खरसावां : खरसावां प्रखंड मुख्यालय में शुक्रवार को बाल विवाह मुक्त झारखंड अभियान के तहत व्यापक जन-जागरूकता अभियान की शुरुआत की गई। प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) प्रधान माझी ने जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसी दौरान बीडीओ ने हस्ताक्षर अभियान का भी शुभारंभ किया, जिसके माध्यम से लोगों को बाल विवाह उन्मूलन के प्रति जागरूक करने और सामाजिक प्रतिबद्धता सुनिश्चित करने का संदेश दिया गया। सेविकाओं को बाल विवाह न करने की शपथ भी दिलाई गई।
जागरूकता रथ 23 दिसंबर 2025 तक खरसावां प्रखंड के विभिन्न गांवों का भ्रमण करेगा और बाल विवाह रोकथाम से जुड़े संदेश लोगों तक पहुँचाएगा।
मौके पर बीडीओ प्रधान माझी ने कहा कि बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक बुराई है, जिसे समाप्त करने के लिए निरंतर जागरूकता जरूरी है। उन्होंने बताया कि कानून होने के बावजूद अज्ञानता के कारण कुछ समाजों में यह कुप्रथा अब भी जारी है, जो चिंता का विषय है। बाल विवाह से बालिकाओं के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ता है, कम उम्र में गर्भधारण से जच्चा-बच्चा दोनों के स्वास्थ्य पर जोखिम बढ़ता है, तथा कम आयु में वैवाहिक जिम्मेदारियाँ मानसिक तनाव एवं शिक्षा में बाधा उत्पन्न करती हैं।
उन्होंने कहा कि यदि कहीं भी बाल विवाह की आशंका हो, तो तुरंत पंचायत प्रतिनिधियों या प्रखंड प्रशासन को सूचना दें। यह प्रत्येक नागरिक का सामाजिक दायित्व है।
जागरूकता रथ के माध्यम से लोगों को यह भी बताया जाएगा कि विवाह की न्यूनतम वैधानिक आयु— लड़कों के लिए 21 वर्ष और लड़कियों के लिए 18 वर्ष है। इसका उल्लंघन करने पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना, दो वर्ष तक का कारावास या दोनों का प्रावधान है। इसके अलावा बाल श्रम, बाल तस्करी, बाल यौन शोषण और बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 से संबंधित जानकारी भी साझा की जाएगी।
कार्यक्रम में बीडीओ प्रधान माझी, सहायक अभियंता आशुतोष कुमार, कनिष्ठ अभियंता निरज सिन्हा सहित बड़ी संख्या में सेविकाएँ उपस्थित थीं।
06
Dec

