खरसावां : खरसावां विधायक दशरथ गागराई ने गुरुवार को रांची में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की। उन्होंने खरसावां–कुचाई–दलभंगा मार्ग की राइडिंग क्वालिटी सुधारने के लिए योजना को स्वीकृति देने का आग्रह किया। विधायक ने बताया कि 21 करोड़ रुपये की प्राक्कलित लागत वाली यह योजना विभाग में विचाराधीन है। उनके अनुसार, सड़क निर्माण होने से क्षेत्र के लोगों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी। बैठक में विधायक ने अन्य सड़कों के जीर्णोद्धार की मांग भी रखी और क्षेत्र की समस्याओं की ओर मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित किया।
चक्रधरपुर : झारखंड राज्य के 25वें स्थापना वर्षगांठ के अवसर पर “Know Your Tourist Place” कार्यक्रम के तहत गुरुवार को चक्रधरपुर प्रखंड कार्यालय से साइकिल रैली निकाली गई। रैली का नेतृत्व जिला दंडाधिकारी-cum-उपायुक्त चंदन कुमार ने किया।
Group of Cyclists की यह रैली शहर के विभिन्न इलाकों से गुजरते हुए लगभग 10 किलोमीटर की दूरी तय कर केरा मंदिर तक पहुँची। उपायुक्त चंदन कुमार ने स्वयं साइकिल चलाकर पर्यावरण संरक्षण और एकता का संदेश दिया। उन्होंने राज्य की 25वीं वर्षगांठ पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि झारखंड मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में लगातार विकास की ओर बढ़ रहा है। साथ ही उन्होंने बताया कि प्रशासन विकास योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
रैली में अनुमंडल पदाधिकारी पोड़ाहाट-चक्रधरपुर, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, जिला खेल पदाधिकारी समेत कई विभागीय अधिकारी और साइकिल प्रेमी शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य जिले के पर्यटन स्थलों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और जन सहभागिता को प्रोत्साहित करना था।
मनोहपुर : झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 14 नवंबर 2025 (शुक्रवार) को 33/11 केवी मनोहपुर विद्युत उपकेंद्र से जुड़े कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी।
यह कटौती 11 केवी के दो ब्रेकरों के अधिष्ठापन और मरम्मती कार्य के कारण की जाएगी। इस दौरान सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक बिजली आपूर्ति पूरी तरह बंद रहेगी।
प्रभावित क्षेत्र:
मनोहपुर, मनोहपुर बाजार, छोटानागरा, जराइकेला, पोटका और पोसीता।
विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि आवश्यक कार्य समय से पहले पूरा कर लें। यह कार्य विद्युत प्रणाली को अधिक सुदृढ़ और सुरक्षित बनाने के लिए किया जा रहा है।
आपात स्थिति में संपर्क:
मनोहपुर कॉल सेंटर: 9430737846
सहायक विद्युत अभियंता, चक्रधरपुर: 9431135942
रांची : झारखंड अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे करने जा रहा है। इस अवसर पर रांची के मोरहाबादी मैदान में 15 और 16 नवंबर को दो दिवसीय भव्य महोत्सव आयोजित किया जाएगा। रांची के डीसी मंजूनाथ भजंत्री के अनुसार, 15 नवंबर को कार्यक्रम की शुरुआत दोपहर 2 बजे होगी, जिसमें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
16 नवंबर को पहली बार राज्य में ‘जतरा’ का आयोजन किया जाएगा। यह जुलूस डोरंडा से शुरू होकर कचहरी चौक होते हुए जेल पार्क में समाप्त होगा। इसमें करीब 4000 कलाकार शामिल होंगे। शाम को मोरहाबादी में भव्य ड्रोन शो आयोजित किया जाएगा, जिसमें बिरसा मुंडा की जीवनी और झारखंड की संस्कृति को आकर्षक दृश्यों के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा।
दूसरे दिन महोत्सव में सरकार के सभी विभागों के स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां जनता को योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी दी जाएगी। भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती और दिशोम गुरु शिबू सोरेन के जीवन पर आधारित विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। साथ ही एक इमर्सिव ज़ोन बनाया जा रहा है, जिसमें झारखंड की संस्कृति, विकास और विरासत से जुड़े इंटरैक्टिव फिल्में और प्रेजेंटेशन दिखाए जाएंगे। तैयारियों की समीक्षा कल्याण आयुक्त कुलदीप चौधरी की अध्यक्षता में की गई बैठक में की गई।
भीड़ को देखते हुए रांची जिला प्रशासन ने ट्रैफिक व्यवस्था के लिए विशेष योजना बनाई है। राजधानी में 8000 पुलिसकर्मियों की तैनाती होगी, जिनमें 2000 महिला और 6000 पुरुष कर्मी शामिल होंगे। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया जाएगा और मोरहाबादी क्षेत्र में पार्किंग व प्रवेश मार्गों की नई व्यवस्था की गई है।
शहर के प्रमुख स्थानों पर झारखंड की संस्कृति और वीरों की झलक दिखाती वाल पेंटिंग भी बनाई जा रही है। महोत्सव में प्रदर्शनी, सांस्कृतिक कार्यक्रम और राज्य के इतिहास से जुड़े आयोजन शामिल होंगे। सरकार इस रजत जयंती वर्ष को झारखंड की परंपरा, गौरव और प्रगति के प्रतीक के रूप में मनाने की तैयारी कर रही है।
चाईबासा : पश्चिम सिंहभूम जिला के मंझारी प्रखंड अंतर्गत दुदुर पहाड़ी क्षेत्र का ग्राम मेरोम होनर पातासाई इन दिनों खास चर्चा में है। यहां एंटी करप्शन ऑफ इंडिया के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष तथा रांची लोकसभा और ईचागढ़ विधानसभा से चुनाव लड़ चुके धी. रामहरि पेरियार इन दिनों अपनी पैतृक भूमि पर लौटकर खेती-बाड़ी में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
गांव के आसपास इन दिनों धान की फसल कटाई और भंडारण का काम तेजी से चल रहा है। किसान खेतों से धान उठा कर साफ-सफाई के बाद बोरे में भर रहे हैं। मेहनती साथियों की लगन और सामूहिक प्रयासों से अधिकांश घरों में अब एक साल का अनाज व्यवस्थित रूप से सुरक्षित हो चुका है।
इसी बीच धी. रामहरि पेरियार ने अपनी व्यस्त राजनीतिक और सामाजिक जीवन से समय निकालकर अपनी विरासत में मिली संपत्ति को संवारने और खेती-बाड़ी की देखरेख पर विशेष ध्यान दिया है। वे स्वयं खेतों का निरीक्षण कर रहे हैं और ग्रामीणों के साथ खेती की योजनाओं पर चर्चा भी कर रहे हैं।
धी. पेरियार का कहना है खेती केवल अन्न उत्पादन का माध्यम नहीं, बल्कि यह हमारी परंपरा, जड़ों और आत्मनिर्भरता की पहचान है।
उनका यह कदम न सिर्फ ग्रामीण समाज में जागरूकता और आत्मनिर्भरता का संदेश देता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि नेतृत्व तभी सार्थक है जब वह अपनी जड़ों से जुड़ा रहे।
खरसावां : खरसावां थाना क्षेत्र के कांड संख्या 75/2025 (दिनांक 12.11.2025) में दर्ज अपहरण और हत्या मामले का पुलिस ने त्वरित उद्भेदन कर लिया है।
आवेदक भीम सरदार (उम्र 20 वर्ष), निवासी– साधे चैतनपुर, ने अपने माता–पिता के अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपियों —
1. लोथो सरदार, पिता स्व. बुधन सरदार
2. गोन्दो सरदार, पिता स्व. मंगल सरदार
3. बुन्दिया सरदार, पिता स्व. चाड़ा सरदार
(सभी निवासी चैतनपुर, थाना खरसावां)
— को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में तीनों आरोपियों ने ठाकुर सरदार (उम्र लगभग 46 वर्ष) और उनकी पत्नी चांदमनी मुंडा (उम्र लगभग 41 वर्ष) की हत्या कर शव को दफनाने की बात स्वीकार की।
आरोपियों की निशानदेही पर दोनों शव रायजामा पहाड़ के पंडीलोया स्थित चैतनपुर टोला के जंगल से बरामद किए गए।
हत्या का कारण खेतों में पानी रुकवाने को लेकर चल रहा विवाद बताया गया है। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।
गिरफ्तार आरोपी:
1. लोथो सरदार
2. गोन्दो सरदार
3. बुन्दिया सरदार
(सभी – चैतनपुर, थाना खरसावां)
छापामारी दल:
समीर सवैया, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सरायकेला
नितिन कुमार सिंह, पुलिस निरीक्षक सरायकेला अंचल
गौरव कुमार, थाना प्रभारी खरसावां
रमन कुमार विश्वकर्मा, प्रभारी आमदा ओपी
प्रकाश कुमार, एएसआई
आनंद कुमार, नगेन्द्र सिंह मुंडा, सअनि
खरसावां सेट टीम
रिजर्व गार्ड खरसावां
आरक्षी 604 ठाकुर हेम्ब्रम
सरायकेला-खरसावां : “प्रहरी” पहल के तहत पुलिस अधीक्षक सराइकेला-खरसावां के निर्देशानुसार अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सरायकेला/चाण्डिल के नेतृत्व में जिले के सभी अंचल निरीक्षक और थाना प्रभारी ने पुलिस बल के साथ एंटी-क्राइम चेकिंग अभियान चलाया। इस अभियान का उद्देश्य अपराध नियंत्रण, ड्रंक एंड ड्राइव, रेस ड्राइविंग तथा अन्य आपराधिक गतिविधियों पर रोक लगाना था। सभी थाना क्षेत्रों में गहन जांच की गई।
पश्चिमी सिंहभूम : झारखंड के गठन को 25 वर्ष पूरे हो चुके हैं, लेकिन पश्चिमी सिंहभूम जिला आज भी बुनियादी विकास से वंचित है। झामुमो और कांग्रेस के लंबे शासन के बावजूद जिले की पाँचों विधानसभा—चाईबासा, मंझगांव, जगन्नाथपुर, चक्रधरपुर और मनोहरपुर—जन समस्याओं से जूझ रही हैं।
चाईबासा विधानसभा, जहाँ झामुमो के विधायक और वर्तमान मंत्री दीपक बिरूआ प्रतिनिधित्व करते हैं, जिला मुख्यालय होने के बावजूद बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी से परेशान है। शहर में ट्रैफिक अव्यवस्था और “नो एंट्री” को लेकर हाल ही में बड़े आंदोलन हुए। मेडिकल कॉलेज, सड़क और जलनिकासी जैसी योजनाएँ अधर में पड़ी हैं।
जगन्नाथपुर विधानसभा में कांग्रेस विधायक सोनाराम सिंकू के प्रति जनता की नाराज़गी बढ़ रही है। खनिज संपदा से भरपूर इस क्षेत्र में सड़क, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा के अभाव को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।
मनोहरपुर विधानसभा में वर्षों से मांझी परिवार का दबदबा है, लेकिन वाइल्ड सेंचुरी घोषित होने के बाद आदिवासी समुदाय बेहद नाराज़ है। क्षेत्र में सड़क, शिक्षा और रोजगार की स्थिति खराब है।
चक्रधरपुर विधानसभा में झामुमो विधायक सुखराम उरांव दूसरी बार चुने गए हैं, लेकिन शिक्षा, रोजगार और रेलवे क्षेत्र में स्थानीय युवाओं को अब तक कोई ठोस अवसर नहीं मिला।
मंझगांव विधानसभा में निरल पूर्ति कई बार विधायक रहने के बावजूद एक भी कॉलेज या टेक्निकल शिक्षा केंद्र नहीं बन पाया। स्वास्थ्य सेवाओं का हाल भी जर्जर है।
पश्चिमी सिंहभूम का सबसे बड़ा मुद्दा यह है कि पाँचवीं अनुसूची, वन अधिकार पट्टा और पेसा कानून के तहत मिलने वाले संवैधानिक अधिकार आज भी कागज़ों में सिमटे हुए हैं। ग्राम सभाओं की शक्ति और जल-जंगल-जमीन पर स्वामित्व लगातार कमजोर किया गया है। वर्षों तक सत्ता में रहे सांसदों और विधायकों पर जनजातीय हितों की उपेक्षा का आरोप लग रहा है।
अब आदिवासी जनता सवाल पूछ रही है — “हमारे संवैधानिक अधिकार हमें कब मिलेंगे?”
— जितेंद्र नाथ ओझा
भारत में साइबर अपराधों का एक नया और खतरनाक रूप सामने आया है — Digital Arrest. इस नए प्रकार के फ्रॉड में साइबर अपराधी खुद को पुलिस, CBI, ED या सरकारी अधिकारी बताकर लोगों को डराते हैं और उन्हें घंटों तक वीडियो कॉल पर “वर्चुअली गिरफ्तार” कर लेते हैं।
🔍 क्या है Digital Arrest?
Digital Arrest एक ऐसा साइबर स्कैम है जिसमें आरोपियों द्वारा पीड़ित को यह विश्वास दिलाया जाता है कि उन पर कोई गंभीर अपराध का आरोप है — जैसे
- ड्रग्स ट्रैफिकिंग
- मनी लॉन्ड्रिंग
- कस्टम पार्सल में अवैध सामान
- बैंक खातों में संदिग्ध लेन-देन
इसके बाद आरोपी पीड़ित को कहते हैं कि “आप अभी पुलिस स्टेशन मत आइए… आप Digital Arrest में हैं।” इसके बाद पीड़ित से
- कैमरा ऑन रखने,
- कमरे में अकेले रहने,
- कॉल कट न करने
जेसे निर्देश दिए जाते हैं।
🎭 कैसे होती है ठगी?
अपराधी सरकारी अधिकारी की वर्दी पहनकर या पृष्ठभूमि में fake ऑफिस सेटअप दिखाकर वीडियो कॉल करते हैं।
इसके बाद:
- डराकर “Verification” या “Bail Amount” के नाम पर पैसे मांगते हैं
- अकाउंट Freeze की धमकी देते हैं
- पीड़ित से Online Transfer, UPI पेमेंट या Wallet पेमेंट करवाते हैं
- कई मामलों में पीड़ित से उनकी स्क्रीन शेयर करवाकर बैंक खाते खाली कर दिए जाते हैं
📈 क्यों बढ़ रहे हैं ऐसे केस?
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले एक साल में Digital Arrest के मामले तेज़ी से बढ़े हैं।
- ज्यादा लोग ऑनलाइन हैं
- सरकारी नोटिस का डर
- ‘Virtual Officer’ का भरोसा
- साइबर अपराधियों के पास विदेशी कॉलिंग सिस्टम और डीपफेक तकनीक
ये सभी कारण इस ठगी को और खतरनाक बना रहे हैं।

⚠️ कोई भी सरकारी एजेंसी Digital Arrest नहीं करती!
यह बात जानना बहुत ज़रूरी है कि:
- पुलिस, CBI, ED, RBI, या कोई भी सरकारी विभाग फोन या वीडियो कॉल पर किसी को Arrest नहीं कर सकता।
- अगर आप पर कोई केस हो, तो पुलिस घर आकर नोटिस देगी या थाने बुलाएगी।
- कोई भी सरकारी अधिकारी पैसे लेकर केस बंद नहीं कर सकता।
🛑 कैसे बचें Digital Arrest से?
✔ किसी भी Unknown Number से आने वाले वीडियो कॉल पर भरोसा न करें
✔ सरकारी अधिकारी बनकर पैसे मांगने पर कॉल तुरंत काट दें
✔ स्क्रीन शेयर कभी न करें
✔ कॉल रिकॉर्ड करें
✔ तुरंत 1930 पर शिकायत करें
✔ साइबर क्राइम पोर्टल — www.cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें
👮 सरकार और पुलिस की चेतावनी
भारत की विभिन्न राज्य पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों ने जनता को चेतावनी दी है कि यह बढ़ता हुआ फ्रॉड है और लोगों को
- शांत रहकर
- किसी भी कॉल पर भरोसा न करते हुए
- तुरंत शिकायत करने
की सलाह दी गई है।
Digital Arrest आज का सबसे तेज़ी से फैलता साइबर अपराध है। जागरूक रहना ही इसका एकमात्र समाधान है। अगर कोई भी व्यक्ति आपको वीडियो कॉल पर डराकर पैसे मांगता है, तो समझ लीजिए — ये 100% फ्रॉड है।
जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जनजाति मोर्चा, पश्चिमी सिंहभूम के तत्वावधान में कैफेटेरिया, चाईबासा में प्रेस वार्ता आयोजित की गई। कार्यक्रम की शुरुआत जिला महामंत्री प्रताप कटिहार महतो ने मीडिया प्रतिनिधियों के स्वागत से की।
मुख्य वक्ता भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री बड़कुंवर गागराई ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने पिछले 11 वर्षों में जनजातीय समाज के उत्थान के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा ही वह पार्टी है जिसने देश को पहली बार जनजातीय समाज से राष्ट्रपति दिया, झारखंड को अलग राज्य का दर्जा दिलाया और झारखंड व छत्तीसगढ़ दोनों ही राज्यों में आदिवासी मुख्यमंत्री बनने का गौरव प्रदान किया। उन्होंने आगे कहा कि भाजपा सरकार ने वन अधिकार अधिनियम, पेसा कानून, जनजातीय मंत्रालय के सशक्तिकरण और वनभूमि पट्टा वितरण जैसे निर्णयों से जनजातीय समाज के हितों को मजबूत किया है।
पूर्व विधायक जवाहरलाल बांनरा ने कहा कि भाजपा पूरे देश में जनजातीय समुदाय के विकास और सम्मान के लिए कार्य कर रही है, जबकि झारखंड मुक्ति मोर्चा जैसी पार्टियां आदिवासियों को केवल वोट बैंक के रूप में देखती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि झामुमो सरकार के कार्यकाल में आदिवासियों पर अत्याचार बढ़े हैं, स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हुई हैं और सारंडा को रिजर्व वाइल्डलाइफ सेंचुरी घोषित कर हजारों आदिवासियों के जीवन पर संकट खड़ा किया गया है।
मोर्चा जिला अध्यक्ष तीरथ जमुदा ने बताया कि जनजातीय गौरव दिवस को लेकर 13 और 14 नवंबर को जिले में भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमाओं की सफाई, माल्यार्पण एवं दीपोत्सव कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही पारंपरिक वेशभूषा में शोभायात्रा निकालते हुए भगवान बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि दी जाएगी।
कार्यक्रम में अनिल बोदरा, चंद्र मोहन तियू, हरिचरण शांडिल, रवि बंकीरा, पवन शर्मा, राकेश पोद्दार, जगदीश निषाद, कामेश्वर विश्वकर्मा, रोहित दास, बिरजू रजक, पप्पू राय सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

