चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम जिले के कोल्हन विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में बुधवार को जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में प्रोजेक्ट ‘परख’ के अंतर्गत एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जिले के सभी माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्य एवं शिक्षक शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

उपायुक्त ने अपने संबोधन में प्रधानाचार्यों और शिक्षकों को उनके समर्पण के लिए बधाई देते हुए बताया कि जिले ने इस वर्ष राज्य स्तर पर 17वां स्थान हासिल किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि सामूहिक प्रयासों से आगामी वर्ष में जिला राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त कर सकता है। उन्होंने कहा कि यदि विद्यार्थी, अभिभावक और शिक्षक मिलकर शत-प्रतिशत प्रयास करें, तो सफलता निश्चित है।

कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त ने विद्यालयों में शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों को सुदृढ़ करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने सभी स्कूलों में नियमित पैरेंट-टीचर मीटिंग आयोजित करने, प्रत्येक माह की 5 तारीख को खेल दिवस मनाने तथा खेल सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। इसके साथ ही विद्यालयों की प्रयोगशालाओं को पूरी तरह क्रियाशील रखने, विद्यार्थियों के लेखन कौशल को विकसित करने के लिए प्रतिदिन एक घंटे की राइटिंग क्लास संचालित करने तथा नियमित रूप से होमवर्क देने और उसकी निगरानी करने के निर्देश दिए।
उपायुक्त ने समय पर विद्यालय पहुंचने वाले विद्यार्थियों को गुलाब फूल देकर सम्मानित करने की पहल अपनाने का सुझाव भी दिया। प्रोजेक्ट ‘परख’ के तहत साप्ताहिक टेस्ट सीरीज आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए।

इसके अतिरिक्त, “बात तो करनी होगी” पहल के अंतर्गत मासिक धर्म, बाल श्रम, बाल विवाह और यौन उत्पीड़न जैसे संवेदनशील विषयों पर विद्यार्थियों से खुलकर संवाद करने पर बल दिया गया। सभी विद्यालयों को प्लास्टिक मुक्त बनाने का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया। वहीं “बोलेगा चाईबासा” पहल के तहत प्रतिदिन प्रार्थना सभा का संचालन दो विद्यार्थियों द्वारा कराने का निर्देश दिया गया, ताकि उनमें नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास का विकास हो सके।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों द्वारा बनाई गई पेंटिंग्स का उपायुक्त एवं अन्य अतिथियों ने अवलोकन किया और बच्चों के प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, चक्रधरपुर के अनुमंडल पदाधिकारी, शिक्षा विभाग के पदाधिकारी, प्रधानाचार्य, शिक्षकगण एवं अन्य संबंधित लोग उपस्थित थे।

