चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम जिले के आकांक्षी प्रखंड गुदड़ी और टोंटो में दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों को आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एएलआईएमसीओ) के सहयोग से आयोजित आकलन शिविरों का सफलतापूर्वक समापन हो गया। दोनों प्रखंडों में आयोजित इन शिविरों में लगभग 1,100 दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों ने भाग लिया। शिविरों के माध्यम से जरूरतमंद लोगों की शारीरिक स्थिति और दैनिक जीवन की आवश्यकताओं का आकलन किया गया, ताकि उन्हें उनकी जरूरत के अनुरूप सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा सकें।

आकांक्षी प्रखंड गुदड़ी में 5 एवं 6 अक्टूबर 2026 को आयोजित शिविर में लगभग 600 दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों ने भाग लिया। वहीं, टोंटो प्रखंड में 7 एवं 8 अक्टूबर 2026 को आयोजित शिविर में लगभग 500 लोगों की सहभागिता रही।
इसी क्रम में उपायुक्त मनीष कुमार एवं उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार ने सहायक समाहर्ता ईरा जोरवाल तथा जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्वेता भारती की उपस्थिति में टोंटो प्रखंड में संचालित आकलन शिविर का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने शिविर की गतिविधियों का जायजा लिया और उपस्थित दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों से संवाद कर उनकी आवश्यकताओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को पात्र लाभुकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए आवश्यक समन्वय सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानजनक, सुगम और आत्मनिर्भर जीवन जीने के लिए आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना है। एएलआईएमसीओ के सहयोग से आयोजित ये शिविर जरूरतमंद लोगों की वास्तविक आवश्यकताओं की पहचान करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं। आकलन के बाद पात्र लाभुकों को उनकी जरूरत के अनुरूप सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे दैनिक गतिविधियों में सुविधा मिलने के साथ उनकी गतिशीलता और आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन समाज के वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। विशेष रूप से आकांक्षी प्रखंडों में इस तरह के शिविर आयोजित कर यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि कोई भी पात्र दिव्यांगजन या वरिष्ठ नागरिक आवश्यक सहायता से वंचित न रहे।
उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार ने कहा कि दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों को उनकी जरूरत के अनुसार सहायक उपकरण उपलब्ध कराना उनके जीवन को अधिक सहज, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रभावी कदम है। एएलआईएमसीओ के तकनीकी सहयोग से शिविरों में लाभुकों की आवश्यकताओं का आकलन किया गया है। इसके आधार पर पात्र व्यक्तियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का प्रयास है कि सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। गुदड़ी और टोंटो जैसे आकांक्षी प्रखंडों में इस प्रकार के शिविर आयोजित होने से जरूरतमंद लोगों को स्थानीय स्तर पर सुविधा मिलती है और उन्हें अपनी आवश्यकताओं का आकलन कराने के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों में जाने की परेशानी से राहत मिलती है।
एडीआईपी और राष्ट्रीय वयोश्री योजना के तहत मिलेंगे उपकरण
आकलन के बाद पात्र दिव्यांगजनों को दिव्यांगजनों के सहायक उपकरण खरीदने एवं उपलब्ध कराने संबंधी सहायता योजना (एडीआईपी) तथा पात्र वरिष्ठ नागरिकों को राष्ट्रीय वयोश्री योजना (आरवीवाई) के तहत उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।

इन उपकरणों में व्हीलचेयर, बैसाखी, वॉकर, चलने की छड़ी, दृष्टिबाधित व्यक्तियों के लिए सफेद छड़ी, श्रवण बाधित व्यक्तियों के लिए श्रवण यंत्र, कृत्रिम अंग, कैलिपर्स तथा अन्य सहायक उपकरण शामिल हो सकते हैं। वरिष्ठ नागरिकों को भी पात्रता एवं आवश्यकता के अनुसार छड़ी, वॉकर, व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र, चश्मा और अन्य निर्धारित उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।

उपकरणों का अंतिम चयन लाभुक की शारीरिक स्थिति, व्यक्तिगत जरूरत, आकलन के निष्कर्ष और संबंधित योजना के पात्रता मानदंडों के आधार पर किया जाएगा।

