सरायकेला | परिमार्जित सरायकेला शैली छऊ के जनक स्वर्गीय कुंवर विजय प्रताप सिंह देव की स्मृति में छऊ कला केंद्र, सरायकेला में उनकी प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी थे। इस अवसर पर उनके सुपुत्र कामाख्या सिंह देव भी उपस्थित रहे।

स्वर्गीय कुंवर विजय प्रताप सिंह देव का जन्म वर्ष 1896 में हुआ था। वे सरायकेला राजपरिवार से जुड़े एक दूरदर्शी, कला प्रेमी और सांस्कृतिक संरक्षक थे। उन्होंने छऊ नृत्य को एक व्यवस्थित और मंचीय स्वरूप प्रदान कर इसे नई पहचान दिलाई। उनके प्रयासों से सरायकेला छऊ शैली को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठा मिली।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने कहा कि कुंवर विजय प्रताप सिंह देव का योगदान अमूल्य है और उनकी विरासत हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि नगर पंचायत छऊ कलाकारों के संरक्षण, संवर्धन और उनके आर्थिक-सामाजिक सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है तथा इस दिशा में कई योजनाएं बनाई जा रही हैं।

इस दौरान कुछ लोगों द्वारा की जा रही नकारात्मक टिप्पणियों पर चिंता व्यक्त करते हुए सभी से सकारात्मक सोच और सांस्कृतिक एकता बनाए रखने की अपील की गई।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने स्वर्गीय कुंवर विजय प्रताप सिंह देव को श्रद्धांजलि अर्पित की और छऊ की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। मौके पर नगर पंचायत उपाध्यक्ष अविनाश कवि, भोला मोहंती, कार्यपालक पदाधिकारी समीर बोदरा सहित सभी वार्ड पार्षद उपस्थित थे।

