चाईबासा | तमाम प्रयासों के बावजूद आखिरकार आज़ाद भारत की पहली सीमेंट कंपनी एसीसी लिमिटेड की चाईबासा सीमेंट वर्क्स को बंद करने की वैधानिक प्रक्रिया शुरू हो गई है। कंपनी प्रबंधन ने 15 जून को संयंत्र बंद करने संबंधी नोटिस जारी कर दिया है। इसके साथ ही अडानी समूह के स्वामित्व वाली एसीसी कंपनी ने अपने चाईबासा संयंत्र को स्थायी रूप से बंद करने का आधिकारिक निर्णय ले लिया है।

कंपनी के इस फैसले को पश्चिमी सिंहभूम जिले के लिए एक बड़ा आर्थिक झटका माना जा रहा है। संयंत्र से प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से जुड़े सैकड़ों लोगों के रोजगार और आर्थिक भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है।

हालांकि पिछले डेढ़-दो वर्षों से संयंत्र के बंद होने की चर्चाएं लगातार चल रही थीं।इस दौरान राज्य सरकार, जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन ने कई स्तरों पर इसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन सभी कोशिशें विफल रहीं।

एसीसी बचाओ संघर्ष मोर्चा के संयोजक रमेश बालमुचू, कंपनी को सर्वाधिक भूमि उपलब्ध कराने वाले परिवार के सदस्य तुराम बिरुली तथा स्थानीय व्यापारियों ने कंपनी बंद होने के निर्णय पर चिंता व्यक्त करते हुए इसके दूरगामी प्रभावों और संयंत्र को पुनः चालू करने की संभावनाओं पर अपनी राय रखी है।

प्रमुख बिंदु
🔴 16 अगस्त 2026 से होगा पूर्ण बंद
कंपनी प्रबंधन के अनुसार 16 अगस्त 2026 से चाईबासा सीमेंट वर्क्स का परिचालन पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा।
🔴 74 परिवारों पर पड़ेगा सीधा असर
संयंत्र बंद होने के कारण 74 स्थायी कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त हो जाएंगी, जिससे उनके परिवारों के समक्ष आजीविका का संकट खड़ा हो सकता है।

🔴 ये बताए गए बंदी के मुख्य कारण
प्रबंधन ने खदानों में चूना पत्थर (लाइमस्टोन) के भंडार में कमी, उत्पादन लागत में लगातार वृद्धि तथा वर्ष 1946 से संचालित पुरानी मशीनरी को संयंत्र बंद करने के प्रमुख कारणों के रूप में बताया है।
🔴 कर्मचारियों को मिलेगा मुआवजा
कंपनी के अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता राज गुरुंग द्वारा जारी सूचना में कहा गया है कि औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 के प्रावधानों के तहत सभी प्रभावित कर्मचारियों को उनका बकाया भुगतान और निर्धारित मुआवजा दिया जाएगा।

चाईबासा सीमेंट वर्क्स की बंदी केवल एक औद्योगिक इकाई का बंद होना नहीं है, बल्कि यह पश्चिमी सिंहभूम की अर्थव्यवस्था, स्थानीय व्यापार, परिवहन, ठेका श्रमिकों और हजारों परिवारों की आजीविका पर व्यापक प्रभाव डालने वाला निर्णय माना जा रहा है।

