चक्रधरपुर | चक्रधरपुर स्थित आरपीएस कॉलेज परिसर में शनिवार को कोल्हान नितिर तुरतुंग (केएनटी) के तत्वावधान में एक दिवसीय ‘युवा संवाद सह सम्मान समारोह’ का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के संरक्षक माझीराम जामुदा ने की।

समारोह का उद्देश्य युवाओं को करियर, प्रतियोगी परीक्षाओं और व्यक्तित्व विकास के प्रति मार्गदर्शन देना तथा दिल्ली स्थानांतरण के अवसर पर सीआरपीएफ कमांडेंट आनंद जेराई को सम्मानपूर्वक विदाई देना था।

कार्यक्रम में विभिन्न वक्ताओं ने छात्र-छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, करियर निर्माण और व्यक्तित्व विकास से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव दिए। संस्था के शारीरिक प्रशिक्षक दया सागर केराई ने शारीरिक प्रशिक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए जाति एवं आवासीय प्रमाणपत्र बनवाने की प्रक्रिया की भी जानकारी दी।

आरपीएस कॉलेज के पूर्व प्राचार्य शिव पूजन साय ने इतिहास के प्रेरक उदाहरणों के माध्यम से विद्यार्थियों को संघर्षरत रहने और कभी हार न मानने का संदेश दिया। संस्था के संरक्षक ज्ञान सिंह दोराईबुरु ने संस्था की स्थापना से लेकर अब तक की यात्रा पर प्रकाश डालते हुए आनंद जेराई के महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित किया।

रबिन्द्र गिलुवा ने ‘संवाद फेलोशिप’ के संबंध में जानकारी साझा की, जबकि संस्था के कोषाध्यक्ष जय सिंह कुंटिया ने समय प्रबंधन और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को लेकर उपयोगी सुझाव दिए। कुचाई संयोजक रामचंद्र सोय ने अपनी पुस्तक का परिचय देते हुए युवाओं से लक्ष्य प्राप्ति तक निरंतर प्रयास करते रहने का आह्वान किया।

कमांडेंट आनंद जेराई को दी गई भावभीनी विदाई
समारोह के दौरान सीआरपीएफ कमांडेंट आनंद जेराई को दिल्ली स्थानांतरण के अवसर पर सम्मानित कर भावभीनी विदाई दी गई। वक्ताओं ने बताया कि चक्रधरपुर में कोल्हान नितिर तुरतुंग की शाखा स्थापित करने तथा युवाओं को शारीरिक प्रशिक्षण, करियर काउंसलिंग, फिजिकल एवं मेडिकल टेस्ट की तैयारी में आनंद जेराई की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। रांची स्थानांतरण के बाद भी उन्होंने संस्था का निरंतर मार्गदर्शन किया।

अपने संबोधन में आनंद जेराई ने जीवन संघर्ष के अनुभव साझा करते हुए युवाओं को अनुशासन, कड़ी मेहनत और शारीरिक रूप से फिट रहने का संदेश दिया।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में संस्था के संयुक्त सचिव हेमंत सामड और राम बोदरा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। समारोह में उपाध्यक्ष विश्वजीत दोराईबुरु, शिक्षक गौतम गागराई, जीतू बोदरा, सिनी गागराई, दीपक पुरती, गुरुवारी सामड, त्रिवेणी बिरुवा, मतान्तर सोय, सिकंदर गागराई सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं संस्था के सदस्य उपस्थित रहे।

