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झारखंड पुनरुत्थान अभियान के केंद्रीय अध्यक्ष सन्नी सिंकू ने स्वरोज़गार कर रही आदिवासी युवती से की मुलाकात, आत्मनिर्भरता को बताया विकास की कुंजी

झारखंड पुनरुत्थान अभियान के केंद्रीय अध्यक्ष सन्नी सिंकू ने स्वरोज़गार कर रही आदिवासी युवती से की मुलाकात, आत्मनिर्भरता को बताया विकास की कुंजी

चाईबासा : झारखंड पुनरुत्थान अभियान के केंद्रीय अध्यक्ष श्री सन्नी सिंकू ने आज स्वरोज़गार के क्षेत्र में आगे बढ़ रही एक आदिवासी युवती जुनिता बिरूवा से मुलाकात की। जुनिता बिरूवा सड़क किनारे छोटी स्टॉल/ठेला लगाकर व्यवसाय कर आत्मनिर्भर बनने का प्रयास कर रही हैं। इस दौरान श्री सिंकू ने उनसे बातचीत कर उनके संघर्ष और प्रयासों की सराहना की तथा किसी भी समस्या में हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर श्री सन्नी सिंकू ने कहा कि समाज के लोगों को व्यवसाय के क्षेत्र में आगे आना चाहिए। सड़क किनारे छोटे व्यवसाय के माध्यम से मेहनत कर रहे लोगों को प्रोत्साहन और सहयोग मिलना आवश्यक है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके और समाज का समग्र आर्थिक विकास संभव हो।
उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज के युवाओं, विशेषकर युवतियों, का स्वरोज़गार की ओर बढ़ना एक सकारात्मक संकेत है। ऐसे प्रयासों को समर्थन देकर समाज को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाया जा सकता है।

खरसावां थाना क्षेत्र में उत्पाद विभाग की छापेमारी, 261 लीटर अवैध शराब जब्त

खरसावां थाना क्षेत्र में उत्पाद विभाग की छापेमारी, 261 लीटर अवैध शराब जब्त

खरसावां : उपायुक्त के निर्देश पर जिले में अवैध नशा कारोबार के खिलाफ उत्पाद विभाग द्वारा लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में शनिवार को गुप्त सूचना के आधार पर खरसावां थाना क्षेत्र के हरिभंजा गांव में उत्पाद विभाग ने छापेमारी की।

छापेमारी के दौरान नरेश कुमार मंडल के आवास से 29 कार्टून अवैध विदेशी शराब बरामद की गई, जिसकी कुल मात्रा 261 लीटर आंकी गई है। मौके से एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया है। उसके विरुद्ध उत्पाद अधिनियम के तहत विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है।

इस छापेमारी दल में अखिलेश कुमार, अवर निरीक्षक उत्पाद (प्रहार बल), सौदागर पंडित, सहायक अवर निरीक्षक उत्पाद, तथा गृह रक्षक बल के जवान दिनेश सरदार, सरदार हेंब्रम एवं अन्य गृह रक्षक बल के जवान शामिल थे।

नोवामुण्डी में प्रखण्ड स्तरीय स्वास्थ्य मेला 2026 का आयोजन

नोवामुण्डी में प्रखण्ड स्तरीय स्वास्थ्य मेला 2026 का आयोजन

नोवामुण्डी : पश्चिमी सिंहभूम जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, नोवामुण्डी में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड के तहत प्रखण्ड स्तरीय स्वास्थ्य मेला 2026 का आयोजन किया गया। मेले का उद्घाटन माननीय विधायक जगन्नाथपुर सह उप मुख्य सचेतक (सत्तारूढ़ दल) श्री सोनाराम सिंकु ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

स्वास्थ्य मेले में क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीणों ने विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। इस अवसर पर विधायक श्री सिंकु ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि बीमारी की स्थिति में पूजा-पाठ पर निर्भर रहने के बजाय सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ अवश्य लेना चाहिए। उन्होंने समय पर इलाज को जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक बताया।

मेले के दौरान टीबी, फाइलेरिया एवं कुष्ठ रोग से पीड़ित मरीजों के बीच स्वास्थ्य किट का वितरण किया गया। विधायक ने मेले में लगाए गए विभिन्न स्वास्थ्य स्टॉलों का निरीक्षण कर उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी भी ली।

कार्यक्रम में प्रखण्ड प्रमुख श्रीमती पूनम गिलुवा, कांग्रेस प्रखण्ड अध्यक्ष मंजीत प्रधान, किरीबुरू पूर्वी पंचायत के मुखिया मंगल गिलुवा, महुदी मुखिया लक्ष्मी देवी, पंचायत समिति सदस्य श्रीमती दिव्या जेराई, डॉ. देवाशीष, कांग्रेस नोवामुण्डी प्रखण्ड महासचिव विलास प्रजापति, प्रदीप प्रधान, मोहम्मद जावेद, सुरेश प्रजापति सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

स्वास्थ्य मेला ग्रामीणों के लिए उपयोगी सिद्ध हुआ और लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

नोवामुंडी में हाथी हमले के पीड़ित परिवारों से विधायक प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात

नोवामुंडी में हाथी हमले के पीड़ित परिवारों से विधायक प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात

नोवामुंडी : नोवामुंडी प्रखंड की पंचायत जेटेया अंतर्गत ग्राम बावड़िया मुंडा टोला, बड़ापसिया टोला और डुगुड़ वसा में जंगली हाथी के हमले में एक ही परिवार के चार सदस्यों सहित कुल पाँच लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।

शुक्रवार (09 जनवरी 2026) को जगन्नाथपुर के माननीय विधायक एवं सत्तारूढ़ दल के उप मुख्य सचेतक श्री सोनाराम सिंकु के निर्देश पर विधायक प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवारों से मिलने गांव पहुँचा। प्रतिनिधिमंडल ने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और उन्हें राशन सामग्री उपलब्ध कराई। साथ ही मृतकों के बच्चों की शिक्षा के लिए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया गया।

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि इस दुख की घड़ी में विधायक श्री सोनाराम सिंकु पीड़ित परिवारों के साथ खड़े हैं और प्रशासन के माध्यम से हर संभव सहायता दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।

घटना की सूचना मिलते ही विधायक श्री सोनाराम सिंकु ने उपायुक्त, पश्चिमी सिंहभूम को अवगत कराया था और स्वयं भी घटनास्थल पर पहुँचकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर सहायता का भरोसा दिया था।

इस मौके पर नोवामुंडी कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष मंजीत प्रधान, जगन्नाथपुर प्रखंड अध्यक्ष ललित कुमार दोराईबुरु, पेटेता मुखिया सह प्रखंड उपाध्यक्ष जेना पुरती, नोवामुंडी युवा कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष मामूर अंसारी, प्रखंड महासचिव रंजीत गगराई सहित कई पार्टी कार्यकर्ता और ग्रामीण उपस्थित थे।

डोम्बारी बुरू नरसंहार: 126 साल बाद भी जिंदा है शहीदों की याद

डोम्बारी बुरू नरसंहार: 126 साल बाद भी जिंदा है शहीदों की याद

खूंटी : खूंटी जिले स्थित डोम्बारी बुरू में 1900 के ऐतिहासिक नरसंहार के शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। 126 वर्ष पहले इसी दिन ब्रिटिश औपनिवेशिक सेना ने जल, जंगल और जमीन के अधिकारों के लिए जुटे सैकड़ों निहत्थे आदिवासियों पर अंधाधुंध गोलीबारी की थी। इस भीषण हमले में पहाड़ी और पास बहती ताजना नदी की सहायक धारा खून से लाल हो गई थी।

यह नरसंहार धरती आबा बिरसा मुंडा के नेतृत्व में चल रहे उलगुलान (महान विद्रोह) के दौरान हुआ। “अबुआ दिशुम, अबुआ राज” के नारे के साथ मुंडा और अन्य आदिवासी समुदायों के लोग डोम्बारी बुरू पर एकत्र हुए थे। ब्रिटिश गुप्तचरों की सूचना पर सेना ने पहाड़ी को घेरकर बिना चेतावनी गोलीबारी और तोपों का इस्तेमाल किया। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों तक को नहीं बख्शा गया।

ब्रिटिश रिपोर्ट में जहां 11–12 मौतों का दावा किया गया, वहीं समकालीन अखबारों, लोकगीतों और लोककथाओं में हजारों शहीदों का उल्लेख मिलता है। 1957 की बिहार सरकार की रिपोर्ट में लगभग 200 मौतों का अनुमान लगाया गया है। स्थानीय स्मारक पर हाथीराम मुंडा, सिंगराई मुंडा, हाड़ी मुंडा, मझिया मुंडा सहित कुछ शहीदों के नाम अंकित हैं, जबकि अधिकांश शहीद गुमनाम रह गए।

इस हमले में बिरसा मुंडा बच निकले थे, लेकिन बाद में गिरफ्तार कर रांची जेल में उनकी रहस्यमय मृत्यु हो गई। आज डोम्बारी बुरू पर 110 फीट ऊंचा शहीद स्तंभ और धरती आबा बिरसा मुंडा की प्रतिमा स्थापित है। हर वर्ष 9 जनवरी को यहां शहीद दिवस मनाया जाता है, जिसमें हजारों लोग श्रद्धांजलि देने पहुंचते हैं।

डोम्बारी बुरू का बलिदान आज भी आदिवासी समाज के संघर्ष और अधिकारों की याद दिलाता है।

आदित्यपुर में नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज का एमबीबीएस पाठ्यक्रम शुरू

आदित्यपुर में नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज का एमबीबीएस पाठ्यक्रम शुरू

सरायकेला : स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक नई पहल करते हुए नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, आदित्यपुर (सरायकेला–खरसावां) में एमबीबीएस पाठ्यक्रम के प्रथम बैच का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि नए मेडिकल कॉलेज और अस्पताल खुलने से गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी, जिसका सीधा लाभ स्थानीय लोगों को मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरायकेला–खरसावां जैसे छोटे जिले में मेडिकल कॉलेज का खुलना सराहनीय कदम है। इससे क्षेत्र में शिक्षा का बेहतर माहौल बनेगा और स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होंगी। उन्होंने एमबीबीएस के पहले बैच के विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि भविष्य में समाज को उनसे बेहतर चिकित्सक के रूप में सेवा की उम्मीद रहेगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है और एक मजबूत हेल्थ इको-सिस्टम विकसित करने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि अगले पांच वर्षों में राज्य में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 25 से 30 तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, लोकसभा सांसद जोबा मांझी, विधायक दशरथ गागराई, सविता महतो, समीर मोहंती, मंगल कालिंदी, सोमेश चंद्र सोरेन, पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता, स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह तथा नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के अध्यक्ष मदन मोहन सिंह उपस्थित थे।

सड़क सुरक्षा माह के तहत पुरुनियाँ गांव में मुंडा स्तरीय फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन

सड़क सुरक्षा माह के तहत पुरुनियाँ गांव में मुंडा स्तरीय फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन

पश्चिम सिंहभूम : खुंटपानी प्रखंड अंतर्गत पुरुनियाँ पंचायत के पुरुनियाँ गांव में परिवहन विभाग, झारखंड (रांची) के तत्वावधान में सड़क सुरक्षा माह के तहत 10 जनवरी 2026 को दोपहर 12 बजे से एक दिवसीय मुंडा स्तरीय फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा।

इस कार्यक्रम में माननीय परिवहन मंत्री श्री दीपक बिरवा, खरसावां विधानसभा के विधायक माननीय दशरथ गागराई, जिला उपायुक्त, उपविकास आयुक्त, पुलिस अधीक्षक, प्रखंड विकास पदाधिकारी सहित ग्रामीण मुंडा, जिला परिषद सदस्य, प्रमुख, मुखिया, पंचायत समिति सदस्य, वार्ड मेंबर, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहेंगे।

कार्यक्रम का उद्देश्य सड़क सुरक्षा एवं जीवन रक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करना है। आए दिन हो रहे सड़क दुर्घटनाओं में अनेक लोग अपनी जान गंवा रहे हैं और कई परिवार प्रभावित हो रहे हैं। फुटबॉल खेल के माध्यम से लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जाएगा।

सरायकेला छऊ कार्यशाला का शुभारंभ

सरायकेला छऊ कार्यशाला का शुभारंभ

सरायकेला : सरायकेला छऊ नृत्य के संरक्षण एवं विकास के लिए निरंतर कार्यरत संस्था आचार्य छऊ नृत्य विचित्रा में एक विशेष कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। उद्घाटन पद्मश्री गुरु शशधर आचार्य, सीआरपीएफ 134 बटालियन के द्वितीय कमांडेंट दीपेंद्र कुमार, सहायक कमांडेंट, सरायकेला के पूर्व क्रिकेटर एवं समाजसेवी जलेश कवि तथा सरायकेला विधायक के प्रतिनिधि सनद आचार्य ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।

संस्था के सह निदेशक रंजीत कुमार आचार्य ने बताया कि मध्य प्रदेश नाट्य विद्यालय, भोपाल से 25 कलाकार सरायकेला छऊ की विशेष शिक्षा प्राप्त करने के लिए यहां पहुंचे हैं। इन कलाकारों के लिए आठ दिवसीय आवासीय एवं भ्रमणशील कार्यशाला आयोजित की गई है, जो 15 जनवरी तक चलेगी। कार्यशाला में सरायकेला छऊ नृत्य का नाट्य कला में प्रयोग, क्षेत्रीय संगीत, मुखौटा परिचय, शारीरिक अंग संचालन एवं नृत्य चलन जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

पद्मश्री गुरु शशधर आचार्य के नेतृत्व में चल रही इस कार्यशाला में नत्थू महतो (संगीत), गुरु शशधर आचार्य (आंगिक अभिनय), गुरु दिलीप कुमार आचार्य (मुखौटा निर्माण) तथा गुरु सुकांत आचार्य (वाद्य यंत्र) प्रशिक्षण दे रहे हैं। मध्य प्रदेश नाट्य विद्यालय के 25 सदस्यीय दल में तरुण पांडे और हेमराज तिवारी भी शामिल हैं।

कार्यशाला के समापन के बाद नाटक चित्रांगदा का मंचन किया जाएगा, जिसमें सरायकेला छऊ नृत्य का प्रयोग होगा। उद्घाटन समारोह में सतीश मोदक द्वारा हंस नृत्य की प्रस्तुति भी दी गई।

सरायकेला में रोजगार मेला आयोजित, 188 अभ्यर्थी शॉर्टलिस्ट

सरायकेला में रोजगार मेला आयोजित, 188 अभ्यर्थी शॉर्टलिस्ट

सरायकेला : नियोजनालय सह मॉडल कैरियर सेंटर, सरायकेला-खरसावां के तत्वावधान में शुक्रवार को जिला नियोजनालय, सरायकेला परिसर में रोजगार मेला आयोजित किया गया।
जिला नियोजन पदाधिकारी आलोक कुमार तोपनो ने बताया कि रोजगार मेला में रामकृष्ण फोर्जिंग्स लिमिटेड, श्याम स्टील लिमिटेड, रामकृष्ण कास्टिंग सॉल्यूशन लिमिटेड, बीएन ट्रैक्टर्स, मित्तल मोटर्स, यूनिक सॉल्यूशन, संजीव रमन सिक्योरिटी, टैलेंटनेक्सा सर्विसेज लिमिटेड, युवा शक्ति फाउंडेशन, प्रधान कंस्ट्रक्शन सहित कुल 15 संस्थानों ने भाग लिया। इन संस्थानों द्वारा रोबोट इंजीनियर, टर्निंग ऑपरेटर, फिटर, एचएमसी/वीएमसी ऑपरेटर, मेंटेनेंस व क्वालिटी इंजीनियर, सेल्समैन, टेलीकॉलर, ऑटोमोबाइल मैकेनिक, वेल्डर, सेफ्टी सुपरवाइजर, लाइन इंस्पेक्टर, क्रेन ऑपरेटर, ट्रेनी, स्टोर कीपर, सिक्योरिटी गार्ड, ड्राइवर सहित विभिन्न पदों पर नियुक्ति के लिए सरायकेला-खरसावां एवं जमशेदपुर में कुल 188 अभ्यर्थियों को शॉर्टलिस्ट किया गया।
उन्होंने बताया कि जिला नियोजनालय सह मॉडल कैरियर सेंटर के माध्यम से नियमित रूप से रोजगार शिविर एवं रोजगार मेला आयोजित किया जाता है। उन्होंने जिले के रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं से अपील की कि वे भविष्य में भी इन आयोजनों में अधिक से अधिक संख्या में भाग लें। भर्ती की पूरी प्रक्रिया पूर्णतः निःशुल्क है।
रोजगार मेला में जिला नियोजन पदाधिकारी आलोक कुमार तोपनो, वाईपी रवि प्रकाश सिंह, नियोजनालय कर्मी सुरेंद्र रजक, सुजीत सरदार सहित अन्य कर्मी एवं विभिन्न संस्थानों के एचआर मैनेजर उपस्थित रहे।

पाँचमोहली में दिशोम सोहराय के दौरान चंपाई सोरेन का हमला, पेसा नियमावली को बताया आदिवासी विरोधी

पाँचमोहली में दिशोम सोहराय के दौरान चंपाई सोरेन का हमला, पेसा नियमावली को बताया आदिवासी विरोधी

जामताड़ा : जामताड़ा जिले के नाला प्रखंड अंतर्गत पाँचमोहली गांव में आयोजित दिशोम सोहराय कार्यक्रम में शामिल हुए चंपाई सोरेन ने पेसा नियमावली को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पेसा नियमावली के नाम पर राज्य सरकार ने आदिवासियों को ठगने का काम किया है।
चंपाई सोरेन ने कहा कि पेसा अधिनियम 1996 राज्यों को यह निर्देश देता है कि वे आदिवासियों की रूढ़िजन्य विधि, सामाजिक-धार्मिक परंपराओं और संसाधनों की पारंपरिक प्रबंधन व्यवस्था के अनुरूप नियमावली बनाएं, लेकिन झारखंड सरकार ने इन महत्वपूर्ण विषयों को नियमावली से हटा दिया है।
उन्होंने कहा कि पेसा का मूल उद्देश्य आदिवासी समाज की परंपरागत स्वशासन व्यवस्था को संवैधानिक संरक्षण देना है, लेकिन वर्तमान सरकार उन लोगों को लाभ पहुंचाना चाहती है, जिन्होंने पहले ही आदिवासी परंपराओं को छोड़ दिया है।
चंपाई सोरेन ने आरोप लगाया कि पहले टीएसी और अब पेसा के माध्यम से राज्यपाल के अधिकार सीमित किए जा रहे हैं और अधिकांश अधिकार उपायुक्त को दिए जा रहे हैं, जिससे सरकार पूरी व्यवस्था पर नियंत्रण रखना चाहती है। उन्होंने इसे पेसा की मूल भावना के खिलाफ बताया। साथ ही कहा कि नियमावली में ग्राम सभाओं के अधिकारों में की गई कटौती अक्षम्य है।
उन्होंने अपने कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय बनी नियमावली में आदिवासियों की रूढ़िजन्य परंपराओं और धार्मिक प्रथाओं को शामिल किया गया था। साथ ही सीएनटी-एसपीटी अधिनियम के उल्लंघन के मामलों में ग्राम सभा को जमीन वापस कराने का अधिकार दिया गया था और अनुसूचित क्षेत्र की जमीन के हस्तांतरण से पहले उपायुक्त को ग्राम सभा की मंजूरी लेने का प्रावधान था।
चंपाई सोरेन ने कहा कि महागठबंधन सरकार पेसा को कमजोर कर आदिवासियों के अस्तित्व को खतरे में डाल रही है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेशी घुसपैठ और धर्मांतरण जैसी समस्याओं से पहले ही जूझ रहे आदिवासी समाज को पेसा से बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन नई नियमावली ने उन उम्मीदों को तोड़ दिया है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के आदिवासी विरोधी रवैये के खिलाफ गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक किया जाएगा। जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए एक बार फिर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।