नई दिल्ली | केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात शुल्क (Export Duty) में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए डीजल और एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) पर स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी (SAED) बढ़ा दी है। नई दरें 16 जून 2026 से प्रभावी हो गई हैं।

सरकार द्वारा जारी ताजा अधिसूचना के अनुसार, डीजल के निर्यात पर अब 14 रुपये प्रति लीटर SAED देनी होगी। वहीं, एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात पर 12.50 रुपये प्रति लीटर का विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क लगाया गया है। हालांकि, पेट्रोल के निर्यात शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया गया है और यह पहले की तरह 1.50 रुपये प्रति लीटर बना रहेगा।

केंद्र सरकार अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों और घरेलू बाजार की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए समय-समय पर पेट्रोलियम उत्पादों पर लगाए जाने वाले निर्यात शुल्क की समीक्षा करती है। विशेषज्ञों के अनुसार, ड्यूटी में यह वृद्धि घरेलू बाजार में ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और तेल कंपनियों के निर्यात से होने वाले अतिरिक्त मुनाफे को संतुलित करने की रणनीति का हिस्सा हो सकती है।

इस निर्णय का सीधा असर तेल कंपनियों की निर्यात लागत पर पड़ने की संभावना है। साथ ही, विमानन क्षेत्र भी ATF पर बढ़े शुल्क के संभावित प्रभावों पर नजर बनाए हुए है। हालांकि, जानकारों का मानना है कि इस फैसले का घरेलू स्तर पर पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों पर तत्काल कोई बड़ा प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं है।

सरकार के इस कदम के बाद ऊर्जा और विमानन क्षेत्र से जुड़ी कंपनियां नई ड्यूटी व्यवस्था के अनुरूप अपनी निर्यात रणनीतियों की समीक्षा कर सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक तेल बाजार की परिस्थितियों और घरेलू मांग को देखते हुए भविष्य में भी सरकार इस प्रकार के शुल्कों में आवश्यकतानुसार बदलाव कर सकती है।


