नोवामुंडी | जगन्नाथपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक सोनाराम सिंकु के प्रयास से तमिलनाडु में फंसी नोवामुंडी प्रखंड की चार लड़कियां सकुशल अपने गांव लौट आई हैं। प्रशासन और विधायक प्रतिनिधियों की मौजूदगी में चारों लड़कियों को उनके परिजनों को सौंप दिया गया।

जानकारी के अनुसार, चारों लड़कियां पश्चिमी सिंहभूम जिले के नोवामुंडी प्रखंड अंतर्गत महुदी पंचायत के बंगला डीपा गांव की रहने वाली हैं। इनमें सुखमती लागुरी (पिता– मंगल लागुरी), सोनिवारी बरजो (पिता– स्व. विरा बरजो), सपनी बरजो (पिता– गंगा राम बरजो) और सुखमती बरजो (पिता– देवा बरजो) शामिल हैं।

बताया गया कि बीते वर्ष अगस्त में सुकमति सिंकु नामक एक बिचौलिया इन चारों लड़कियों को काम दिलाने के नाम पर पैसे लेकर तमिलनाडु ले गई थी। वहां पहुंचने के बाद उन्हें कम वेतन दिया जा रहा था। जब लड़कियों ने काम छोड़कर घर लौटने की बात कही तो ठेकेदार राजकुमार ने उन्हें डराकर बंधक बना लिया और जबरन काम कराने लगा।
लड़कियों ने कई बार घर जाने की इच्छा जताई, लेकिन बिचौलिया सुकमति सिंकु ने उनकी बातों को नजरअंदाज कर दिया। जब दो दिन तक लड़कियां काम पर नहीं गईं, तो ठेकेदार राजकुमार ने उन्हें कमरे में बंद कर दिया और उनके साथ मारपीट भी की।
इसकी जानकारी मिलने पर परिजन और ग्रामीण 8 मार्च को प्रशासन और विधायक सोनाराम सिंकु से मिले और लड़कियों को छुड़ाने की गुहार लगाई। मामले को गंभीरता से लेते हुए विधायक ने डीएसपी और स्थानीय प्रशासन को तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
विधायक और प्रशासन के दबाव के बाद ठेकेदार राजकुमार ने लड़कियों को घर जाने की अनुमति दी, लेकिन काम छोड़ने के नाम पर उनसे छह-छह हजार रुपये भी वसूल लिए। इसके बाद चारों लड़कियां ट्रेन से जमशेदपुर पहुंचीं और वहां से डांगुवापोसी आईं।
डांगुवापोसी पहुंचने के बाद प्रशासन चारों लड़कियों को जगन्नाथपुर थाना ले गया, जहां पुलिस और विधायक प्रतिनिधियों की मौजूदगी में उन्हें उनके परिजनों को सौंप दिया गया।
बताया गया है कि चारों में से एक लड़की नाबालिग है, जिसे बालिग बताकर तमिलनाडु ले जाया गया था और उससे जबरन काम कराया जा रहा था।
इस दौरान जगन्नाथपुर पुलिस के साथ विधायक प्रतिनिधि मंडल के रंजीत गगराई, रोशन पान, संतोष नाग और क्रांति तिरिया सहित अन्य लोग मौजूद थे।

