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तितिरबिला में ग्राम देवी जहेरा स्थल का विधायक दशरथ गागराई ने किया उद्घाटन

तितिरबिला में ग्राम देवी जहेरा स्थल का विधायक दशरथ गागराई ने किया उद्घाटन

सरायकेला_खरसावाँ : सरायकेला प्रखंड के नुवागांव पंचायत अंतर्गत तितिरबिला गांव में सोमवार को ग्राम देवी जहेरा स्थल का उद्घाटन खरसावां विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री दशरथ गागराई ने पूजा-अर्चना व फीता काटकर किया।

इस अवसर पर विधायक दशरथ गागराई ने कहा कि ग्राम देवी गांव की रक्षा करती हैं, इसलिए उनकी पूजा पूरे सम्मान के साथ की जाती है।

उद्घाटन समारोह में मुख्य रूप से विधायक प्रतिनिधि अर्जुन उर्फ नायडू गोप, जिला उपाध्यक्ष संजय प्रधान, विधायक प्रतिनिधि पंकज प्रधान, उप प्रमुख बासुदेव महतो, प्रखंड अध्यक्ष भगत महतो, प्रकाश महतो, अरुण जामुदा, उप मुखिया कन्हैया बेहरा, लक्ष्मण महतो, सुब्रतो कोर, गोमा पुरती, संजीव महतो, मिश्री लाल महतो, उकार मांझी, लालचंद महतो, मनसा टुडू सहित झामुमो कार्यकर्ता और ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

मुंडा जनजाति की सभा सम्पन्न, युवा पीढ़ी के भविष्य को लेकर बने महत्वपूर्ण निर्णय

मुंडा जनजाति की सभा सम्पन्न, युवा पीढ़ी के भविष्य को लेकर बने महत्वपूर्ण निर्णय

झारखंड : रांची के गोस्नर थियोलॉजिकल हॉल में 16 नवंबर को मुंडा जनजाति की महत्वपूर्ण सभा आयोजित की गई। सभा में संसद सदस्य कालीचरण मुंडा, एडिशनल कलेक्टर जेम्स सुरिन, और कोलेबिरा विधायक बिक्सल कॉङ्गारी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इसके अलावा कई पदाधिकारी, बुद्धिजीवी और युवा प्रतिनिधि भी शामिल हुए। सिमडेगा से निश्चल सोय, रॉबिन बागे, अभिषेक टोप्पो सहित कई युवा प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

सभा में लिए गए प्रमुख निर्णय:

1. शिक्षा पर जोर: युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करने, छात्रवृत्ति और कोचिंग सुविधाएँ बढ़ाने पर सहमति बनी।


2. संस्कृति संरक्षण: मुंडा भाषा, परंपराओं और संस्कृति को बचाने के लिए विशेष कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे।


3. रोजगार व कौशल विकास: युवाओं के लिए कौशल प्रशिक्षण, स्वरोजगार और आधुनिक रोजगार के अवसर बढ़ाने का निर्णय लिया गया।


4. नशामुक्ति अभियान: युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए सामुदायिक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।


5. खेल और नेतृत्व विकास: खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने और नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए मंच तैयार किया जाएगा।



सभा के अंत में वरिष्ठ सदस्यों ने कहा कि “युवा पीढ़ी ही समाज का भविष्य है। सही दिशा, शिक्षा और अवसरों से ही समाज प्रगति कर सकता है।”
समुदाय ने आशा व्यक्त की कि लिए गए निर्णय आने वाले समय में मुंडा समाज के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण साबित होंगे।

झामुमो ने गीता कोड़ा के आरोपों को बताया बौखलाहट का नतीजा

झामुमो ने गीता कोड़ा के आरोपों को बताया बौखलाहट का नतीजा

चाईबासा : पूर्व सांसद श्रीमती गीता कोड़ा द्वारा झामुमो पर लगाए गए आरोपों को पार्टी ने बौखलाहट और निराधार करार दिया है। झामुमो जिला प्रवक्ता बुधराम लागुरी ने कहा कि सारंडा मामले पर भाजपा को बयान देने से पहले आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सारंडा में हुई दो ग्राम सभाओं में भाजपा अनुपस्थित रही और अप्रत्यक्ष रूप से अडानी के पक्ष में खड़ी दिखाई दी।

लागुरी ने कहा कि झामुमो ने सारंडा के आदिवासी मूलवासियों की आवाज़ न सिर्फ राज्य सरकार तक पहुंचाई, बल्कि सुप्रीम कोर्ट में भी मजबूती से रखी। उन्होंने बताया कि आर्थिक नाकेबंदी के आंदोलन ने 18 नवंबर को होने वाले सुप्रीम कोर्ट के फैसले को प्रभावित किया, जिसके परिणामस्वरूप 13 नवंबर 2025 को ही सुप्रीम कोर्ट ने आदिवासी मूलवासियों के विस्थापन को रोकने का निर्णय लिया।

प्रवक्ता ने कहा कि भाजपा झूठे और मनगढ़ंत आरोपों से जनता को गुमराह नहीं कर सकती। जिले की जनता भाजपा की राजनीति को भली-भांति समझती है, इसी कारण विधानसभा की सभी पाँच सीटों से भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने गीता कोड़ा के बयान को ‘निराधार आरोपों का पुलिंदा’ बताया।

लागुरी ने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार पारदर्शिता और जनहित के प्रति प्रतिबद्ध है। इसके विपरीत, भाजपा विपक्ष में रहते हुए भी अफवाह फैलाने और झूठ की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि झामुमो ने सारंडा के आदिवासी मूलवासियों के जल, जंगल, जमीन की सुरक्षा के लिए हमेशा आवाज़ उठाई है, इसलिए सारंडा आंदोलन को नैतिक समर्थन देना बिल्कुल उचित था।

उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी स्पष्ट किया था कि सरकार की प्राथमिकता खनन हित नहीं, बल्कि सारंडा के आदिवासियों के अधिकार हैं, और सुप्रीम कोर्ट ने भी वन अधिकार अधिनियम को ध्यान में रखते हुए फैसला दिया है।

लागुरी ने भाजपा से पूछा कि यदि उसे वास्तव में जनहित की चिंता है, तो केंद्र सरकार से सारंडा क्षेत्र के सर्वांगीण विकास पर वार्ता करे और कोल्हान, पोड़ाहाट, सारंडा समेत जंगलों में रहने वाले आदिवासियों के लिए सड़क निर्माण में आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र उपलब्ध कराए, ताकि उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।

लखीमपोस गांव में कई दिनों से बंद बिजली बहाल, पूर्व मंत्री बड़कुंवर गागराई के हस्तक्षेप से लगा नया ट्रांसफार्मर

लखीमपोस गांव में कई दिनों से बंद बिजली बहाल, पूर्व मंत्री बड़कुंवर गागराई के हस्तक्षेप से लगा नया ट्रांसफार्मर

कुमारडुंगी : मझगांव विधानसभा क्षेत्र के कुमारडुंगी प्रखंड के लखीमपोस गांव में कई दिनों से जला हुआ 63 केवी ट्रांसफार्मर ग्रामीणों की परेशानी का कारण बना हुआ था। ट्रांसफार्मर खराब होने से गांव पूरी तरह अंधेरे में था और बच्चों की पढ़ाई व दैनिक गतिविधियाँ प्रभावित हो रही थीं।

ग्रामीणों ने सांसद, विधायक और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को समस्या की जानकारी दी थी, लेकिन समय पर समाधान नहीं मिला, जिससे नाराज़गी बढ़ती जा रही थी।

इस बीच, ग्रामीणों की समस्या की सूचना मिलने पर पूर्व मंत्री व भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बड़कुंवर गागराई ने तुरंत हस्तक्षेप किया। उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों से बात कर नए ट्रांसफार्मर की व्यवस्था कराने को कहा। उनके प्रयास के बाद विभाग ने गांव के लिए नया 63 केवी का ट्रांसफार्मर उपलब्ध कराया और बिजली बहाली का काम शुरू कर दिया गया।

ग्रामीणों ने पूर्व मंत्री के हस्तक्षेप के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि उनके प्रयास से ही समस्या का समाधान हुआ।
बड़कुंवर गागराई ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और कोई भी गांव मूलभूत सुविधाओं से वंचित न रहे।

नया ट्रांसफार्मर लगने के बाद गांव में बिजली आपूर्ति बहाल होने से लोगों ने राहत की सांस ली है और उम्मीद जताई कि आगे ऐसी समस्याओं पर शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

जी. सी. जैन कॉमर्स कॉलेज में अव्यवस्था पर NSUI का विरोध, नया भवन कब्जे में—पुराना जर्जर भवन छात्रों के लिए जोखिम

जी. सी. जैन कॉमर्स कॉलेज में अव्यवस्था पर NSUI का विरोध, नया भवन कब्जे में—पुराना जर्जर भवन छात्रों के लिए जोखिम

चाईबासा : जी. सी. जैन कॉमर्स कॉलेज की स्थिति बेहद चिंताजनक और शर्मनाक बताई जा रही है। वर्ष 2016 में कक्षाओं की कमी के कारण छात्रों को पेड़ों के नीचे पढ़ाई करनी पड़ी थी। लंबे आंदोलन और संघर्ष के बाद नया भवन तैयार हुआ ताकि छात्रों को सुरक्षित और व्यवस्थित कक्षाएँ मिल सकें।

लेकिन वर्तमान स्थिति इसके बिल्कुल उलट है। नया भवन छात्रों के बजाय स्किल डेवलपमेंट, सोलर प्लांट और अन्य गैर-शैक्षणिक गतिविधियों के लिए कब्जे में रखा गया है। कक्षाएँ बंद हैं और प्रयोगशालाओं की जगह मशीनें रखी गई हैं।

जब छात्रों ने कॉलेज प्रशासन से पूछा कि किस आदेश के आधार पर नया भवन इस तरह उपयोग किया जा रहा है, तो प्रशासन कोई भी आधिकारिक आदेश-पत्र प्रस्तुत नहीं कर सका। कई प्राध्यापक भी इस मामले से अनजान पाए गए, जिससे यह स्पष्ट होता है कि भवन का उपयोग मनमाने ढंग से और बिना अनुमति के किया जा रहा है।

प्राचार्य के रवैये पर नाराज़गी


NSUI पदाधिकारियों ने प्राचार्य पर असम्मानजनक व्यवहार का आरोप लगाया। उनका कहना है कि बातचीत के दौरान प्राचार्य का रवैया छात्रों के प्रति असंगत और संस्थान की गरिमा के विरुद्ध था। छात्रों ने कहा कि जो प्राचार्य छात्रों की बात सुनने को तैयार नहीं, उसे कॉलेज की कमान संभालने का अधिकार नहीं है।

पुराना भवन बन चुका है खतरा


कॉलेज का पुराना भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है। दीवारों में गहरी दरारें, कमजोर छतें और भूकंप जैसी स्थिति के कारण यहां पढ़ाई करना छात्रों के लिए जान जोखिम में डालने जैसा है। इसके बावजूद नया भवन खाली रखा जा रहा है और छात्र पुराने खतरनाक ढांचे में पढ़ने को मजबूर हैं।

NSUI की मुख्य मांगें :

1. नया भवन तुरंत शिक्षण कार्य के लिए खोला जाए।


2. स्किल डेवलपमेंट व अन्य गैर-शैक्षणिक गतिविधियाँ तत्काल रोकी जाएँ।


3. भवन उपयोग से संबंधित आदेश-पत्र सार्वजनिक किया जाए।


4. पुराने भवन की तकनीकी जांच कर छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।


5. प्राचार्य छात्रों से सम्मानजनक संवाद सुनिश्चित करें।



NSUI ने चेतावनी दी है कि छात्रों की पढ़ाई, सुरक्षा और भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की, तो सड़क से लेकर परिसर तक बड़े आंदोलन किए जाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी कॉलेज प्रशासन की होगी।

प्रतिनिधिमंडल में जिलाध्यक्ष अनीश गोप, महासचिव कृष्णा सिरका, कॉलेज अध्यक्ष आर्या प्रकाश सोय, सचिन बिरुवा, मुकेश नायक, बबलु कोड़ा, शिवा तिवारी, संदीप गोंड सहित कई छात्र मौजूद रहे।

प्रखंड कार्यालय में जन आरोग्य समिति के क्षमता वर्धन पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित

प्रखंड कार्यालय में जन आरोग्य समिति के क्षमता वर्धन पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित

चक्रधरपुर : प्रखंड कार्यालय के सभागार में सोमवार को टाटा स्टील फाउंडेशन और जन आरोग्य समिति के संयुक्त समन्वय से एक दिवसीय क्षमता वर्धन कार्यशाला आयोजित की गई।
कार्यक्रम में बीडीओ कांचन मुखर्जी ने भाग लेते हुए कार्यशाला के उद्देश्य और महत्व के बारे में जानकारी दी।

कार्यशाला में मुखिया, पंचायत समिति सदस्य, चिकित्सा पदाधिकारी, एनजीओ प्रतिनिधि, एएनएम और जन आरोग्य समिति के अन्य सदस्य शामिल हुए। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य समिति को अधिक प्रभावी बनाना था। इस दौरान सदस्यों की भूमिका, जिम्मेदारियाँ और स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करने में उनकी भागीदारी पर विस्तार से चर्चा की गई।

कार्यक्रम में राकेश उरांव, सुनील कुमार मारवा, छबिता प्रधान, शीला जोंको, दशना जोकों सहित कई सदस्य उपस्थित थे। कार्यशाला सफलतापूर्वक संपन्न हुई।

पटना में 20 नवंबर को एनडीए की नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह

पटना में 20 नवंबर को एनडीए की नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह

पटना : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए को प्रचंड जीत मिलने के बाद नई सरकार का गठन तेजी से हो रहा है। इसी क्रम में एनडीए सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 20 नवंबर को पटना के गांधी मैदान में आयोजित होगा।

प्रशासन ने समारोह की तैयारियों को अंतिम चरण में पहुंचा दिया है और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। सूत्रों के अनुसार, समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति की संभावना है। वीवीआईपी मूवमेंट को देखते हुए शहर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव करने पर विचार किया जा रहा है।

चुनाव में महत्वपूर्ण बहुमत मिलने के बाद एनडीए समर्थक दलों में उत्साह का माहौल है। शपथ ग्रहण समारोह में राज्य और केंद्र सरकार के कई वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है।

सारंडा मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से झामुमो–कांग्रेस सरकार घिरी, भाजपा ने लगाया जनता को गुमराह करने का आरोप

सारंडा मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से झामुमो–कांग्रेस सरकार घिरी, भाजपा ने लगाया जनता को गुमराह करने का आरोप

चाईबासा : सारंडा रिज़र्व फ़ॉरेस्ट मामले में सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश के बाद राज्य की झारखंड मुक्ति मोर्चा–कांग्रेस गठबंधन सरकार विपक्ष के निशाने पर आ गई है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि जंगलों में रहने वाले आदिवासी–मूलवासी समुदाय के अधिकार कभी समाप्त नहीं हुए थे और Forest Rights Act, 2006 की धारा 3 और 4(1) के अनुसार आवास, भूमि और सामुदायिक वनाधिकार पूरी तरह सुरक्षित हैं।

पूर्व सांसद गीता कोड़ा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला साबित करता है कि झामुमो द्वारा फैलाया गया भय और भ्रम निराधार था। भाजपा नेताओं का आरोप है कि झामुमो के सांसद, विधायक और मंत्री पहले कैबिनेट में सेंचुरी प्रक्रिया को मंजूरी देते रहे और बाद में उसी मुद्दे पर सड़क पर उतरकर जनता को गुमराह करते रहे। कभी आर्थिक नाकेबंदी की धमकी दी गई, तो कभी केंद्र सरकार पर झूठे आरोप लगाए गए। लेकिन फैसले के बाद जब यह स्पष्ट हो गया कि किसी को विस्थापित नहीं किया जाएगा, तब झामुमो ने चुपचाप नाकेबंदी वापस ले ली।

भाजपा ने कहा कि केंद्र सरकार आदिवासी समाज के संवैधानिक और पारंपरिक अधिकारों की सुरक्षा के लिए हमेशा प्रतिबद्ध रही है। FRA, PESA, वन धन योजना और जनजातीय विकास कार्यक्रम इसकी पुष्टि करते हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने भी इन अधिकारों की रक्षा को मजबूती दी है।

भाजपा का दावा है कि अब जनता समझ चुकी है कि कौन उनके जल–जंगल–जमीन का सच्चा रक्षक है और कौन राजनीति के लिए भ्रम फैलाता रहा है।

धनसारी में झारखंड स्थापना दिवस और भगवान बिरसा मुंडा जयंती धूमधाम से आयोजित

धनसारी में झारखंड स्थापना दिवस और भगवान बिरसा मुंडा जयंती धूमधाम से आयोजित

पश्चिम सिंहभूम : कुमारडुगी प्रखंड अंतर्गत भोण्डा पंचायत के धनसारी गांव में झारखंड स्थापना दिवस एवं भगवान बिरसा मुंडा जयंती का भव्य आयोजन किया गया। गांववासियों के सहयोग से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

कार्यक्रम की शुरुआत छोटे-छोटे बच्चों द्वारा प्रभात फेरी निकालने से हुई। बच्चों ने गांव के प्रत्येक कोने में जाकर लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया। इसके साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित हुए, जिसमें नाचकन, जीके, ड्राइंग और भाषण प्रतियोगिताओं ने उत्साह बढ़ाया।

कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि के तौर पर माननीय मनोज पाट पिंगुवा (पूर्व BSF) शामिल हुए। साथ ही गांव के सम्मानित शिक्षक—महेश पाट पिंगुवा, चंद्र मोहन पाट पिंगुवा, सतीश पाट पिंगुवा, दुलूराम पाट पिंगुवा, कुल कोड़ा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

इस कार्यक्रम का आयोजन उन बच्चों द्वारा किया गया जो गांव में संचालित ग्रुप स्टडी में नियमित रूप से हिस्सा लेते हैं। गांव में चार से पाँच स्थानों पर प्रतिदिन शाम को ग्रुप स्टडी चलती है। इन बच्चों ने अपने प्रयास से घर-घर जाकर जागरूकता फैलाने का बीड़ा उठाया और पूरे गांव को कार्यक्रम से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

धनसारी गांव के संयुक्त सहयोग और बच्चों के उत्साह ने इस आयोजन को विशेष और प्रेरणादायक बना दिया।

मझगांव में भाजपा का आत्मनिर्भर भारत संकल्प सम्मेलन, स्वदेशी अपनाने और स्थानीय रोजगार पर जोर

मझगांव में भाजपा का आत्मनिर्भर भारत संकल्प सम्मेलन, स्वदेशी अपनाने और स्थानीय रोजगार पर जोर

मझगांव : आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान के तहत भारतीय जनता पार्टी मझगांव विधानसभा का सम्मेलन कुमारढूंगी डाक बंगला में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा प्रदेश प्रवक्ता जे. बी. तुबिद उपस्थित थे। सम्मेलन की शुरुआत डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर पुष्प अर्पित कर की गई। संचालन मंडल महामंत्री विनय दास ने किया।

जिला संयोजक प्रताप कटियार महतो ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए सबसे पहले प्रत्येक व्यक्ति का आत्मनिर्भर होना आवश्यक है। इसके लिए स्थानीय और क्षेत्रीय रोजगार व्यवस्था को बढ़ावा देना होगा। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार कौशल विकास प्रशिक्षण और स्टार्टअप इंडिया के माध्यम से युवाओं को रोजगार व स्वावलंबन के अवसर दे रही है। महिलाओं का स्वयं सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भर होना भी सकारात्मक बदलाव है।

प्रदेश उपाध्यक्ष बड़कुवर गागराई ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ रहा है। आज भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत है और कई देश भारत के साथ व्यापारिक समझौते कर रहे हैं। पतंजलि और श्री श्री रविशंकर के माध्यम से निर्मित स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग बढ़ाकर देश को और अधिक स्वावलंबी बनाने की जरूरत है।

मुख्य अतिथि जे. बी. तुबिद ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत गांव-गांव में किसानों, महिलाओं, युवाओं और छोटे उद्यमियों को स्वदेशी उत्पादों के उपयोग और बिक्री के लिए प्रेरित करना होगा। उन्होंने कहा कि दैनिक जीवन में विदेशी वस्तुओं के स्थान पर स्वदेशी उत्पाद अपनाना जरूरी है। रक्षा और ऑटोमोबाइल क्षेत्र में भारत अब आत्मनिर्भर ही नहीं, बल्कि निर्यातक देश के रूप में भी उभर रहा है।

कार्यक्रम को युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष चंद्र मोहन तियू और वरिष्ठ कार्यकर्ता वशिष्ठ प्रधान ने भी संबोधित किया। सम्मेलन में घनश्याम पाटपिंगुवा, बेबी सिंपल, पीतांबर रावत, हरिश्चंद्र केसरी, मरचू बोदरा, खगेश्वर रावत, सुमन प्रधान, महेंद्र हेस्सा, अशोक तुम्बिल, जगदीश नायक, रामदेव पिगुवा, डमरूधर बारिक, अमरजीत कुमार, किरण नायक, सचिन नायक, कांग्रेस माझी, श्याम पिंगुवा, लक्ष्मण पिंगुवा सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित थे।