चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम के जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने मंगलवार को तांतनगर प्रखंड अंतर्गत “प्रोजेक्ट प्राण” के तहत संचालित पंचायत सचिवालय सुदृढ़ीकरण कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पंचायत सचिवालय-तांतनगर एवं पंचायत सचिवालय-कोकचो का भ्रमण कर वहां उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं, संचालित गतिविधियों तथा पंचायत भवनों के समग्र संचालन का विस्तृत जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने पंचायत सचिवालयों में ग्रामीणों को उपलब्ध कराई जा रही विभिन्न जनसुविधाओं और पंचायत स्तर पर संचालित व्यवस्थाओं का सूक्ष्म अवलोकन किया। उन्होंने पंचायत भवनों को ग्रामीणों के लिए प्रभावी, सुगम एवं जनहितकारी सेवा केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

उपायुक्त ने पंचायत सचिवालय में स्थापित पंचायत पुस्तकालय ज्ञान केंद्र का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वहां उपलब्ध पुस्तकों, अध्ययन सामग्री एवं पाठकों के लिए की गई व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पुस्तकालय एवं ज्ञान केंद्र बच्चों, युवाओं तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए ज्ञानवर्धन का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकते हैं। उन्होंने इन केंद्रों का नियमित संचालन सुनिश्चित करने तथा अधिक से अधिक विद्यार्थियों को इससे जोड़ने पर विशेष जोर दिया।

निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने बच्चों के लिए विकसित ऊर्जा कक्षा का अवलोकन किया। वहीं, महिलाओं के लिए पंचायत सचिवालय में विकसित मंईयां कक्ष का भी निरीक्षण करते हुए वहां उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर महिलाओं के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक एवं उपयोगी स्थान उपलब्ध कराना महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने निर्देश दिया कि इन व्यवस्थाओं का बेहतर संचालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि महिला समूहों, स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) तथा ग्रामीण महिलाओं को इसका अधिकतम लाभ मिल सके।

इसके अलावा उपायुक्त ने पंचायत भवन में उपलब्ध महिला एवं पुरुष शौचालय, मुखिया कक्ष, पंचायत सचिव कक्ष, बैठक कक्ष सहित अन्य कार्यालयीन सुविधाओं का क्रमवार निरीक्षण किया। उन्होंने स्वच्छता, रख-रखाव, अभिलेखों के समुचित संधारण तथा कार्यालयीन कार्यों के सुव्यवस्थित संचालन पर विशेष बल देते हुए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों को सभी व्यवस्थाओं को निर्धारित मानकों के अनुरूप बनाए रखने का निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने कहा कि “प्रोजेक्ट प्राण” के माध्यम से पंचायत सचिवालयों को केवल प्रशासनिक कार्यालय के रूप में नहीं, बल्कि ग्रामीण नागरिकों के लिए बहुउद्देशीय सेवा एवं जनसुविधा केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर उपलब्ध बेहतर आधारभूत संरचना और सुव्यवस्थित सेवाएं ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ समयबद्ध और सुगमता से उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को पंचायत सचिवालयों के नियमित संचालन, परिसरों की स्वच्छता, उपलब्ध संसाधनों के समुचित उपयोग तथा जनसुविधाओं के सतत विस्तार पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

