चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम के जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित एनआईसी सभागार में मतदाता सूची विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 के तहत मतदाता मैपिंग कार्य की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर मतदाता सूची के शुद्धिकरण एवं अद्यतन कार्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों एवं कर्मियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

बैठक के दौरान उपायुक्त ने मतदाता सूची विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में किए गए कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। समीक्षा में बताया गया कि जिले में कुल 10,84,238 पंजीकृत मतदाताओं में से 9,34,740 मतदाताओं का सफलतापूर्वक मैपिंग कार्य पूरा कर लिया गया है, जो कुल मतदाताओं का 86.21 प्रतिशत है। वहीं मैपिंग के दौरान 81,164 मतदाता अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत अथवा दोहरी प्रविष्टि (डुप्लीकेट) की श्रेणी में चिन्हित किए गए हैं। इस प्रकार जिले में मतदाता मैपिंग का कुल प्रतिशत 93.70 प्रतिशत तक पहुंच गया है।

उपायुक्त ने इस उपलब्धि को निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता एवं शुद्धता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए संबंधित अधिकारियों और कर्मियों की सराहना की। उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर दो निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों, पांच सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों तथा निर्वाचन कार्य में संलग्न छह कंप्यूटर ऑपरेटरों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा संपूर्ण मैपिंग प्रक्रिया के कुशल संचालन, समन्वय एवं अनुश्रवण के लिए उप निर्वाचन पदाधिकारी बंधन लॉन्ग को भी प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।

उपायुक्त ने निर्देश दिया कि अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत अथवा दोहरी प्रविष्टि वाले सभी मामलों का पुनः सत्यापन एवं मैपिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम अनावश्यक रूप से मतदाता सूची से विलोपित न हो तथा अपात्र व्यक्तियों के नाम सूची में बने न रहें।

बैठक को संबोधित करते हुए जिला निर्वाचन पदाधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रत्येक पात्र भारतीय नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल किया जाना चाहिए तथा अपात्र व्यक्तियों के नाम नियमानुसार हटाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी अहर्ताधारी नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे और मतदाता सूची पूरी तरह शुद्ध, अद्यतन एवं त्रुटिरहित बने।
उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के मार्गदर्शन में संचालित मतदाता सूची विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 का मुख्य उद्देश्य 1 अक्टूबर 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर नए पात्र मतदाताओं का नामांकन, मृत एवं स्थानांतरित मतदाताओं का विलोपन, त्रुटिपूर्ण प्रविष्टियों का संशोधन तथा मतदाता सूची को अद्यतन एवं शुद्ध बनाना है। अभियान के दौरान युवा मतदाताओं, महिलाओं, दिव्यांगजनों एवं दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले पात्र नागरिकों को मतदाता सूची से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

बैठक में जानकारी दी गई कि विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 के सफल संचालन के लिए 20 जून से निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी स्तर पर बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) एवं बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए) को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा तथा गणना प्रपत्रों की छपाई कराई जाएगी। प्रशिक्षण के दौरान मतदाता सूची पुनरीक्षण से संबंधित प्रपत्रों, सत्यापन प्रक्रिया, घर-घर सर्वेक्षण, ऑनलाइन एवं ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया तथा निर्वाचन आयोग के नवीन दिशा-निर्देशों की जानकारी दी जाएगी।
इसके बाद 30 जून से 29 जुलाई 2026 तक जिले के सभी बीएलओ अपने-अपने मतदान केंद्र क्षेत्रों में घर-घर जाकर अनमैप्ड मतदाताओं को गणना प्रपत्र वितरित करेंगे तथा दो बार पुनः घर-घर जाकर इन प्रपत्रों को प्राप्त करेंगे। इस दौरान नए पात्र मतदाताओं का पंजीकरण, मतदाता विवरण में संशोधन, स्थानांतरित एवं मृत मतदाताओं की पहचान तथा मतदाता सूची के व्यापक अद्यतन का कार्य किया जाएगा।

उपायुक्त मनीष कुमार ने सभी निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों, सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों, बीएलओ एवं संबंधित कर्मियों को निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन करते हुए पारदर्शी, निष्पक्ष एवं त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करने के लिए समर्पित भाव से कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि शुद्ध एवं अद्यतन मतदाता सूची ही लोकतंत्र की मजबूत आधारशिला है और प्रत्येक पात्र नागरिक की सहभागिता सुनिश्चित करना निर्वाचन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

