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पश्चिमी सिंहभूम में ‘सेवा का अधिकार सप्ताह’ — 21 से 28 नवंबर तक हर पंचायत में शिविर का आयोजन

पश्चिमी सिंहभूम में ‘सेवा का अधिकार सप्ताह’ — 21 से 28 नवंबर तक हर पंचायत में शिविर का आयोजन

पश्चिमी सिंहभूम : झारखंड सरकार ने पूर्व निर्धारित “आपकी योजना – आपकी सरकार, आपके द्वार” कार्यक्रम को नया स्वरूप देते हुए इसे “सेवा का अधिकार सप्ताह” नाम दिया है। यह अभियान 21 से 28 नवंबर 2025 तक पूरे राज्य में चलाया जाएगा। इसी क्रम में पश्चिमी सिंहभूम जिले के सभी पंचायतों में शिविर आयोजित करने की तैयारी पूरी कर ली गई है।

यह कार्यक्रम झारखंड राज्य सेवा देने की गारंटी अधिनियम, 2011 को प्राथमिकता देते हुए आयोजित किया जाएगा। शिविरों का उद्देश्य आम जनता को सरकारी सेवाएं समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराना और योजनाओं की जानकारी सीधे जनता तक पहुंचाना है।


पंचायत स्तर पर लगाए जाएंगे शिविर

जिले के प्रत्येक पंचायत में कम-से-कम एक शिविर अवश्य आयोजित किया जाएगा। इन शिविरों में विभिन्न सरकारी सेवाओं से संबंधित आवेदन प्राप्त किए जाएंगे और उनका त्वरित निष्पादन सुनिश्चित किया जाएगा।

singhbhum security forces

मुख्य सेवा प्रक्षेत्र (Service Focus Areas)

शिविर में निम्नलिखित सेवाओं के आवेदन प्राथमिकता के आधार पर लिए जाएंगे —

जाति प्रमाण पत्र

स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र

आय प्रमाण पत्र

जन्म प्रमाण पत्र

मृत्यु प्रमाण पत्र

नया राशन कार्ड

दाखिल-खारिज (Mutation)

भूमि की मापी

भूमि धारण प्रमाण पत्र

सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं की स्वीकृति से जुड़े आवेदन


इसके अतिरिक्त, अधिनियम में सूचीबद्ध अन्य सेवाओं एवं लोक-कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित आवेदन भी स्वीकार किए जाएंगे।

ऑन-द-स्पॉट शिकायत निवारण

शिविरों में प्राप्त सभी आवेदनों को पोर्टल पर पंजीकृत किया जाएगा।

शिकायतों का मौके पर ही समाधान करते हुए संबंधित दस्तावेज और आवेदक की तस्वीर पोर्टल पर अपलोड की जाएगी।

सॉफ्टवेयर के माध्यम से आवेदनों की ऑनलाइन ट्रैकिंग की जाएगी।

अधिनियम में निर्धारित समय-सीमा के भीतर प्रत्येक आवेदन का निष्पादन सुनिश्चित किया जाएगा।

गम्हरिया में अवैध शराब पर बड़ी कार्रवाई, चुलाई भट्टी ध्वस्त — 35 लीटर महुआ शराब जब्त

गम्हरिया में अवैध शराब पर बड़ी कार्रवाई, चुलाई भट्टी ध्वस्त — 35 लीटर महुआ शराब जब्त

गांडेडूंगरी : सरायकेला-खरसावाँ जिले में अवैध शराब के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह के निर्देश पर प्राप्त गुप्त सूचना के आधार पर 20 नवंबर 2025 को गम्हरिया थाना क्षेत्र के ग्राम गांडे डूंगरी में उत्पाद विभाग की टीम ने छापामारी अभियान चलाया।

छापामारी के दौरान अवैध रूप से संचालित एक चुलाई भट्टी को ध्वस्त किया गया। मौके पर लगभग 1000 किलोग्राम जावा को नष्ट किया गया तथा करीब 35 लीटर तैयार महुआ चुलाई शराब को जब्त किया गया। प्रशासन ने बताया कि इस अवैध गतिविधि में शामिल व्यक्तियों के विरुद्ध उत्पाद अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

उत्पाद अधीक्षक ने कहा कि जिले में अवैध शराब निर्माण एवं बिक्री पर रोक लगाने के लिए नियमित छापामारी अभियान जारी रहेंगे। संबंधित अधिकारियों को विधि-सम्मत और कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

छापामारी दल में शामिल अधिकारी और कर्मचारी :


▪ अखिलेश कुमार – अवर निरीक्षक, उत्पाद, आदित्यपुर अंचल
▪ सौदागर पंडित – सहायक अवर निरीक्षक, उत्पाद
▪ बरियार हेंब्रम – गृह रक्षक बल
▪ रंजीत कुमार – गृह रक्षक बल
▪ अन्य गृह रक्षक बल

प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि अवैध शराब के निर्माण और बिक्री की जानकारी मिलने पर तुरंत संबंधित विभाग को सूचित करें।

झारखंड की राजनीति पर कांग्रेस का पलटवार — त्रिशानु राय ने भाजपा पर लगाया अफवाह फैलाने का आरोप

झारखंड की राजनीति पर कांग्रेस का पलटवार — त्रिशानु राय ने भाजपा पर लगाया अफवाह फैलाने का आरोप

चाईबासा : प. सिंहभूम जिला कांग्रेस प्रवक्ता त्रिशानु राय ने भाजपा प्रवक्ता डॉ. अजय आलोक के एक्स पोस्ट पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि घाटशिला विधानसभा उपचुनाव में भाजपा और एनडीए गठबंधन की हार के बाद ऐसे बयान भाजपा की घबराहट और हताशा को दर्शाते हैं।

त्रिशानु राय ने आरोप लगाया कि भाजपा जब राजनीतिक या चुनावी लड़ाई में सीधे मुकाबला नहीं कर पाती है, तो अफवाहों और कयासों के जरिए अस्थिरता फैलाने की कोशिश करती है। उन्होंने डॉ. आलोक के बयान को “राजनीतिक शरारत” बताया और कहा कि इसका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जनता के दिलों में जीवंत हैं और उनका संघर्ष झारखंड की माटी, आदिवासियों और मूलवासियों के अधिकारों के लिए है। उन्होंने झामुमो के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य के बयान ‘हेमंत जीवंत है, भाजपा का अंत है’ को सही और समयोचित करार दिया।

त्रिशानु राय ने महागठबंधन की एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि कांग्रेस अपने गठबंधन सहयोगियों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा चाहे जितने भी भ्रम फैलाने की कोशिश करे, झारखंड की जनता और गठबंधन पूरी तरह एकजुट है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्थिरता और ईमानदारी के साथ काम कर रही है और आगामी चुनावों में भाजपा के मंसूबों को करारा जवाब दिया जाएगा।

अंत में, त्रिशानु राय ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि “झारखंड की राजनीति रिमोट कंट्रोल से नहीं चलती। सोशल मीडिया ट्रायल के जरिए झारखंड की सरकार को अस्थिर करने का नाकाम प्रयास बंद होना चाहिए।”

जनसेवा को समर्पित – सांसद कालीचरण मुंडा का जनता दरबार, समस्याओं का तुरंत समाधान

जनसेवा को समर्पित – सांसद कालीचरण मुंडा का जनता दरबार, समस्याओं का तुरंत समाधान

खूंटी : सांसद कालीचरण मुंडा प्रतिदिन अपने आवासीय कार्यालय में जनता दरबार आयोजित कर आम लोगों की समस्याओं और शिकायतों को सुनते हैं और उनका तुरंत समाधान कराते हैं। सांसद मुंडा संबंधित विभागों के अधिकारियों को मौके पर ही निर्देश देकर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करते हैं।

जनता दरबार में ग्रामीण, मजदूर, किसान, छात्र, महिलाएं, व्यापारी और बुजुर्ग बड़ी संख्या में अपने मुद्दों को लेकर पहुंचते हैं। लोगों का कहना है कि सांसद मुंडा हर समस्या को गंभीरता से लेते हैं और उनका त्वरित समाधान करते हैं।

सांसद मुंडा के इस सक्रिय जनसेवा मॉडल ने जनता में विश्वास और भरोसा बढ़ाया है। उनकी संवेदनशीलता, कर्तव्यनिष्ठा और तत्परता के कारण कई समस्याएँ स्थल पर या कम समय में ही हल हो जाती हैं।

सांसद कालीचरण मुंडा ने कहा,
“जनता ने मुझे प्रतिनिधि चुना है, इसलिए जनता की सेवा मेरा सबसे बड़ा धर्म और कर्तव्य है। हर समस्या का समाधान करना मेरी जिम्मेदारी है, और इसके लिए मैं हमेशा उपलब्ध हूं।”

सांसद कार्यालय के अनुसार, जनता दरबार आने वाले दिनों में भी प्रतिदिन आयोजित किया जाएगा, ताकि हर नागरिक बिना किसी बाधा के सीधे सांसद से अपनी बात रख सके।

पश्चिमी सिंहभूम की जलछाजन परियोजना को राज्य स्तरीय पुरस्कार

पश्चिमी सिंहभूम की जलछाजन परियोजना को राज्य स्तरीय पुरस्कार

लोहरदगा : कुड़ु प्रखण्ड में ग्रामीण विकास विभाग और पंचायती राज विभाग, झारखंड की मंत्री श्रीमती दिपिका पांडे सिंह की अध्यक्षता में झारखंड राज्य जलछाजन मिशन का राज्य स्तरीय वाटरशेड महोत्सव आयोजित किया गया।

इस अवसर पर, भारत सरकार के वाटरशेड-जन भागीदारी अभियान के तहत पश्चिमी सिंहभूम जिले के तांतनगर प्रखण्ड में क्रियान्वित जलछाजन परियोजना को उत्कृष्ट कार्य के लिए 20 लाख रुपये से पुरस्कृत किया गया। पुरस्कार पश्चिमी सिंहभूम उप विकास आयुक्त के मार्गदर्शन में जिला कृषि पदाधिकारी, जलछाजन पदाधिकारी, कर्मियों और जलछाजन समितियों के सदस्यों द्वारा ग्रहण किया गया।

कार्यक्रम में पश्चिमी सिंहभूम जिले के लगभग 100 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और जिला द्वारा स्टॉल प्रदर्शन भी किया गया।

झारखंड राज्य जलछाजन मिशन के तहत, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 के विकास घटक के अंतर्गत बंदगांव प्रखण्ड में 6600 हेक्टेयर और तांतनगर प्रखण्ड में 4800 हेक्टेयर भूमि पर जलछाजन परियोजना के अंतर्गत स्टेगरड कंटूर ट्रेंच, वाटर एब्जॉर्बेशन ट्रेंच, ट्रेंच कम बंड, मेढ़बंदी, तालाब निर्माण, लूज बोल्डर चेक डेम, मिट्टी के चेक डेम सहित पौधारोपण और कृषि-उद्यान फसल उत्पादन कार्य किया जा रहा है।

चक्रधरपुर हत्याकांड: तीन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा

चक्रधरपुर हत्याकांड: तीन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा

चक्रधरपुर : चक्रधरपुर थाना क्षेत्र में 2022 में हुई लोपोर पुरती हत्या मामले में लगभग तीन साल बाद न्याय मिला है। पश्चिम सिंहभूम, चाईबासा के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने गुरुवार को इस मामले में फैसला सुनाते हुए तीनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा दी।

मामला 5 मार्च 2022 का है। प्राथमिकी के अनुसार, 4 मार्च 2022 की रात तीनों आरोपियों ने लोपोर पुरती को घर से बाहर बुलाकर धारदार चपड़ा से हमला किया और हत्या कर दी। इसके बाद शव को जंगल में ले जाकर छिपाने की कोशिश की गई।

चाईबासा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया और सभी साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत किए। लंबी सुनवाई के बाद सत्रवाद संख्या 216/2022 में अदालत ने तीनों को धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और 15 हजार रुपये जुर्माना, तथा धारा 201 के तहत पाँच वर्ष कारावास की सजा सुनाई।

गीता कोड़ा ने झारखंड सरकार पर बोला हमला, सरकारी नौकरियों और ‘सरकार आपके द्वार’ योजना पर उठाए सवाल

गीता कोड़ा ने झारखंड सरकार पर बोला हमला, सरकारी नौकरियों और ‘सरकार आपके द्वार’ योजना पर उठाए सवाल

चाईबासा : झारखंड भाजपा प्रदेश प्रवक्ता और पूर्व सांसद गीता कोड़ा ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की घोषणाओं को वास्तविकता से दूर बताते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने 49,000 सरकारी नौकरियों का दावा किया था, लेकिन अब केवल 10,000 नियुक्ति पत्र वितरित किए जा रहे हैं, जो जनता को भ्रमित करने जैसा है।

फाइनेंस विभाग के आंकड़ों का हवाला देते हुए गीता कोड़ा ने कहा कि 2022–23 में 5,33,737 स्वीकृत पद थे, जो 2024–25 में घटकर 3,26,049 रह गए। इसमें शिक्षा विभाग के 1.82 लाख और पुलिस विभाग के 39,000 से अधिक पद शामिल हैं। उन्होंने इसे “सपनों का चूरन” बेचने के समान बताया।

पूर्व सांसद ने ‘सरकार आपके द्वार’ कार्यक्रम की भी आलोचना की। उनका कहना था कि 2021 से 2023 तक लाखों आवेदन आए, लेकिन सरकार यह नहीं बता सकी कि कितनों का निपटान हुआ। उन्होंने इसे सेवा के बजाय राजनीतिक प्रचार का माध्यम करार दिया।

गीता कोड़ा ने स्थानीय नीति और नियोजन नीति न लागू होने का भी आरोप लगाया और सवाल उठाया कि क्या नौकरियाँ आदिवासी-मूलवासी युवाओं को मिलेंगी या बाहरी राज्यों के लोगों को।

उन्होंने सरकार से मांग की कि हटाए गए सभी पद बहाल किए जाएँ, स्थानीय और नियोजन नीति तुरंत लागू की जाए और ‘सरकार आपके द्वार’ कार्यक्रम के पुराने आवेदन का पूरा लेखा-जोखा सार्वजनिक किया जाए।

जिला समन्वय समिति की बैठक में विकास योजनाओं की समीक्षा, उपायुक्त ने दिए सख्त निर्देश

जिला समन्वय समिति की बैठक में विकास योजनाओं की समीक्षा, उपायुक्त ने दिए सख्त निर्देश

सरायकेला : समाहरणालय सभागार में आज जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों की विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई और उनके प्रभावी व पारदर्शी क्रियान्वयन के लिए दिशा-निर्देश दिए गए।

उपायुक्त ने प्रखंड विकास पदाधिकारियों और अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे नियमित समन्वय बैठकें आयोजित करें और सभी योजनाओं, लाभुकों व राजस्व कार्यों की समय-सीमा के भीतर समीक्षा करें। उन्होंने कहा कि लाभुकों को सभी सेवाएँ सीधे विभाग से प्राप्त हों और उन्हें अनावश्यक रूप से चक्कर न लगाने पड़ें।

बैठक में शिक्षा विभाग को छात्रों के जन्म प्रमाणपत्र जारी करने और बैंक खाता खोलने की प्रक्रिया प्राथमिकता से पूरी करने का निर्देश दिया गया। कृषि विभाग को मिट्टी परीक्षण, समयबद्ध बीज वितरण और किसान समृद्धि योजना के लाभ प्रदान करने के निर्देश मिले। भूमि संरक्षण विभाग को तालाब निर्माण/जीर्णोद्धार और लंबित डीप बोरिंग व कृषि यंत्र आवेदन शीघ्र निस्तारित करने का निर्देश दिया गया।

श्रम विभाग को निर्माण स्थलों पर सूचना-बैनर लगाना और योजनाओं का ऑनलाइन पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिन प्रखंडों में सिलाई प्रशिक्षण कार्य प्रगति पर नहीं है, वहाँ तुरंत प्रशिक्षण केंद्र शुरू करने पर जोर दिया गया।

समाज कल्याण और सामाजिक सुरक्षा विभाग को लाभवंचित पात्रों की पहचान कर उन्हें योजना से जोड़ने तथा तकनीकी खामियाँ दूर करने का निर्देश दिया गया।

बैठक में उप विकास आयुक्त सुश्री रीना हांसदा, अपर उपायुक्त श्री जयवर्धन कुमार, अपर नगर आयुक्त आदित्यपुर, जिला परिवहन, कल्याण, खनन और समाज कल्याण पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी सरायकेला–चांडिल तथा सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी–अंचलाधिकारी उपस्थित थे।

सांसद जोबा माझी ने कोयल नदी पर पुल का शिलान्यास किया, हर गांव को सरकारी योजनाओं से जोड़ना बताया प्राथमिकता

सांसद जोबा माझी ने कोयल नदी पर पुल का शिलान्यास किया, हर गांव को सरकारी योजनाओं से जोड़ना बताया प्राथमिकता

आनंदपुर: सिंहभूम की सांसद जोबा माझी और विधायक जगत माझी ने गुरुवार को मनोहरपुर और आनंदपुर प्रखंड को जोड़ने वाली ग्राम ढीपा और कुड़ना के बीच कोयल नदी पर पुल निर्माण का शिलान्यास किया। इस अवसर पर सांसद ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य में विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं और हर गांव को सरकारी योजनाओं से जोड़कर विकास हर व्यक्ति तक पहुंचाना प्राथमिकता है।

सांसद जोबा माझी ने पुरानी स्थिति साझा करते हुए बताया कि पहले चक्रधरपुर से मनोहरपुर तक आवागमन कठिन था, लेकिन अब हर पंचायत को प्रखंड मुख्यालय से जोड़ दिया गया है। विधायक जगत माझी ने कहा कि पुल निर्माण के बाद मनोहरपुर के रायडीह और ढीपा पंचायत समेत दर्जनों गांवों के लोगों को आनंदपुर होते हुए रांची जाने में सुविधा होगी। उन्होंने यह भी बताया कि आने वाले समय में मनोहरपुर विधानसभा क्षेत्र के अन्य इलाकों में पुल-पुलिया और सड़कों का निर्माण कराया जाएगा।

इस परियोजना की अनुमानित लागत 12 करोड़ रुपये है और पुल की लंबाई 357.80 मीटर होगी। शिलान्यास के बाद सांसद और विधायक ने कोयल नदी में नाव की सवारी की।

इस अवसर पर झामुमो प्रखंड अध्यक्ष एवं जिला परिषद उपाध्यक्ष रंजीत यादव, ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता जितेंद्र पासवान, सहायक अभियंता अमर दास, कनीय अभियंता अब्दुल अनीस, मुखिया अशोक बांदा, पूजा कुजूर, आनंदपुर झामुमो प्रखंड अध्यक्ष सिलबीरयुस तिर्की सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

पुल निर्माण से ढीपा, बारुडूंगरी, इचापीढ़, बड़पोस, रायडीह, घाघरा, महुलडीहा, कुड़ना, बड़ाकुड़ना, छोटाकुड़ना, मथुरापोस, रायकेरा, आनंदपुर, जीरो किलोमीटर और चारबंदिया सहित दर्जनों गांवों के लोग लाभान्वित होंगे।

जमशेदपुर में टाटा स्टील के संवाद कार्यक्रम पर उठे सवाल — आदिवासी समाज ने की पारदर्शिता और न्याय की मांग

जमशेदपुर में टाटा स्टील के संवाद कार्यक्रम पर उठे सवाल — आदिवासी समाज ने की पारदर्शिता और न्याय की मांग

बिष्टुपुर : जमशेदपुर में टाटा स्टील द्वारा अनुसूचित जनजाति और आदिवासी समुदाय के लिए आयोजित चार दिवसीय संवाद कार्यक्रम को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय जमीन मालिकों और आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों का आरोप है कि यह कार्यक्रम मात्र दिखावा था, जिसमें असली मुद्दों को दबाने की कोशिश की गई।

स्थानीय लोगों के अनुसार, वर्षों पहले टाटा स्टील ने आदिवासियों से जमीन अधिग्रहित की थी, लेकिन आज तक उन्हें उचित सम्मान और रोजगार के अवसर नहीं मिले। उनका सवाल है कि क्या कंपनी के पास जमीन कानूनी रूप से थी, या आदिवासियों को ठगकर उनसे भूमि हड़पी गई।

आदिवासी समुदाय का आरोप है कि जमीन दाताओं और उनके वंशजों को कंपनी में नौकरी देने की कोई ठोस पहल नहीं की गई, जिससे उनकी आर्थिक और सामाजिक स्थिति आज भी कमजोर बनी हुई है।

स्थानीय समाजसेवियों ने कहा कि इस तरह के संवाद कार्यक्रम सिर्फ औपचारिकता हैं, जिनका उद्देश्य समाज को भ्रमित करना है। उनका कहना है कि टाटा स्टील ने आदिवासी समाज के साथ न्यायपूर्ण व्यवहार नहीं किया।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस मुद्दे पर पारदर्शिता, सम्मान और रोजगार की गारंटी नहीं दी गई, तो भविष्य में आदिवासी समाज में असंतोष और विरोध बढ़ सकता है। समुदाय की मांग है कि अब सिर्फ बातचीत नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई और जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।