चाईबासा | मोहर्रम पर्व के मद्देनज़र पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने जिलेभर में व्यापक सुरक्षा एवं विधि-व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए हैं। पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील क्षेत्रों सहित सभी प्रमुख जुलूस मार्गों, चौक-चौराहों तथा भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों एवं पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गई है।

विधि-व्यवस्था की सतत निगरानी के लिए जिला स्तरीय कंट्रोल रूम 24×7 संचालित किया जा रहा है। कंट्रोल रूम में प्राप्त होने वाली प्रत्येक सूचना पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।

इसके अलावा, जिले के विभिन्न स्थानों पर ड्रोन कैमरों के माध्यम से जुलूस मार्गों और अन्य गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि अथवा अप्रिय स्थिति की सूचना तत्काल प्राप्त होने पर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

उपायुक्त मनीष कुमार और पुलिस अधीक्षक अमित रेनू स्वयं जिले की विधि-व्यवस्था की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। वहीं, वरीय प्रशासनिक एवं पुलिस पदाधिकारी विभिन्न क्षेत्रों का लगातार भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं और प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दे रहे हैं।

जिला प्रशासन ने सभी मोहर्रम इंतजामिया कमेटियों, अखाड़ा समितियों एवं आम नागरिकों से आपसी भाईचारा, सामाजिक सौहार्द और शांति बनाए रखते हुए पर्व मनाने की अपील की है। साथ ही, अफवाहों पर ध्यान नहीं देने तथा किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल जिला नियंत्रण कक्ष या निकटतम पुलिस थाना को देने का आग्रह किया है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विधि-व्यवस्था भंग करने, अफवाह फैलाने अथवा सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास करने वाले असामाजिक तत्वों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने कहा कि सभी समुदायों के सहयोग से मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।


