सरायकेला | सरायकेला-खरसावां जिले में अपराध नियंत्रण और पुलिस के त्वरित रिस्पॉन्स को मजबूत करने के उद्देश्य से जिला पुलिस के बेड़े में गुरुवार को 19 नई बोलेरो शामिल की गईं। इन वाहनों के शामिल होने के बाद जिले में पुलिस के पास कुल 38 बोलेरो और 26 बाइक हो गई हैं। नए वाहनों का उपयोग थाना क्षेत्रों में पेट्रोलिंग, रात्रि गश्ती, हाईवे निगरानी और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए किया जाएगा।

सरायकेला पुलिस केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गियारी ने पूजा-अर्चना के बाद नए वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर एसडीपीओ, मुख्यालय डीएसपी, पुलिस एसोसिएशन एवं मेंस एसोसिएशन के पदाधिकारी सहित बड़ी संख्या में पुलिस जवान मौजूद रहे।

एसपी ने खुद संभाली स्टेयरिंग, क्षेत्र में किया पेट्रोलिंग का निरीक्षण
नए वाहनों को रवाना करने के बाद एसपी मनोज स्वर्गियारी ने खुद एक पेट्रोलिंग वाहन की स्टेयरिंग संभाली और अधिकारियों के साथ क्षेत्र में गश्त पर निकले। उन्होंने कोलेबिरा तक पेट्रोलिंग कर पुलिस की गश्ती व्यवस्था का जायजा लिया।
एसपी ने कहा कि नए वाहनों के मिलने से पुलिस की गतिशीलता बढ़ेगी। आपराधिक घटनाओं या किसी भी आपात स्थिति में पुलिस कम समय में घटनास्थल तक पहुंच सकेगी। उन्होंने कहा कि जिले में बेहतर पुलिसिंग के लिए संसाधनों को लगातार मजबूत किया जा रहा है। नियमित पेट्रोलिंग से संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी बढ़ेगी और अपराधियों पर प्रभावी दबाव बनाया जा सकेगा।

दूरदराज और संवेदनशील क्षेत्रों में बढ़ेगी पुलिस की पहुंच
नए वाहनों से जिले के ग्रामीण, दूरदराज और संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस की पहुंच और मौजूदगी मजबूत होगी। इन वाहनों का इस्तेमाल रात्रि गश्ती, हाईवे पेट्रोलिंग, अपराधियों की धर-पकड़ तथा विधि-व्यवस्था से संबंधित कार्यों में किया जाएगा।

जिला पुलिस को मिले 40 फर्स्ट एड मेडिकल किट
कार्यक्रम से पहले ब्रह्मानंद नारायणा अस्पताल, तमोलिया की ओर से जिला पुलिस को 40 फर्स्ट एड मेडिकल किट भी उपलब्ध कराए गए। इन किटों को पुलिस वाहनों में रखा जाएगा, ताकि सड़क दुर्घटना या अन्य आपात स्थिति में पुलिस के मौके पर पहुंचने पर घायल व्यक्ति को अस्पताल ले जाने से पहले प्राथमिक उपचार दिया जा सके।

नई बोलेरो और फर्स्ट एड मेडिकल किट मिलने से जिला पुलिस की संसाधन क्षमता में वृद्धि हुई है। पुलिस का उद्देश्य इन संसाधनों का प्रभावी उपयोग कर पेट्रोलिंग व्यवस्था को मजबूत करना, त्वरित पुलिस रिस्पॉन्स सुनिश्चित करना और जिले में अपराध नियंत्रण को और प्रभावी बनाना है।

