चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित सभागार में उपायुक्त श्री मनीष कुमार की अध्यक्षता में जिले में संचालित एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों के प्राचार्यों के साथ समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में परियोजना निदेशक, आईटीडीए श्री जयदीप तिग्गा, सहायक समाहर्ता सुश्री ईरा जोरवाल सहित कल्याण विभाग के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान उपायुक्त ने जिले के सभी 12 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों के संचालन एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने विद्यालयवार आधारभूत संरचना निर्माण की स्थिति, विद्युत व्यवस्था, शिक्षकों की उपस्थिति, विद्यार्थियों के नामांकन, कक्षाओं के संचालन, छात्रावास निर्माण, उपलब्ध संसाधनों तथा विद्यार्थियों के लिए भोजन सामग्री की आपूर्ति सहित विभिन्न बिंदुओं की जानकारी ली।
उपायुक्त ने विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय आदिवासी एवं दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण संस्थान हैं। ऐसे में पठन-पाठन के साथ-साथ आवासीय व्यवस्था, स्वच्छता, भोजन, विद्युत, पेयजल एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं का सुचारू संचालन सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।

विद्यालयों की दैनिक गतिविधियों की होगी नियमित मॉनिटरिंग
बैठक में उपायुक्त ने विद्यालयों के संचालन एवं दैनिक गतिविधियों की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए व्हाट्सऐप ग्रुप बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यालय द्वारा प्रतिदिन संचालित शैक्षणिक गतिविधियों, पठन-पाठन, विद्यार्थियों की उपस्थिति एवं अन्य महत्वपूर्ण गतिविधियों से संबंधित फोटो और आवश्यक जानकारी ग्रुप में साझा की जाए।
इससे जिला स्तर से विद्यालयों की गतिविधियों एवं व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी की जा सकेगी। उपायुक्त ने सभी प्राचार्यों को विद्यालयों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा निर्धारित समय-सारणी के अनुसार कक्षाओं का संचालन कराने का निर्देश दिया। साथ ही विद्यार्थियों के नामांकन एवं उपस्थिति की स्थिति पर विशेष ध्यान देने को कहा।

15 दिनों के भीतर सभी विद्यालयों का होगा निरीक्षण
उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने परियोजना निदेशक, आईटीडीए श्री जयदीप तिग्गा एवं सहायक समाहर्ता सुश्री ईरा जोरवाल को अगले 15 दिनों के भीतर जिले के सभी 12 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों का निरीक्षण करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान विद्यालयों की वास्तविक स्थिति का जायजा लेते हुए आधारभूत सुविधाओं, शिक्षण व्यवस्था, छात्रावास, भोजन व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता का भौतिक सत्यापन किया जाए।

उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिन विद्यालयों में आधारभूत संरचना अथवा अन्य आवश्यक सुविधाओं से संबंधित कार्य लंबित हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए। विद्यालयों में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के साथ-साथ विद्यार्थियों को सुरक्षित, स्वच्छ एवं अनुकूल शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जाए।

उपायुक्त ने कहा कि विद्यालयों के संचालन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं प्राचार्यों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बेहतर आवासीय एवं शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध हों।

