रांची | झारखंड में उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा के कथित पेपर लीक मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस मुद्दे को लेकर जेएलकेएम नेता देवेंद्र नाथ महतो सोमवार को झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) कार्यालय पहुंचे और कड़ी नाराज़गी जताई। उन्होंने कहा कि बार-बार सामने आ रही गड़बड़ियों से आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं और छात्रों का भरोसा लगातार कम हो रहा है।

महतो ने बताया कि उत्पाद सिपाही भर्ती (विज्ञापन संख्या 06/2023) के तहत 12 अप्रैल 2026 को परीक्षा आयोजित की गई थी, लेकिन परीक्षा से एक दिन पहले 11 अप्रैल की रात को ही पेपर लीक होने की शिकायतें सामने आने लगीं। उन्होंने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप ग्रुप्स में प्रश्न पत्र वायरल हुआ, जिससे परीक्षा की निष्पक्षता पर गंभीर संदेह पैदा हो गया है।

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में कई होटलों में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को ठहराने की चर्चा है। वहीं, तमाड़ थाना क्षेत्र में 159 लोगों को हिरासत में लिए जाने की खबर ने मामले को और गंभीर बना दिया है।

देवेंद्र नाथ महतो ने इस पूरे मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग की है। साथ ही उन्होंने परीक्षा को तत्काल रद्द कर निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पुनः आयोजित करने की बात कही। उन्होंने यह भी मांग की कि प्रश्न पत्र तैयार करने, प्रिंटिंग, भंडारण, परिवहन और वितरण से जुड़े सभी अधिकारियों एवं संबंधित एजेंसियों की गहन जांच हो।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो वे चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेंगे।
इस दौरान रविंद्र नाथ महतो, योगेश चंद्र भारती, अजीत कुमार और राजेश कुमार समेत अन्य लोग भी मौजूद रहे।

