चाईबासा | जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए), पश्चिमी सिंहभूम के तत्वावधान में स्थायी लोक अदालत (परमानेंट लोक अदालत) के सुचारू संचालन एवं प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर व्यवहार न्यायालय परिसर में एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह डीएलएसए अध्यक्ष मोहम्मद शाकिर ने कहा कि स्थायी लोक अदालत जनोपयोगी सेवाओं से संबंधित विवादों के त्वरित, सुलभ एवं सौहार्दपूर्ण समाधान का एक प्रभावी मंच है। उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से आम लोगों को लंबी न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिलती है तथा विवादों का शीघ्र निपटारा संभव हो पाता है।

वहीं, स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष बृजेश पांडे ने इसके महत्व एवं उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जनोपयोगी सेवाओं से जुड़े मामलों के समाधान में स्थायी लोक अदालत की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने अधिक से अधिक मामलों को इस मंच के माध्यम से निपटाने की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यक्रम में स्वास्थ्य, बैंकिंग, बीमा, परिवहन, जलापूर्ति, स्वच्छता एवं विद्युत विभाग सहित विभिन्न जनोपयोगी सेवा संस्थानों के अधिकारी, अधिवक्ता एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

डीएलएसए के सचिव रवि चौधरी ने स्वागत भाषण दिया, जबकि वरिष्ठ अधिवक्ता अमिताभ सरकार ने भी उपस्थित लोगों को स्थायी लोक अदालत की कार्यप्रणाली एवं लाभों के संबंध में जागरूक किया।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में पैरा लीगल वॉलंटियर्स (पीएलवी), अधिवक्तागण एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य जनोपयोगी सेवाओं से जुड़े विवादों के वैकल्पिक एवं प्रभावी समाधान के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना था।


