चाईबासा | शहर के ऐतिहासिक एवं सार्वजनिक महत्व के जुबली तालाब के संरक्षण और नियमित रखरखाव की मांग को लेकर पश्चिमी सिंहभूम जिला कांग्रेस के प्रवक्ता सह सामाजिक कार्यकर्ता त्रिशानु राय ने सोमवार को नगर परिषद चाईबासा की कार्यपालक पदाधिकारी संतोषनी मुर्मू को पत्र सौंपा।

अपने मांग पत्र में त्रिशानु राय ने कहा कि शहर के मध्य स्थित जुबली तालाब वर्तमान में अत्यंत दयनीय स्थिति में पहुंच चुका है। उन्होंने बताया कि तालाब एवं उसके परिसर का सौंदर्यीकरण कार्य पूर्व में टाटा स्टील द्वारा कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के तहत कराया गया था। इसके अंतर्गत तालाब में विभिन्न स्थानों पर वाटर फाउंटेन, लाइट, फिल्टर समेत अन्य सुविधाएं स्थापित की गई थीं, लेकिन वर्तमान में अधिकांश सुविधाएं बंद पड़ी हैं। वहीं परिसर में स्थापित कई प्रतिमाएं भी क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं।

उन्होंने कहा कि तालाब का संचालन नगर परिषद चाईबासा द्वारा किया जाता है, लेकिन रखरखाव के अभाव में तालाब में बड़ी मात्रा में जलकुंभी एवं जंगली घास फैल गई है। इसके कारण जलस्रोत लगातार सिकुड़ता जा रहा है और जल प्रदूषित हो रहा है। गंदगी एवं अव्यवस्था के कारण तालाब की प्राकृतिक सुंदरता और उपयोगिता दोनों प्रभावित हो रही हैं।

त्रिशानु राय ने कहा कि जुबली तालाब शहरवासियों के लिए पर्यावरणीय संतुलन, जल संरक्षण और सौंदर्य का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। हालांकि, वर्तमान में इसके समुचित रखरखाव के अभाव में स्थिति चिंताजनक बन गई है। यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में तालाब का अस्तित्व भी संकट में पड़ सकता है।

उन्होंने नगर परिषद से मांग की कि जुबली तालाब के संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण के लिए तालाब से जलकुंभी एवं जंगली वनस्पतियों की नियमित सफाई कराई जाए। साथ ही तालाब की गहराई बनाए रखने के लिए गाद निकासी की व्यवस्था की जाए तथा इसके नियमित रखरखाव के लिए स्थायी योजना बनाई जाए। इसके अलावा स्थानीय प्रशासन द्वारा तालाब की निगरानी एवं संरक्षण के लिए दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करने की भी मांग की गई।

त्रिशानु राय ने विश्वास जताया कि नगर परिषद चाईबासा के सकारात्मक हस्तक्षेप से जुबली तालाब एक बार फिर अपनी स्वच्छ एवं सुंदर पहचान प्राप्त कर सकेगा और शहरवासियों को इसका समुचित लाभ मिलेगा।

उन्होंने इस संबंध में भेजे गए पत्र की प्रतिलिपि नगर परिषद चाईबासा के अध्यक्ष नितिन प्रकाश को भी सूचनार्थ प्रेषित की है।

