सरायकेला-खरसावाँ | खरसावां स्थित पथ निरीक्षण भवन में वृहद झारखण्ड मोर्चा की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता संगठन के केन्द्रीय अध्यक्ष बिरसा सोय ने की। इस दौरान पिछले एक वर्ष में संगठन द्वारा संचालित कार्यक्रमों और गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की गई।

सांगठनिक समीक्षा के दौरान सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से सभी मौजूदा इकाइयों को भंग कर दिया जाए। केन्द्रीय अध्यक्ष बिरसा सोय ने इसकी औपचारिक घोषणा करते हुए बताया कि अगले माह तक संगठन का पुनर्गठन कर लिया जाएगा।

उन्होंने कार्यकर्ताओं की सक्रियता को प्राथमिकता देने पर जोर देते हुए कहा कि जो कार्यकर्ता संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाएंगे, उन्हें भविष्य में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी। सभी कार्यकर्ताओं से संगठन के कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की गई।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि वृहद झारखण्ड मोर्चा का विस्तार कोल्हान प्रमंडल के साथ-साथ राज्य के अन्य प्रमंडलों में भी किया जाएगा, जिसकी तैयारी शुरू कर दी गई है।
बिरसा सोय ने राज्य की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि झारखण्ड में देश की लगभग 40 प्रतिशत खनिज संपदा होने के बावजूद यहां के युवाओं को पर्याप्त रोजगार नहीं मिल रहा है, जिससे उन्हें पलायन के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने झारखण्ड मुक्ति मोर्चा और भारतीय जनता पार्टी की पूर्ववर्ती सरकारों पर युवाओं को रोजगार देने में विफल रहने का आरोप लगाया।
उन्होंने आगे कहा कि राज्य गठन के 25 वर्ष बाद भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, आधुनिक अस्पताल, रोजगार के अवसर और किसानों के लिए सिंचाई व्यवस्था जैसी बुनियादी सुविधाएं पूरी तरह लागू नहीं हो सकी हैं। इसके चलते विकास के मामले में झारखण्ड छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड जैसे राज्यों से पीछे रह गया है।
सोय ने आरोप लगाया कि राज्य में विकास के बजाय भ्रष्टाचार, लूट और घूसखोरी बढ़ी है और जनता अब इन परिस्थितियों से बदलाव चाहती है।
बैठक में भरत सिंह गागराई, चूड़ी पुरती, अभय सिंह जामुदा, दुर्गा चरण पुरती, सावन बारला, गोंडो पुरती सहित संगठन के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

