मुख्यमंत्री ने वन विभाग की समीक्षा बैठक में दिए कई अहम निर्देश, एक माह में तैयार होगा सभी वन क्षेत्रों का डिजिटल रिकॉर्ड

रांची | मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने सोमवार को झारखंड मंत्रालय में वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की अद्यतन कार्य प्रगति की उच्चस्तरीय समीक्षा की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य गठन के बाद से अब तक के सभी वन क्षेत्रों का तकनीकी एवं डिजिटल रिकॉर्ड एक माह के भीतर तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसी डिजिटल व्यवस्था विकसित की जाए, जिससे एक क्लिक पर पूरे राज्य के वन क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति, संरचना और वर्तमान स्वरूप की जानकारी उपलब्ध हो सके।

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मुख्यमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण को शहरी विकास से जोड़ते हुए कहा कि शहरों को सुरक्षित और प्रदूषण मुक्त रखने के लिए बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण आवश्यक है। उन्होंने शहरी क्षेत्रों के लिए विशेष पौधरोपण कार्ययोजना तैयार करने तथा राज्य सरकार की “पेड़ लगाओ, 5 यूनिट फ्री बिजली पाओ” योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस योजना के तहत एक पौधा लगाने पर पांच यूनिट नि:शुल्क बिजली देने का प्रावधान है।
हेलीकॉप्टर से बीज गिराकर बढ़ाया जाएगा वन क्षेत्र
मुख्यमंत्री ने वन क्षेत्रों के विस्तार के लिए हेलीकॉप्टर के माध्यम से बीज बिखेरने (एरियल सीडिंग) की व्यवहारिक कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। साथ ही जंगली हाथियों के हमलों में मृत लोगों के आश्रितों तथा फसल एवं मकान क्षति के मामलों में मुआवजा भुगतान में तेजी लाने को कहा।

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उन्होंने झारखंड में इको-टूरिज्म की अपार संभावनाओं का उल्लेख करते हुए वन विभाग और पर्यटन विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर योजनाओं को गति देने के निर्देश दिए।
स्थानीय जरूरतों और आजीविका से जुड़ा हो पौधारोपण
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पौधारोपण केवल संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र और लोगों की आवश्यकताओं के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने महुआ, जामुन, करंज, पलाश, कुसुम, बैर, अर्जुन, कटहल, आंवला और चिरौंजी जैसे उपयोगी एवं फलदार वृक्षों के बड़े पैमाने पर रोपण के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि ऐसे पौधों से जैव विविधता संरक्षण के साथ ग्रामीणों की आय, पशुओं की जरूरतें तथा लाह और तसर उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा। अनुपयोगी वृक्ष लगाने से बचने और आर्थिक दृष्टि से लाभकारी पौधों को प्राथमिकता देने पर भी उन्होंने जोर दिया।

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लंबित वन पट्टों का शीघ्र करें निष्पादन
बैठक में मुख्यमंत्री ने वन पट्टा के लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा करने और पात्र लाभुकों को बिना अनावश्यक विलंब के वन पट्टा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वन विकास एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी सभी योजनाओं का समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए तथा उनकी नियमित मॉनिटरिंग के साथ स्थानीय समुदाय की भागीदारी भी बढ़ाई जाए।
काजू और बांस की व्यावसायिक खेती को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बड़े भू-भागों की पहचान कर काजू एवं बांस (बैम्बू) के व्यापक पौधारोपण की योजना तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बांस आधारित उद्योगों और हस्तशिल्प को बढ़ावा देकर ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर स्वरोजगार के अवसर सृजित किए जा सकते हैं।

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शहरी क्षेत्रों में हरित आवरण बढ़ाने के लिए अकाशिया सहित अन्य छायादार वृक्षों का बड़े पैमाने पर रोपण करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि प्रदूषण कम हो और लोगों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध हो सके।
प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण पर दिया जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड की पहचान उसकी प्राकृतिक संपदा, घने जंगलों, वन्यजीवों और समृद्ध जैव विविधता से है। उन्होंने वनों की कटाई रोकने, मानव-वन्यजीव संघर्ष कम करने, संयुक्त वन प्रबंधन तथा जलवायु परिवर्तन से संबंधित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वन संरक्षण के साथ-साथ वन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की आजीविका और पर्यावरणीय संतुलन को भी समान प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

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जिलों के वन प्रमंडल पदाधिकारियों से किया सीधा संवाद
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी जिलों के वन प्रमंडल पदाधिकारियों से ऑनलाइन संवाद किया। उन्होंने दुमका, जामताड़ा और कोडरमा के अधिकारियों से वन पट्टा वितरण, काजू एवं बांस पौधारोपण, इको-टूरिज्म विकास तथा अन्य योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं पर चर्चा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण, पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति (Environmental Compensation) तथा प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े मामलों की समीक्षा भी की गई। मुख्यमंत्री ने निर्धारित मानकों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा जनविश्वास एप के प्रभावी उपयोग पर भी बल दिया।

By maskal.news

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