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रीडिंग पंचायत में दो दिवसीय फुटबॉल प्रतियोगिता संपन्न — विधायक दशरथ गागराई ने खिलाड़ियों का बढ़ाया मनोबल

रीडिंग पंचायत में दो दिवसीय फुटबॉल प्रतियोगिता संपन्न — विधायक दशरथ गागराई ने खिलाड़ियों का बढ़ाया मनोबल

खरसावां : खरसावां प्रखंड के रीडिंग पंचायत अंतर्गत सरना क्लब प्रधानगोडा एवं डीपासाई की पहल पर दो दिवसीय फुटबॉल प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। प्रतियोगिता के समापन समारोह में खरसावां विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक माननीय श्री दशरथ गागराई मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

विधायक गागराई ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उन्हें शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि खेल को सदैव शांतिपूर्ण और खेल भावना के साथ खेलना चाहिए। साथ ही उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेकर खेल के क्षेत्र में अपने लक्ष्य तक पहुंचने का संकल्प लें।

समारोह में समाजसेवी बासंती गागराई, जिला परिषद सदस्य भाग-2 कालीचरण मुंडा, कांग्रेस प्रदेश सचिव सह सांसद प्रतिनिधि छोटराय किस्कू, विधायक प्रतिनिधि अर्जुन उर्फ नायडू गोप, महिला मोर्चा प्रखंड अध्यक्ष लक्ष्मी तांती, लालन तिवारी, राजेश दालबेहरा और रघुनाथ गोप समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

संविधान दिवस पर सामूहिक रूप से पढ़ी गई प्रस्तावना — पश्चिमी सिंहभूम समाहरणालय में अधिकारियों ने दोहराया संकल्प

संविधान दिवस पर सामूहिक रूप से पढ़ी गई प्रस्तावना — पश्चिमी सिंहभूम समाहरणालय में अधिकारियों ने दोहराया संकल्प

पश्चिमी सिंहभूम : संविधान दिवस के अवसर पर मंगलवार को जिला समाहरणालय परिसर के प्रथम तल पर गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से संविधान की प्रस्तावना का पठन किया और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प दोहराया।

कार्यक्रम में अपर उपायुक्त प्रवीन केरकेट्टा, सामान्य शाखा उप-समाहर्ता देवेंद्र कुमार, गोपनीय शाखा प्रभारी कुमार हर्ष, जिला शिक्षा पदाधिकारी टोनी प्रेमराज टोप्पो सहित विभिन्न जिला स्तरीय अधिकारी एवं समाहरणालय के कर्मी उपस्थित रहे।

सभी उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक गणराज्य बनाए रखने का संकल्प लिया। साथ ही उन्होंने सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, समान अवसर और व्यक्ति की गरिमा सुनिश्चित करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
राष्ट्र की एकता और अखंडता को मजबूत करने तथा बंधुता को बढ़ावा देने का संकल्प भी इस अवसर पर लिया गया।

जलुगड़ा पहुंचे सांसद कालीचरण मुंडा — स्वतंत्रता के बाद पहली बार किसी सांसद ने लिया गांव का हाल, पूर्व मुखिया से की मुलाकात

जलुगड़ा पहुंचे सांसद कालीचरण मुंडा — स्वतंत्रता के बाद पहली बार किसी सांसद ने लिया गांव का हाल, पूर्व मुखिया से की मुलाकात

खूंटी : अड़की प्रखंड के बोहोण्डा पंचायत अंतर्गत सुदूर जंगलों में बसे जलुगड़ा गांव में खूंटी के सांसद कालीचरण मुंडा पहुंचे। यह गांव जिला मुख्यालय से लगभग 55 किमी दूर है और कभी नक्सल प्रभावित क्षेत्र रहा है। स्वतंत्रता के बाद यह पहला अवसर था जब कोई सांसद इस गांव पहुंचे।

सांसद मुंडा का मुख्य उद्देश्य पूर्व मुखिया मुर्गी मुंडा से मुलाकात कर उनका हाल-चाल जानना था। वे उनके घर पहुंचे और करीब एक घंटे तक बातचीत की। उल्लेखनीय है कि क्षेत्र के लिए सदैव सक्रिय रहे पूर्व मुखिया मुर्गी मुंडा इन दिनों लकवा ग्रस्त हैं और चलने-फिरने में असमर्थ हैं। बावजूद इसके वे समाज की समस्याओं को लेकर चिंतित रहते हैं। सांसद ने उनके इलाज में हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

सांसद के गांव पहुंचने पर सनिका समद, सुजीत समद, रोतोन समद, कल्याण समद, बिरसा समद, रेला समद सहित कई ग्रामीणों ने स्वागत किया और प्रसन्नता व्यक्त की। ग्रामीणों ने सांसद को गांव की समस्याओं से संबंधित एक आवेदन भी सौंपा।

ग्रामीणों की प्रमुख मांगें :

• पुलिया से स्कूल तक सड़क निर्माण

• बुसुडीह से उपरटोली जलुगड़ा तक सड़क निर्माण

• अखड़ा के पास चबूतरा निर्माण

• उपरटोली जलुगड़ा में जलमीनार की स्थापना

• अधूरे स्कूल भवन का कार्य पूरा करना


सांसद कालीचरण मुंडा ने खूंटी लौटकर संबंधित विभाग के अधिकारियों और अभियंताओं को समस्याओं के जल्द समाधान का निर्देश दिया।

कोल्हान के कराईकेला और खूंटपानी प्रखंडों में धूमधाम से संविधान दिवस मनाया गया — सामूहिक रूप से पढ़ी गई प्रस्तावना, ग्रामीणों ने लिया संकल्प

कोल्हान के कराईकेला और खूंटपानी प्रखंडों में धूमधाम से संविधान दिवस मनाया गया — सामूहिक रूप से पढ़ी गई प्रस्तावना, ग्रामीणों ने लिया संकल्प

कोल्हान : पश्चिम सिंहभूंम  के कराईकेला प्रखंड के हुडाँगदा पंचायत और दोपाई प्रखंड में धुम-धम संविधान दिवस मनाया गया। कराईकेला प्रखंड प्रमुख में पीटर घनश्याम तियु जिला परिषद सदस्य बसंती पूर्ति, मुखिया गीता बानरा, लक्ष्मी गागराई समेत प्रखंड एवं पंचायत स्तरीय कर्मचारी के साथ -साथ स्थानीय ग्रामीण, मुंडा, एवं स्वयंसेवी संस्था के कार्यकर्ता उपस्थित थे।
इधर खूंटपानी प्रखंड दोपाई गाँव में संविधान दिवस के अवसर पर हर्षोल्लास और गरिमापूर्ण माहौल में मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत संविधान की प्रस्तावना सामूहिक रूप से पढ़कर की गई।
ग्रामीणों ने समता, स्वतंत्रता, न्याय और बंधुत्व के मूल्यों को जीवन में उतारने का संकल्प लिया। साथ ही संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करने की प्रतिज्ञा दोहराई।
स्थानीय ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को सफल बनाया। संविधान दिवस के मौके पर जागरूकता और राष्ट्रीय मूल्यों के प्रति सम्मान का संदेश पूरे गाँव में फैलाया गया।

संविधान कोई औपचारिक उत्सव नहीं है, बल्कि यह उन करोड़ों लोगों की आशा, अधिकार और सुरक्षा की नींव है, जिनके लिए यह देश आज भी बराबरी का वादा पूरा नहीं कर पाया है:- धी. रामहरि पेरियार

संविधान कोई औपचारिक उत्सव नहीं है, बल्कि यह उन करोड़ों लोगों की आशा, अधिकार और सुरक्षा की नींव है, जिनके लिए यह देश आज भी बराबरी का वादा पूरा नहीं कर पाया है:- धी. रामहरि पेरियार

चाईबासा : आज संविधान दिवस के अवसर पर सामाजिक न्याय और समानता के सवालों पर एंटी करप्शन आफ इंडिया के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष सह पूर्व प्रत्याशी धी. रामहरि पेरियार ने वर्तमान व्यवस्था पर तीखी और निर्भीक टिप्पणी की।
      धी. रामहरि पेरियार ने कहा कि संविधान दिवस पर भाषण देने वाले वही लोग हैं, जिनकी नीति और नीयत ने आज भी दलित, आदिवासी, ओबीसी और अल्पसंख्यकों के अधिकारों को जकड़कर रखा है। संविधान को मंचों पर सजाने वालों को मैं साफ चेतावनी देता हूँ, यह देश बाबासाहेब का है, मनुवादी सोच का नहीं। जब तक न्याय, बराबरी और सम्मान हर घर तक नहीं पहुँचता, हमारी लड़ाई न रुकेगी, न झुकेगी और न थमेगी।
   उन्होंने कहा कि संविधान कोई औपचारिक उत्सव नहीं है, बल्कि यह उन करोड़ों लोगों की आशा, अधिकार और सुरक्षा की नींव है, जिनके लिए यह देश आज भी बराबरी का वादा पूरा नहीं कर पाया है।
     उन्होंने आगे कहा कि आज भी आरक्षण पर सुनियोजित हमला किया जा रहा है। आज भी व्यवस्थागत भेदभाव सामाजिक ढांचे में जिंदा है।
    सत्ता, मीडिया, न्याय और नीतिगत संस्थाओं में वंचित तबकों का प्रतिनिधित्व आज भी न्यूनतम है।
     जाति आधारित हिंसा और भेदभाव के मामलों में न्याय अब भी दूर की चीज बना हुआ है।
   पेरियार ने स्पष्ट कहा कि यह संघर्ष किसी सरकार के खिलाफ नहीं, बल्कि अन्याय की उस सोच के खिलाफ है जो संविधान के मूल सिद्धांतों को कमजोर करती है।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि आने वाले महीनों में देशभर में एक व्यापक संवैधानिक जागरूकता और अधिकार सुरक्षा अभियान चलाया जाएगा, जिसमें युवाओं, महिलाओं, मजदूरों, किसानों और समाज के वंचित वर्गों को बड़ी संख्या में जोड़ा जाएगा।
    उन्होंने यह भी कहा हम संविधान के प्रति निष्ठा रखते हैं, लेकिन उन ताकतों से समझौता नहीं करेंगे जो बराबरी के अधिकारों को मिटाना चाहती हैं। अगर किसी को समस्या है तो साफ सुन ले, हम आवाज उठाते रहेंगे, चाहे कितनी भी कीमत क्यों न चुकानी पड़े।
    अंत में उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि संविधान को केवल किताबों में नहीं, जीवन और संघर्ष में जिंदा रखें।

रांची राजभवन में ‘उरांव धर्म एवं प्रथाएं’ पुस्तक का भव्य लोकार्पण – राज्यपाल ने सराहा जनजातीय ज्ञान परंपराओं का संरक्षण

रांची राजभवन में ‘उरांव धर्म एवं प्रथाएं’ पुस्तक का भव्य लोकार्पण – राज्यपाल ने सराहा जनजातीय ज्ञान परंपराओं का संरक्षण

रांची : आज राजभवन में एक भव्य एवं गरिमामय समारोह में प्रसिद्ध मानवशास्त्री शरत चंद्र राय द्वारा लिखित तथा श्री राज रतन सहाय द्वारा हिंदी में अनुवादित पुस्तक ‘उरांव धर्म एवं प्रथाएं’ का औपचारिक लोकार्पण किया गया। समारोह की अध्यक्षता माननीय राज्यपाल श्री संतोष गंगवार ने की।

करीब सौ वर्ष पूर्व लिखी गई यह महत्वपूर्ण पुस्तक उरांव जनजाति की जीवन-पद्धति, धार्मिक आस्थाओं, सामाजिक संरचना और सांस्कृतिक परंपराओं पर आधारित एक विस्तृत एवं शोधसमृद्ध दस्तावेज मानी जाती है। इसके हिंदी रूपांतरण से शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों और सामान्य पाठकों के लिए जनजातीय समाज के अध्ययन का एक सुलभ स्रोत उपलब्ध हुआ है।

अपने संबोधन में राज्यपाल श्री संतोष गंगवार ने कहा कि यह पुस्तक केवल एक शोध-ग्रंथ नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध जनजातीय विरासत का आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक परिचय है। उन्होंने अनुवाद की सहज भाषा और स्पष्ट प्रस्तुति की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह कृति मुख्यधारा के पाठकों को उरांव समाज की सोच, जीवन-दृष्टि और सांस्कृतिक धरोहर से परिचित कराती है। साथ ही उन्होंने चेताया कि पारंपरिक ज्ञान-व्यवस्था और सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है, और इस तरह के साहित्यिक प्रयास समाज के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण हैं।

समारोह में उपस्थित पूर्व मुख्यमंत्री श्री अर्जुन मुंडा ने भी पुस्तक के लोकार्पण पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जनजातीय संस्कृति और परंपराएँ किसी भी राज्य की पहचान व आत्मा होती हैं। अनुवाद कार्य को उन्होंने शब्दों का पुनर्लेखन नहीं, बल्कि भाव, संदर्भ और सांस्कृतिक संवेदनाओं के पुन:संप्रेषण की कला बताया, जो अत्यंत मूल्यवान है।

पुस्तक के अनुवादक श्री राज रतन सहाय ने इसे अपनी सेवा-भावना एवं जनजातीय समाज के प्रति समर्पण का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि इस कार्य के लिए स्वयं को नियति का चयनित मानते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इससे पहले वे शरत चंद्र राय की दो अन्य महत्वपूर्ण पुस्तकों—‘आदिम मुंडा एवं उनका प्रदेश’ और ‘बिरहोर’—का भी सफलतापूर्वक हिंदी अनुवाद कर चुके हैं। उनका उद्देश्य है कि जनजातीय ज्ञान-परंपराएँ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे और शोध के नए आयाम खुलें।

कार्यक्रम में पूर्व मंत्री एवं विधायक श्री रामेश्वर उरांव, पूर्व मंत्री एवं जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक श्री सरयू राय, पूर्व सांसद श्री सुदर्शन भगत, झारखंड राय विश्वविद्यालय की कुलपति श्रीमती सविता सेंगर, पूर्व कुलपति डॉ. सत्यनारायण मुंडा, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, सहित अनेक गणमान्य अतिथि, शिक्षाविद, शोधकर्ता, लेखक एवं विभिन्न जनजातीय समुदायों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

ईडी समन अवहेलना मामले में बड़ा मोड़ — हाईकोर्ट ने CM हेमंत सोरेन को दी गई राहत वापस ली, एमपी-एमएलए कोर्ट में सशरीर उपस्थिति अनिवार्य

ईडी समन अवहेलना मामले में बड़ा मोड़ — हाईकोर्ट ने CM हेमंत सोरेन को दी गई राहत वापस ली, एमपी-एमएलए कोर्ट में सशरीर उपस्थिति अनिवार्य

रांची : प्रवर्तन निदेशालय (ED) के समनों की अवहेलना मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने आज एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को दी गई अंतरिम राहत को निरस्त कर दिया। इस फैसले के बाद अब उन्हें एमपी-एमएलए कोर्ट में ट्रायल के दौरान सशरीर उपस्थित होना अनिवार्य होगा।

हाईकोर्ट ने 4 दिसंबर 2024 को अपने अंतरिम आदेश में मुख्यमंत्री की याचिका पर सुनवाई करते हुए एमपी-एमएलए कोर्ट में व्यक्तिगत उपस्थित से राहत दी थी। हालांकि, मौजूदा आदेश के बाद यह राहत खत्म हो गई है। इससे पहले निचली अदालत ने भी व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट देने से साफ इनकार कर दिया था, जिसके खिलाफ मुख्यमंत्री ने हाईकोर्ट की शरण ली थी।

मामले की पृष्ठभूमि

यह पूरा मामला ईडी द्वारा जारी किए गए समनों से जुड़ा है। लैंड स्कैम समेत कई संवेदनशील मामलों में पूछताछ के लिए ईडी ने पहली बार 14 अगस्त 2023 को हेमंत सोरेन को बुलाया था, लेकिन वे उपस्थित नहीं हुए। इसके बाद लगातार 10 बार समन जारी किए गए, मगर मुख्य मंत्री हर बार गैरहाज़िर रहे। अंततः 10वें समन के बाद उन्होंने पूछताछ के लिए सहमति दी।

इसके बाद ईडी की टीम सीएम हाउस पहुंची और दो दिनों की पूछताछ के बाद 31 जनवरी 2024 को सोरेन को गिरफ्तार कर लिया गया। उनके गिरफ्तार होते ही राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से बदला। उसी शाम उन्होंने राजभवन जाकर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।
2 फरवरी 2024 को झामुमो विधायक चंपाई सोरेन ने नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।

चक्रधरपुर में कांग्रेस की अहम बैठक संपन्न — दर्जनों युवाओं ने थामा कांग्रेस का दामन

चक्रधरपुर में कांग्रेस की अहम बैठक संपन्न — दर्जनों युवाओं ने थामा कांग्रेस का दामन


चक्रधरपुर : चक्रधरपुर स्थित स्वर्गीय विजय सिंह सोय के समाधि स्थल के निकट ULB पर्यवेक्षक एवं प्रदेश प्रतिनिधि सुश्री अनुप्रिया सोय की अध्यक्षता में कांग्रेस की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की शुरुआत नव-नियुक्त जिला अध्यक्ष रंजन बोयपाई के स्वागत से हुई, जिसके बाद उपस्थित नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पूर्व सांसद स्वर्गीय विजय सिंह सोय की समाधि पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके उपरांत विधिवत कार्यक्रम की शुरुआत की गई।

बैठक में कांग्रेस विचारधारा से प्रभावित होकर शैखावत हुसैन के नेतृत्व में दर्जनों युवाओं ने पुष्पगुच्छ एवं माला पहनाकर कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष रंजन बोयपाई ने कहा कि देश में वर्तमान समय में दो विचारधाराओं के बीच संघर्ष स्पष्ट है। एक विचारधारा पूंजीवाद को बढ़ावा देकर किसानों, मजदूरों व गरीबों को हतोत्साहित कर रही है — इसी के तहत गलत कृषि कानून लाकर किसान हितों को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया और 80 हजार से अधिक स्कूल बंद कर शिक्षा के अधिकार को कमजोर किया गया। दूसरी ओर, कांग्रेस की विचारधारा लोकतंत्र, स्वराज और सभी वर्गों की भागीदारी के साथ देश के विकास का मार्ग प्रशस्त करना चाहती है।

ULB पर्यवेक्षक सुश्री अनुप्रिया सोय ने अपने संबोधन में कहा कि कांग्रेस को मजबूत बनाने के लिए मूल्य आधारित संघर्ष आवश्यक है। उन्होंने कहा कि युवाओं को केवल चुनाव तक सीमित न रहकर कांग्रेस की वैचारिक यात्रा से जुड़ना होगा। इतिहास को समझते हुए संगठन में नई ऊर्जा का संचार करना आज की जरूरत है।

कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करने वाले प्रमुख नाम :
साखवत हुसैन, एमडी हलीम, आसिफ, दानिश परवेज, अरबाज, अरमान, छोटू, सबदार, दानिश अंसारी, जिशान सहित कई युवाओं ने कांग्रेस का दामन थामा।

कार्यक्रम को संबोधित करने वाले प्रमुख नेता :
राजेश ठाकुर (नगर अध्यक्ष), विजय सिंह सामाड (प्रखंड अध्यक्ष), कमल राम (जिलाध्यक्ष SC मोर्चा), सुरेश सावैंया (प्रदेश सचिव, इंटक), पूनम होनहागा सावैंया, सीमा सामाड, राजेश शुक्ला (पर्यवेक्षक, बंदगांव), लक्ष्मण हांसदा (प्रदेश आमंत्रित सदस्य), पोंडेराम सामाड और विजय सुंबरुई समेत अन्य नेताओं ने कार्यक्रम को संबोधित किया।

उपस्थित गण :
शिवकर बोईपाई, अविनाश कोड़ा, आर्यन हांसदा, महेश साहू, सतीश चंद्र कोया, हरि राव, मुकेश मुखी, भोलेनाथ बोदरा, चंद्रशेखर सामड, नाज़िस, सुभाष सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।

कोल्हान विश्वविद्यालय में छठा दीक्षांत समारोह आज — तैयारियां पूरी, राज्यपाल होंगे मुख्य अतिथि

कोल्हान विश्वविद्यालय में छठा दीक्षांत समारोह आज — तैयारियां पूरी, राज्यपाल होंगे मुख्य अतिथि

चाईबासा : कोल्हान विश्वविद्यालय में , 26 नवंबर 2025 (बुधवार) को छठा दीक्षांत समारोह आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं और समारोह अब पूरी तरह अंतिम रूप ले चुका है।

इस महत्वपूर्ण अवसर पर महामहिम राज्यपाल एवं विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति संतोष कुमार गंगवार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। उनकी उपस्थिति में स्नातक, स्नातकोत्तर और शोधरत विद्यार्थियों को उपाधि और पदक प्रदान किए जाएंगे।

विश्वविद्यालय अधिकारियों ने बताया कि कार्यक्रम को गरिमापूर्ण और सुव्यवस्थित बनाने के लिए सुरक्षा व्यवस्था, मंच संचालन और अतिथि सत्कार से जुड़े सभी इंतजाम सुनिश्चित कर दिए गए हैं।

सारजोम युवा फाउंडेशन की बैठक — नशा मुक्त समाज के लिए लिया संकल्प

सारजोम युवा फाउंडेशन की बैठक — नशा मुक्त समाज के लिए लिया संकल्प

जमशेदपुर : सोमवार को सारजोम युवा फाउंडेशन की ओर से दुःखू टोला, करनडीह में एक आवश्यक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता फाउंडेशन के अध्यक्ष सागर हेंब्रम ने की। बैठक का मुख्य विषय था — नशा मुक्त समाज का निर्माण।

बैठक में संगठन की महिलाओं ने नशे के बढ़ते प्रचलन पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि नशा एक सामाजिक बुराई है, जिसके कारण परिवार और समाज दोनों प्रभावित हो रहे हैं। खासकर युवाओं में नशे की लत बढ़ने से वे दिशा हीन हो रहे हैं और आये दिन अप्रिय घटनाएं सामने आ रही हैं।

अध्यक्ष सागर हेंब्रम ने कहा कि नशा मुक्त समाज बनाने के लिए जागरूकता फैलाना अत्यंत आवश्यक है। नशा एक अभिशाप है, जो सिर्फ व्यक्ति को नहीं बल्कि पूरे समाज को प्रभावित करता है। उन्होंने सभी सदस्यों से संकल्प लेने और समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाने की अपील की।

बैठक के अंत में सभी सदस्यों ने नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए संकल्प लिया। बैठक को सफल बनाने में सरस्वती सुंडी, नीलम बिरुआ, फूलो सवैया और अन्य सदस्य उपस्थित रहे।