ईचागढ़ | सरायकेला-खरसावां जिले के ईचागढ़ प्रखंड अंतर्गत कुटाम गांव में रविवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब 10 जंगली हाथियों का एक झुंड जंगल से निकलकर गांव में पहुंच गया। हाथियों के अचानक गांव की सड़कों और विभिन्न इलाकों में विचरण करने से ग्रामीणों में भय और दहशत का माहौल बन गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हाथियों का झुंड कुटाम जंगल से निकलकर गांव में प्रवेश कर गया। झुंड में कई शावक (नन्हे हाथी) भी शामिल थे, जिससे स्थिति और संवेदनशील हो गई। हाथियों को देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकल आए, वहीं फसलों एवं संपत्ति को नुकसान पहुंचने की आशंका को लेकर लोग चिंतित नजर आए।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों ने पारंपरिक तरीकों तथा हो-हल्ला कर हाथियों को गांव से बाहर निकालने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद हाथियों का झुंड वापस जंगल की ओर लौट गया, जिसके बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।

ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में पिछले कुछ समय से जंगली हाथियों की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। इसके कारण आसपास के गांवों के लोग भय के माहौल में जीवन यापन करने को मजबूर हैं। विशेष रूप से दिन के समय हाथियों का आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंचना चिंता का विषय बन गया है।

ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखने, प्रभावित गांवों में सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने तथा लोगों को आवश्यक सतर्कता संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

कुटाम गांव में हाथियों के प्रवेश की यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। घटना के बाद ग्रामीण सतर्क हैं और वन विभाग से प्रभावी कदम उठाने की अपेक्षा कर रहे हैं।


