चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम जिले में वर्ष 2027 की मैट्रिक (10वीं) बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट परिणाम सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला शिक्षा कार्यालय के तत्वावधान में “प्रोजेक्ट परख: तैयारी उड़ान की” के तहत टाटा कॉलेज, चाईबासा स्थित बहुउद्देशीय सभागार में जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में जिले के सभी सरकारी विद्यालयों से चयनित टॉप-5 विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों ने भाग लिया।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपायुक्त मनीष कुमार, सारंडा वन प्रमंडल पदाधिकारी अभिरूप सिन्हा, उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार, पोड़ाहाट वन प्रमंडल पदाधिकारी नीतीश कुमार, पोड़ाहाट-चक्रधरपुर अनुमंडल पदाधिकारी श्रुति राजलक्ष्मी तथा जिला शिक्षा पदाधिकारी टोनी प्रेमराज टोप्पो उपस्थित रहे।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए उपायुक्त मनीष कुमार ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि उनकी मेहनत शेर की दहाड़ की तरह प्रभावशाली होनी चाहिए और उनके भीतर कुछ कर गुजरने का दृढ़ संकल्प होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिले को अपनी उपलब्धियों से नई पहचान दिलाने की जिम्मेदारी विद्यार्थियों के कंधों पर है। वर्तमान में की गई मेहनत न केवल उनके भविष्य को संवारने का कार्य करेगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा बनेगी।

उपायुक्त ने विद्यार्थियों से अनुशासित जीवनशैली अपनाने, नियमित अध्ययन करने और लिखने का निरंतर अभ्यास करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक और अभिभावकों को विद्यार्थियों से काफी उम्मीदें हैं, इसलिए उन्हें पूरी लगन, समर्पण और मेहनत के साथ अध्ययन कर सफलता के नए आयाम स्थापित करने चाहिए। उन्होंने कहा कि आज के मेधावी विद्यार्थी भविष्य में अपने विद्यालय, जिले और समाज का प्रतिनिधित्व करेंगे तथा अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शन का स्रोत बनेंगे।

शिक्षकों को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि विद्यार्थियों की सफलता में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। शिक्षकों को विद्यार्थियों के साथ निरंतर मेहनत करते हुए ऐसा शैक्षणिक वातावरण तैयार करना चाहिए, जिससे विद्यार्थी जीवनभर अपने शिक्षकों को सम्मान और कृतज्ञता के साथ याद रखें।

सारंडा वन प्रमंडल पदाधिकारी अभिरूप सिन्हा ने कहा कि सभी विद्यार्थी अपने-अपने विद्यालयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर इस कार्यशाला में शामिल हुए हैं, जो गर्व और खुशी की बात है। उन्होंने कहा कि केवल पढ़ाई करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि अध्ययन की सही पद्धति अपनाना भी उतना ही आवश्यक है। विषयों को समझना, उनका विश्लेषण करना और उन्हें लंबे समय तक याद रखने की क्षमता ही सफलता की कुंजी है।
उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार ने कहा कि शिक्षा केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति को जागरूक, जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक भी बनाती है। उन्होंने विद्यार्थियों से समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने और भविष्य में अपने ज्ञान एवं अनुभव के माध्यम से अन्य विद्यार्थियों तथा समाज को भी जागरूक करने का आह्वान किया।

कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों और अभिभावकों के साथ परीक्षा की तैयारी, अध्ययन रणनीति, समय प्रबंधन, लक्ष्य निर्धारण, मानसिक दृढ़ता तथा बोर्ड परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के साथ अपनी तैयारी जारी रखने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य जिले के मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए बोर्ड परीक्षा-2027 में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए आवश्यक मार्गदर्शन और प्रेरणा प्रदान करना था। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने पश्चिमी सिंहभूम को नशामुक्त जिला बनाने का संकल्प भी लिया।

