चाईबासा । स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ और समाजसेवी डॉ. रीना गोडसोरा मुर्मू ने किशोरियों के लिए एचपीवी (HPV) वैक्सीन को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि गर्भाशय के मुँह का कैंसर (सर्वाइकल कैंसर) महिलाओं में कैंसर से होने वाली मृत्यु का दूसरा सबसे बड़ा कारण है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस गंभीर बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय समय पर टीकाकरण है।

डॉ. मुर्मू ने बताया कि देश में हर वर्ष हजारों महिलाएं सर्वाइकल कैंसर की चपेट में आती हैं और बड़ी संख्या में उनकी मौत हो जाती है। आंकड़ों के अनुसार, हर 8 मिनट में एक महिला की मृत्यु इस बीमारी के कारण होती है। उन्होंने कहा कि यह कैंसर ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) संक्रमण से होता है, जो मुख्य रूप से यौन संबंध के माध्यम से फैलता है। उनके अनुसार, यौन रूप से सक्रिय लगभग 80 प्रतिशत लोगों के जीवन में कभी न कभी HPV संक्रमण के संपर्क में आने की संभावना रहती है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह संक्रमण केवल महिलाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि पुरुषों को भी प्रभावित करता है। HPV संक्रमण जननांगों के अलावा मुंह, श्वास नली और मल मार्ग में भी कैंसर का कारण बन सकता है।

सर्वाइकल कैंसर के प्रमुख कारणों पर प्रकाश डालते हुए डॉ. मुर्मू ने बताया कि कम उम्र में यौन संबंध बनाना, एक से अधिक साथी होना, बार-बार गर्भधारण, कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता और कुपोषण इसके जोखिम कारकों में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इस कैंसर का शुरुआती पता “पैप स्मीयर टेस्ट” के माध्यम से लगाया जा सकता है। 21 से 29 वर्ष की महिलाओं को हर तीन वर्ष में और 30 से 65 वर्ष की महिलाओं को हर पांच वर्ष में यह जांच करानी चाहिए।
डॉ. मुर्मू ने जानकारी दी कि भारत सरकार द्वारा 14 वर्ष तक की बच्चियों के लिए मुफ्त एचपीवी टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है, जो एक सराहनीय पहल है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की सिफारिश के अनुसार 9 से 14 वर्ष की बच्चियों को एकल डोज में यह टीका दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि HPV वैक्सीन (गार्डासिल) पूरी तरह सुरक्षित और प्रभावी है। यदि इसे यौन संपर्क से पहले लगाया जाए तो यह लगभग 100 प्रतिशत तक सुरक्षा प्रदान कर सकता है। अंत में उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपनी बच्चियों का समय पर टीकाकरण कराएं और समाज में जागरूकता फैलाएं, ताकि भविष्य में सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को समाप्त किया जा सके।

