चक्रधरपुर | झारखंड कुड़मालि भाषा विकास परिषद, राखा (आसनतालिया) के एक प्रतिनिधिमंडल ने सचिव ओम प्रकाश महतो के नेतृत्व में चक्रधरपुर रेल मंडल के डीआरएम से मुलाकात कर रेलवे स्टेशन पर कुड़मालि भाषा को शामिल करने की मांग उठाई।
प्रतिनिधिमंडल ने डीआरएम को बताया कि चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन के ऑफिसर्स गेट (गेट नंबर-1) पर प्रवेश के दौरान दाहिनी और बाईं ओर शहर से संबंधित विस्तृत जानकारी प्रदर्शित की गई है। इस विवरण में क्षेत्र में बोली जाने वाली भाषाओं के रूप में हिंदी, उड़िया, उर्दू, बंगला, संथाली और हो का उल्लेख किया गया है, लेकिन कुड़मालि भाषा का कहीं जिक्र नहीं है।

परिषद के सदस्यों ने कहा कि चक्रधरपुर और कराइकेला क्षेत्र के लगभग 55 गांवों में कुड़मालि भाषा व्यापक रूप से बोली जाती है। ऐसे में इस भाषा की अनदेखी उचित नहीं है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की कि कुड़मालि भाषा के साथ हो रही उपेक्षा को समाप्त करते हुए इसे भी स्टेशन पर प्रदर्शित भाषाओं की सूची में शामिल किया जाए।

इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल में संरक्षक शंकर लाल महतो, नरेंद्र प्रसाद महतो, बकलेश महतो, श्यामधन महतो और दिनेश महतो सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।


