चाईबासा सदर अस्पताल परिसर में अवैध दुकानों के निर्माण पर कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर धी. रामहरि पेरियार ने एसडीओ को सौंपा ज्ञापन

चाईबासा : भ्रष्टाचार मुक्त भारत के बैनर तले भ्रष्टाचार एवं अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध लगातार संघर्षरत संगठन एंटी करप्शन ऑफ इंडिया ने सदर अस्पताल चाईबासा परिसर में हो रहे अवैध निर्माण, अतिक्रमण एवं नियमविरुद्ध दुकानों के विस्तार को लेकर प्रशासन का ध्यान गंभीरता से आकृष्ट किया है।
       संगठन के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष धी. रामहरि पेरियार ने अनुमंडल पदाधिकारी (सदर), चाईबासा को एक औपचारिक ज्ञापन सौंपते हुए मांग की है कि सदर अस्पताल के पूर्वी एवं पश्चिमी छोर पर स्ववित्त योजनान्तर्गत आवंटित दुकानों में की गई व्यापक अनियमितताओं की निष्पक्ष, स्वतंत्र एवं समयबद्ध जांच कर दोषियों के विरुद्ध तत्काल कठोर कार्रवाई की जाए।
    धी. पेरियार ने बताया कि असैनिक शल्य चिकित्सक सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, पश्चिम सिंहभूम, चाईबासा द्वारा निर्गत विज्ञापन संख्या–1519, दिनांक 20.07.2023 के तहत स्ववित्त योजना में दुकानों का आवंटन निर्धारित मानक आकार (8×10 फीट) के अनुरूप किया गया था।
किन्तु जमीनी सच्चाई इससे बिल्कुल विपरीत है। कुल 94 आवंटित दुकानों में से अधिकांश दुकानों ने निर्धारित सीमा का खुलेआम उल्लंघन करते हुए अवैध विस्तार कर लिया है। इतना ही नहीं, कई दुकानों का निर्माण बिना किसी वैधानिक स्वीकृति, नक्शा पास या प्रशासनिक अनुमति के किया गया है, जो स्पष्ट रूप से अवैध अतिक्रमण की श्रेणी में आता है।
    उन्होंने कहा कि सदर अस्पताल जैसा संवेदनशील एवं जनहित से जुड़ा सार्वजनिक संस्थान, जहां प्रतिदिन सैकड़ों मरीज, महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग इलाज के लिए आते हैं, वहां इस प्रकार का अतिक्रमण न केवल प्रशासनिक नियमों की खुली अवहेलना है, बल्कि यह मरीजों की सुरक्षा, आपातकालीन सेवाओं और अस्पताल की मूल कार्यप्रणाली के साथ सीधा खिलवाड़ है।
    धी. पेरियार ने सवाल उठाया कि क्या बिना प्रशासनिक संरक्षण के इतना बड़ा अवैध निर्माण संभव है?
     जिन अधिकारियों की जिम्मेदारी निगरानी और नियंत्रण की थी, वे अब तक मौन क्यों हैं?
  क्या यह पूरा मामला संगठित भ्रष्टाचार और मिलीभगत का परिणाम नहीं है?
  उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो यह मामला उच्च स्तरीय जांच एजेंसियों, मानवाधिकार आयोग एवं न्यायालय तक ले जाया जाएगा। एंटी करप्शन ऑफ इंडिया अवैध अतिक्रमण, भ्रष्टाचार और सरकारी संपत्ति की लूट को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा।

संगठन ने मांग की है कि

1. सभी अवैध रूप से विस्तारित व निर्मित दुकानों को तत्काल चिन्हित कर ध्वस्त किया जाए।

2. संबंधित अधिकारियों एवं लाभार्थियों पर कानूनी कार्रवाई की जाए।

3. अस्पताल परिसर को अतिक्रमण मुक्त कर मरीजों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जाए।
यह लड़ाई केवल दुकानों की नहीं, बल्कि जनता के स्वास्थ्य, अधिकार और कानून के राज की है।

By maskal.news

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