कोलकाता | पश्चिम बंगाल में नई भाजपा सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari ने प्रशासनिक ढांचे में बड़े बदलाव के संकेत दिए हैं। शपथ ग्रहण के महज 24 घंटे के भीतर मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) और राज्य प्रशासन में व्यापक फेरबदल किया गया है। इसे नई सरकार की प्रशासनिक रणनीति और सत्ता परिवर्तन के स्पष्ट संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

सरकार के पहले ही दिन मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े 16 वरिष्ठ नौकरशाहों का तबादला कर दिया गया। इनमें सबसे चर्चित नाम 2014 बैच के आईएएस अधिकारी शांतनु मुखोपाध्याय का है, जिन्हें पूर्व मुख्यमंत्री Mamata Banerjee का करीबी माना जाता था। नई सरकार ने ममता बनर्जी के कार्यकाल में प्रभावशाली भूमिका निभाने वाले कई अधिकारियों को उनके पदों से हटाकर अन्य विभागों में भेज दिया है।

तृणमूल कांग्रेस समर्थित पश्चिम बंगाल सरकारी कर्मचारी संघ के वरिष्ठ नेता प्रताप नायक का भी तबादला किया गया है। उन्हें दार्जिलिंग जिले के बिजनबारी स्थित पालबाजार ब्लॉक विकास कार्यालय में पदस्थापित किया गया है। इसके अलावा, ममता सरकार के दौरान प्रधान सचिव स्तर पर कार्यरत 46 अधिकारियों को फिलहाल राज्य कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग से संबद्ध कर दिया गया है। इन अधिकारियों की नई तैनाती पर बाद में निर्णय लिया जाएगा।

मुख्यमंत्री कार्यालय की नई संरचना भी तेजी से तैयार की जा रही है। सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी सुब्रता गुप्ता को मुख्यमंत्री का सलाहकार नियुक्त किया गया है। वहीं, 2017 बैच के आईएएस अधिकारी सुब्रता बाला को मुख्यमंत्री का प्रधान सचिव बनाया गया है। इससे पहले वे दक्षिण 24 परगना में अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट के पद पर कार्यरत थे।
इधर, नई सरकार के गठन के साथ ही पुलिस विभाग में भी बड़े स्तर पर फेरबदल शुरू हो गए हैं। Kolkata Police ने उप-निरीक्षक, निरीक्षक, सहायक आयुक्त और उपायुक्त स्तर के 93 अधिकारियों का तबादला शहर पुलिस के अधिकार क्षेत्र से बाहर कर दिया है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में पुलिस और प्रशासनिक व्यवस्था में और व्यापक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

