारखंड आंदोलनकारियों को पेंशन का लाभ मिल रहा है और कई का चिन्हीकरण भी हो चुका है।

स्वागत समारोह में जगमोहन तिरिया, प्रमिला तिरिया, अंकुरा तिरिया, गर्दी संवैयां सहित बड़ी संख्या में आंदोलनकारी और आश्रित मौजूद थे।

कांग्रेस का राष्ट्रीय मीडिया टैलेंट हंट कार्यक्रम— सामान्य कार्यकर्ताओं को मिलेगा प्रवक्ता बनने का मौका

कांग्रेस का राष्ट्रीय मीडिया टैलेंट हंट कार्यक्रम— सामान्य कार्यकर्ताओं को मिलेगा प्रवक्ता बनने का मौका

चाईबासा : कांग्रेस द्वारा चलाए जा रहे राष्ट्रीय स्तर के मीडिया टैलेंट हंट कार्यक्रम को लेकर मंगलवार को कांग्रेस भवन, चाईबासा में प्रेस वार्ता आयोजित की गई। कार्यक्रम के कोल्हान प्रमंडल समन्वयक अख्तर अली ने बताया कि इस पहल के माध्यम से पार्टी सामान्य कार्यकर्ताओं को भी राष्ट्रीय स्तर पर प्रवक्ता बनने का अवसर दे रही है। चयन प्रक्रिया पूरी तरह इंटरव्यू आधारित होगी और सभी स्तरों पर प्रवक्ताओं की नियुक्ति इसी कार्यक्रम के माध्यम से की जाएगी।

अख्तर अली ने बताया कि आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से उपलब्ध है। इच्छुक कार्यकर्ता क्यूआर कोड के जरिए गूगल फॉर्म भर सकते हैं या कांग्रेस भवन, चाईबासा में कार्यालय सचिव से ऑफलाइन फॉर्म लेकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 5 दिसंबर निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने एक पारदर्शी चयन प्रक्रिया तैयार की है, जिसमें पार्टी के इतिहास, विचारधारा की समझ और तर्क के साथ बहस करने की क्षमता रखने वाले युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।

उन्होंने प. सिंहभूम जिले के योग्य, प्रतिभावान और समर्पित युवाओं से इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की। अख्तर अली ने कहा कि नए और प्रतिभाशाली चेहरों को आगे लाकर कांग्रेस अपनी विचारधारा को अधिक प्रभावी तरीके से जन-जन तक पहुँचाना चाहती है।

प्रेस वार्ता में प्रदेश सचिव अशरफुल होदा, जिला प्रवक्ता त्रिशानु राय, जिला महासचिव मासूम रजा, जिला सोशल मीडिया चेयरमैन रवि कच्छप, शिवकर बोयपाई, महमूद अली, मुस्ताक आलम, अबुल खालिक, सुनील कुमार और सुशील दास सहित कई पदाधिकारी मौजूद थे।

खरसावाँ और चांडिल में किसानों को चना-सरसों बीज वितरण, 95 किसानों को मिला लाभ

खरसावाँ और चांडिल में किसानों को चना-सरसों बीज वितरण, 95 किसानों को मिला लाभ

खरसावाँ : खरसावाँ प्रखंड मुख्यालय में कृषि विभाग की ओर से किसानों के बीच चना बीज वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 30 किसानों को कुल 660 किलो चना बीज वितरित किया गया। इस अवसर पर प्रखंड प्रमुख, जिला परिषद सदस्य, एटीएम, बीटीएम, बीएओ सहित अन्य पदाधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

इसी क्रम में चांडिल प्रखंड के हेसाकोचा पंचायत में भी चना और सरसों बीज वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहाँ 65 किसानों को 130 किलो चना और 65 किसानों को 130 किलो सरसों बीज प्रदान किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने किसानों को योजनाओं और तकनीकी जानकारी से अवगत कराया।

जिले के अन्य प्रखंडों में भी प्रतिदिन चना सहित विभिन्न फसलों के प्रमाणित बीज वितरण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं, ताकि किसानों को समय पर गुणवत्तायुक्त बीज उपलब्ध हो सके और उत्पादकता में वृद्धि हो।

बीज वितरण का मुख्य उद्देश्य किसानों को बेहतर गुणवत्ता वाले चना और सरसों बीज उपलब्ध कराना, आधुनिक कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूक करना और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर दिलाना है। साथ ही वैज्ञानिक तकनीकों और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देकर सतत् कृषि विकास पर जोर दिया जा रहा है।

कुरमुण्डा के ग्रामीणों ने मालती मुण्डारी के समर्थन में सीडीपीओ को सौंपा आवेदन

कुरमुण्डा के ग्रामीणों ने मालती मुण्डारी के समर्थन में सीडीपीओ को सौंपा आवेदन

चक्रधरपुर: कुरमुण्डा पंचायत के सैकड़ों ग्रामीणों, ग्राम मुण्डा और जनप्रतिनिधियों ने सीडीपीओ श्रीमती विमला देवी को एक लिखित आवेदन सौंपकर आंगनबाड़ी केंद्र कुरमुण्डा (कोड संख्या 20368030620) की सेविका चयन प्रक्रिया में हुई देरी पर आपत्ति जताई है।

ग्रामीणों ने बताया कि 21 नवंबर 2025, शुक्रवार को लाभुकों की आमसभा और चयन समिति की बैठक आयोजित हुई थी। इस बैठक में सीडीपीओ की उपस्थिति में सेविका चयन प्रक्रिया पूर्ण की गई। चयन प्रक्रिया में कुल तीन आवेदिकाएँ शामिल थीं—

1. श्रीमती मालती मुण्डारी – 29 अंक


2. श्रीमती चुड़ामनी सरदार – 18 अंक


3. श्रीमती शिशु लिलमनी भूमिज – 14 अंक



ग्रामीणों के अनुसार, मालती मुण्डारी को सबसे अधिक अंक प्राप्त होने के बावजूद 10 दिन बीतने पर भी उनका आवेदन अनुमोदन हेतु जिला कार्यालय नहीं भेजा गया है। ग्रामीणों ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि आमसभा द्वारा चयनित सर्वोच्च अंक प्राप्त आवेदिका का समर्थन सभी ग्रामवासी करते हैं।

ग्रामीणों ने मांग की कि मालती मुण्डारी का आवेदन जल्द से जल्द जिला कार्यालय भेजकर अनुमोदित कराया जाए। आवेदन की प्रतिलिपि उपायुक्त, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी पोड़ाहाट चक्रधरपुर तथा बीडीओ चक्रधरपुर को भी प्रदान की गई है।

इस दौरान ग्राम मुण्डा भगवती गोप, वार्ड सदस्य बहादुर गागराई, सरदार मुण्डा, चैतन सरदार, मांगता सरदार, दिनेश सरकार, जयराम गोप सरदार, मुंगा लाल, राकेश सहित कई ग्रामीण उपस्थित थे।

तांतनगर मॉडल स्कूल के 100-बेड छात्रावास निर्माण में करोड़ों की बंदरबांट, ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों की लापरवाही उजागर:- धी. रामहरि पेरियार

तांतनगर मॉडल स्कूल के 100-बेड छात्रावास निर्माण में करोड़ों की बंदरबांट, ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों की लापरवाही उजागर:- धी. रामहरि पेरियार

तंतनगर : एंटी करप्शन ऑफ इंडिया के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष धी. रामहरि पेरियार ने तांतनगर प्रखंड स्थित मॉडल स्कूल के 100-बेड छात्रावास का स्थलीय निरीक्षण कर चौंकाने वाले तथ्य उजागर किए हैं। इस छात्रावास को दिसंबर 2025 तक पूर्ण रूप से बनकर स्कूल प्रबंधन को हैंडओवर हो जाना चाहिए था, लेकिन वास्तविकता यह है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद काम अधूरा, लापरवाही चरम पर और जिम्मेदार विभाग मौन है।
निरीक्षण में पाया गया कि भवन का बड़ा हिस्सा अधूरा पड़ा है।निर्माणाधीन हिस्सों पर महीनों से कोई काम नहीं हो रहा। जहां छात्रों की रौनक होनी चाहिए थी, वहाँ सिर्फ टूटी दीवारें, उखड़ी प्लास्टरिंग, धूल, जर्जर ढांचा और रुका हुआ निर्माण दिखाई देता है।
       ठेकेदार और विभागीय अधिकारी, दोनों की तरफ से पूर्ण चुप्पी और गैर-जवाबदेही। प्रदेश अध्यक्ष पेरियार ने कहा कि यह स्पष्ट रूप से जनता के पैसों की खुली लूट, शिक्षा व्यवस्था का मजाक और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। करोड़ों रुपये भुगतान के बाद भी हैंडओवर नहीं होना इस बात का प्रमाण है कि परियोजना को जानबूझकर रसातल में धकेला जा रहा है।
    उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी धन का दुरुपयोग भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21A (शिक्षा का अधिकार) और मानवाधिकारों का सीधा उल्लंघन है। छात्रों को सुरक्षित, सक्षम और पूर्ण अवसंरचना उपलब्ध कराना सरकार और प्रशासन का संवैधानिक दायित्व है। लेकिन यहाँ ठेकेदारों की मनमानी और विभाग की निष्क्रियता ने पूरे प्रोजेक्ट को बर्बादी की ओर धकेल दिया है।
धी. पेरियार ने उपायुक्त चंदन कुमार को एक्स (ट्विटर) पर टैग करते हुए तत्काल कार्रवाई की माँग की है। उन्होंने कहा कि परियोजना का तकनीकी ऑडिट कराया जाए।
सभी बिल भुगतान और ठेकेदारी अनुमोदन की जाँच हो। अधूरे निर्माण और बजट व्यय में गंभीर अनियमितताओं पर आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाए।
ज़िम्मेदार अधिकारियों को जवाबदेह बनाकर कार्रवाई की समय सीमा घोषित की जाए।


अंत में प्रदेश अध्यक्ष ने स्पष्ट कहा :-


जनता के पैसे की लूट, छात्रों के भविष्य की बर्बादी और विभागीय उदासीनता को एंटी करप्शन ऑफ इंडिया किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं करेगा। यदि तत्काल कार्रवाई नहीं होती है, तो हम जनहित में बड़े स्तर पर हस्ताक्षर अभियान, जन-अधिकार मार्च और कानूनी कार्यवाही शुरू करेंगे।