चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त मनीष कुमार के मार्गदर्शन में वनपाल प्रशिक्षण सभागार, चाईबासा में पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) झारखंड नियमावली-2025 (पेसा) विषय पर एक दिवसीय राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार ने की।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ शहीद पोटो हो एवं भगवान बिरसा मुंडा की तस्वीरों पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। सम्मेलन में जिले के सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी, वन प्रमंडल पदाधिकारी, जिले के 18 प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ), अंचलाधिकारी (सीओ), जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम), विभिन्न प्रखंडों के सम्मानित मुंडा-मानकी, नागरिक समाज के प्रतिनिधि, बुद्धिजीवी तथा पंचायती राज विभाग के कर्मी उपस्थित रहे।

राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस के दौरान राज्य पेसा समन्वयक सुधीर पाल ने पेसा नियमावली-2025 के प्रावधानों, उद्देश्यों तथा अब तक किए गए कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने पेसा अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों, ग्राम सभाओं की भूमिका तथा अनुसूचित क्षेत्रों में स्थानीय स्वशासन को सशक्त बनाने की दिशा में उठाए गए महत्वपूर्ण कदमों पर प्रकाश डाला। साथ ही प्रतिभागियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का विस्तारपूर्वक उत्तर भी दिया।

बैठक में पेसा नियमावली के प्रभावी क्रियान्वयन के दौरान सामने आने वाली चुनौतियों एवं उनके संभावित समाधानों पर विस्तृत चर्चा की गई। सभी प्रतिभागियों ने सामूहिक सहभागिता, समन्वय और जनसहयोग के माध्यम से पेसा अधिनियम को धरातल पर सफलतापूर्वक लागू करने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में रिसोर्स पर्सन के रूप में सुशांत कर ढोके एवं मनोज कुमार सोय भी उपस्थित रहे। उन्होंने पेसा अधिनियम के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार साझा करते हुए इसके प्रभावी कार्यान्वयन की आवश्यकता पर बल दिया।

सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को अधिक अधिकार-संपन्न बनाना तथा स्थानीय स्वशासन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में जागरूकता और समन्वय को बढ़ावा देना था।

