शिक्षक दिवस पर सीएम उत्कृष्ट प्लस टू जिला हाई स्कूल में भव्य समारोह, उपायुक्त मनीष कुमार ने शिक्षकों के योगदान को सराहा

चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम जिले के सीएम उत्कृष्ट प्लस टू जिला हाई स्कूल के सभागार में शिक्षक दिवस के अवसर पर भव्य समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त मनीष कुमार शामिल हुए। इस अवसर पर सहायक समाहर्ता ईरा जोरवाल, जिला शिक्षा पदाधिकारी प्रिंस कुमार, जिला शिक्षा अधीक्षक प्रवीण कुमार, विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय परिवार द्वारा अतिथियों के पारंपरिक रीति-रिवाज से आत्मीय स्वागत के साथ हुई। इसके बाद उपायुक्त मनीष कुमार एवं अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर समारोह का विधिवत शुभारंभ किया। छात्र-छात्राओं ने गीत, संगीत एवं विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से शिक्षक दिवस के महत्व और भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपरा को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया।

4 व्हीलर कार बुक करने के लिए +91 8002626576

समारोह को संबोधित करते हुए उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि शिक्षक केवल वह व्यक्ति नहीं है, जो विद्यालय में हमें पाठ पढ़ाता है, बल्कि जीवन में जिस किसी व्यक्ति से हमें सीख, अनुभव, मार्गदर्शन या प्रेरणा मिलती है, वह भी किसी न किसी रूप में हमारे लिए शिक्षक के समान है। उन्होंने कहा कि जीवन निरंतर सीखने की प्रक्रिया है और प्रत्येक अनुभव हमें कुछ नया सिखाता है।

Contact no :- +91 8553588326

उपायुक्त ने कहा कि शिक्षक समाज का ऐसा महत्वपूर्ण वर्ग है, जो निरंतर ज्ञान, संस्कार, मार्गदर्शन और प्रेरणा प्रदान करता है। शिक्षक विद्यार्थियों के व्यक्तित्व को निखारने के साथ-साथ उनमें भविष्य के प्रति विश्वास और जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करते हैं। वे अपने ज्ञान और अनुभव को समाज के साथ साझा करते हैं और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए समाज का दायित्व है कि वह शिक्षकों के योगदान को समझे और उन्हें उचित सम्मान प्रदान करे।

Contact no :- +91 9337736501

उन्होंने कहा कि आज हम सभी जिस मुकाम पर हैं, उसमें हमारे माता-पिता, गुरुजनों और जीवन में मार्गदर्शन देने वाले अनेक लोगों का महत्वपूर्ण योगदान है। इसलिए शिक्षक दिवस केवल एक औपचारिक उत्सव नहीं, बल्कि उन सभी गुरुजनों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है, जिन्होंने हमारे जीवन को दिशा दी है।
इस अवसर पर उपायुक्त ने भारत के महान दार्शनिक, शिक्षाविद् एवं पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को श्रद्धापूर्वक याद किया। उन्होंने कहा कि डॉ. राधाकृष्णन का जीवन शिक्षा, ज्ञान और मानवीय मूल्यों के प्रति समर्पण का प्रेरणादायक उदाहरण है। उन्होंने शिक्षा को केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्ति के चरित्र, विचार और व्यक्तित्व निर्माण का सशक्त आधार माना।

अभी संपर्क करें :- +91 8936090601

उपायुक्त ने छात्र-छात्राओं से कहा कि वे अपने शिक्षकों से प्राप्त ज्ञान और मार्गदर्शन का सदुपयोग करें। जीवन में सफलता केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि एक अच्छा, जिम्मेदार और संवेदनशील इंसान बनना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से जिज्ञासु बने रहने, निरंतर सीखने, अनुशासन एवं संस्कार को जीवन का हिस्सा बनाने तथा अपने शिक्षकों का सदैव सम्मान करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों के भीतर छिपी प्रतिभा को पहचानकर उसे सही दिशा प्रदान करते हैं। एक अच्छे शिक्षक का प्रभाव केवल विद्यार्थी के जीवन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसके माध्यम से पूरे समाज और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचता है। इसलिए शिक्षक समाज और राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव हैं।

Book your slot today : +91 7250214782

कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त ने सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और उनके समर्पण, धैर्य एवं निरंतर प्रयासों का सम्मान किया जाना चाहिए।
समारोह में छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों की अतिथियों एवं शिक्षकों ने सराहना की। कार्यक्रम का समापन शिक्षक समुदाय के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के संकल्प के साथ हुआ।

By maskal.news

You May Also Like