राज्य

संवाद फैलोशिप 2025 में चक्रधरपुर के रबिन्द्र गिलुवा का चयन — कुल 9 शोधकर्ताओं को मिला सम्मान

संवाद फैलोशिप 2025 में चक्रधरपुर के रबिन्द्र गिलुवा का चयन — कुल 9 शोधकर्ताओं को मिला सम्मान

चक्रधरपुर : टाटा स्टील फाउंडेशन की प्रतिष्ठित ‘संवाद फैलोशिप 2025’ के लिए पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर निवासी रबिन्द्र गिलुवा का चयन हुआ है। इस वर्ष देशभर से कुल 572 आवेदनों में से केवल 9 शोधकर्ताओं को इस फैलोशिप के लिए चुना गया है। 2017 से शुरू हुई यह फैलोशिप देश की प्रमुख जनजातीय शोध फैलोशिप में से एक मानी जाती है।

अभूतपूर्व प्रतिस्पर्धा, देशभर से आवेदन


इस वर्ष के चयन के लिए 25 राज्यों और 2 केंद्रशासित प्रदेशों से आवेदन प्राप्त हुए। इनमें 122 विभिन्न जनजातीय समुदायों के प्रतिनिधि एवं 10 विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) के शोधकर्ता शामिल थे।

चयन समिति में शामिल प्रमुख विशेषज्ञ :

डॉ. सोनम वांगचुक – संस्थापक, हिमालयन कल्चरल हेरिटेज फाउंडेशन

मीनाक्षी मुंडा – सहायक प्रोफेसर, मानव विज्ञान विभाग, कोल्हान विश्वविद्यालय

ओइनम डोरेन – आवर विलेज फिल्म्स के संस्थापक

परमानंद पटेल – ओडिशा SCSRTRTI

मदन मीणा – आदिवासी अकादमी के मानद निदेशक


रबिन्द्र गिलुवा का परिचय


रबिन्द्र गिलुवा “डोनेट ब्लड” संस्था के संस्थापक हैं और जनसेवा के साथ-साथ लेखन व शोध कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। वे आदिवासी युवा मित्र मंडल, चक्रधरपुर के सचिव भी हैं। उनका शोध आदिवासी परंपराओं, मौखिक इतिहास और सांस्कृतिक संरक्षण पर केंद्रित है।

जमशेदपुर में आयोजित संवाद कार्यक्रम


रबिन्द्र गिलुवा के चयन से चक्रधरपुर और पूरे क्षेत्र में हर्ष की लहर है। स्थानीय जनजातीय संगठनों और लोगों ने इसे समुदाय के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया है।

क्या प्रदान करती है संवाद फैलोशिप?


फैलोशिप से जुड़ा संवाद कार्यक्रम 15 से 19 नवंबर तक जमशेदपुर के ट्राइबल कल्चर सेंटर (सोनारी) और गोपाल मैदान (बिस्टुपुर) में आयोजित किया गया। इसमें अखड़ा, कला-हस्तशिल्प प्रदर्शनी, पारंपरिक जनजातीय भोजन, औषधीय गुणों पर चर्चा एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन किया गया। समापन समारोह में जनजातीय समुदायों की ताकत, उनकी कहानियों और वर्तमान चुनौतियों पर गंभीर विमर्श हुआ।

चयन से क्षेत्र में खुशी की लहर


संवाद फैलोशिप चुने गए शोधकर्ताओं को एक वर्ष के लिए आर्थिक सहायता, मेंटरशिप और शोध के लिए सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराती है। पिछले आठ वर्षों में यह फैलोशिप सैकड़ों जनजातीय शोधकर्ताओं को मजबूत मंच प्रदान कर चुकी है।

जिला माइनिंग टास्क फोर्स की बैठक में अवैध खनन पर लगाम लगाने के निर्देश

जिला माइनिंग टास्क फोर्स की बैठक में अवैध खनन पर लगाम लगाने के निर्देश

सरायकेला : समाहरणालय सभागार में आज जिला स्तरीय माइनिंग टास्क फोर्स की बैठक उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री मुकेश लूणायत, अपर उपायुक्त श्री जयवर्धन कुमार, जिला खनन पदाधिकारी श्री ज्योति शंकर सतपथी, पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में सितंबर एवं अक्टूबर माह में जिले में अवैध खनन और परिवहन के विरुद्ध चलाए गए अभियानों की समीक्षा की गई।


जिला खनन पदाधिकारी ने बताया कि इन अभियानों के दौरान कार्रवाई करते हुए

07 ट्रैक्टर,

03 जेसीबी,

01 ट्रक,

09 हाईवा,

02 हाइड्रोलिक एक्सकेवेटर एवं

02 डंपिंग मशीनें जब्त की गईं।


साथ ही लगभग 7.5 लाख घनफुट अवैध बालू ज़ब्त किया गया तथा ₹2.45 लाख की दंड राशि छह वाहनों से वसूल की गई। इस अवधि में अवैध उत्खनन एवं परिवहन से संबंधित 07 प्राथमिकी दर्ज की गईं।

उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिले में अवैध खनन, भंडारण और परिवहन पर पूर्णतः रोक लगाने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ सतत एवं प्रभावी कार्रवाई करें। उन्होंने संवेदनशील खनन क्षेत्रों में नियमित औचक निरीक्षण अभियान चलाने तथा सूचना मिलते ही संयुक्त टीम द्वारा त्वरित छापेमारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उपायुक्त ने मिलन चौक और तिरुलडीह चेकपोस्ट सहित सभी प्रमुख चेक नाकों पर अगले दो दिनों के भीतर मजिस्ट्रेट एवं पुलिस अधिकारियों की तैनाती करने के साथ-साथ CCTV आधारित 24×7 निगरानी प्रणाली लागू करने का निर्देश दिया, ताकि किसी भी प्रकार की अवैध आवाजाही को तुरंत रोका जा सके।

उन्होंने यह भी स्पष्ट कहा कि खनिज परिवहन में संलग्न सभी वाहनों में ढुलाई सामग्री को ढककर ले जाना अनिवार्य होगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण, सड़क सुरक्षा और स्वच्छता सुनिश्चित हो सके। साथ ही जब्त बालू की नीलामी प्रक्रिया शीघ्र शुरू कर राजस्व प्राप्ति से संबंधित कार्य समयबद्ध रूप से पूरा करने पर जोर दिया गया।

बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री मुकेश लूणायत ने कहा कि अवैध खनन से संबंधित किसी भी सूचना पर एसडीओ, सीओ और थाना प्रभारी संयुक्त रूप से कार्रवाई दल गठित करें और पर्याप्त पुलिस बल के साथ गोपनीय छापेमारी कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जब्त वाहनों, मशीनरी और संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामलों को शीघ्र न्यायालय में प्रस्तुत किया जाए, ताकि किसी भी प्रक्रियागत देरी को रोका जा सके।

निर्वाचन कार्यों में पारदर्शिता लाने को राजनीतिक दलों के साथ बैठक

निर्वाचन कार्यों में पारदर्शिता लाने को राजनीतिक दलों के साथ बैठक

चाईबासा : निर्वाचन कार्यों में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ाने के उद्देश्य से मझगांव के निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी सह उप उपायुक्त प्रवीण केरकेट्टा और मनोहरपुर की निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी सह जिला भू-अर्जन पदाधिकारी लिली एनोला लकड़ा ने कार्यालय वेश्म में सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) की नियुक्ति आवश्यक है। भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली के निर्देशानुसार बीएलए की मौजूदगी से मतदाता सूची में संभावित विसंगतियों की समय रहते पहचान हो सकेगी और राजनीतिक दलों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित होगी।

अधिकारियों ने सभी राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि आगामी पुनरीक्षण कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक मतदान केंद्र के लिए प्राथमिकता के आधार पर बीएलए नियुक्त करें तथा उसकी सूची संबंधित निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी या जिला निर्वाचन पदाधिकारी के कार्यालय में जमा करें।

बैठक में कांग्रेस के त्रिशानु राय, झामुमो के विश्वनाथ बाड़ा और भाजपा के रवि शंकर विश्वकर्मा सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

नोआमुंडी प्रखंड के पोखरपी पंचायत में सेवा शिविर, आम जनता को मिला सरकारी सेवाओं का लाभ

नोआमुंडी प्रखंड के पोखरपी पंचायत में सेवा शिविर, आम जनता को मिला सरकारी सेवाओं का लाभ

पश्चिमी सिंहभूम : नोआमुंडी प्रखंड के पोखरपी पंचायत में ‘आपकी योजना–आपकी सरकार–आपके द्वार’ अभियान के तहत 21 से 28 नवंबर 2025 तक आयोजित “सेवा का अधिकार सप्ताह” के अंतर्गत एक विशेष शिविर का आयोजन किया गया।

इस शिविर में झारखंड राज्य सेवा देने की गारंटी अधिनियम–2011 में सूचीबद्ध विभिन्न सेवाओं का लाभ आमजन को प्रदान किया गया। ग्रामीणों ने मौके पर ही कई सरकारी योजनाओं का आवेदन किया और तत्काल सेवा प्राप्त की।

अभियान का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी सेवाओं को सुलभ, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराना है ताकि आम जनता को कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। पंचायत स्तर पर सेवा शिविर आयोजित होने से लोगों को बड़ी राहत मिली।

कोंका कमार करमाली के जन्मदिन पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम, गुमनाम वीर स्वतंत्रता सेनानी को याद किया गया

कोंका कमार करमाली के जन्मदिन पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम, गुमनाम वीर स्वतंत्रता सेनानी को याद किया गया

बोकारो : कसमार प्रखंड के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानी कोंका कमार करमाली के जन्मदिन के अवसर पर बारिडीह स्थित कोंका कमार करमाली चौक पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। स्थानीय लोगों ने पुष्प अर्पित कर इस वीर सेनानी को नमन किया।

स्वतंत्रता संग्राम के दौरान कोंका कमार करमाली ने अंग्रेजों के खिलाफ मोर्चा खोला था। कहा जाता है कि वे हमेशा अपने साथ बाली लोहा से बनी टांगी रखते थे और उसी से उन्होंने कई अंग्रेजों को मार गिराया था।

बिरसा मुंडा के आंदोलन से प्रभावित होकर लोहरा और करमाली जनजाति के लोगों ने स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। इस जनजाति के लोग चितरिया पत्थर से लोहा गलाकर ‘बाली लोहा’ तैयार करते थे और उससे तलवार, भाला, टांगी, फरसा और तीर की नोंक जैसे हथियार बनाकर बंगाल क्षेत्र में स्वतंत्रता सेनानियों को आपूर्ति करते थे। इन हथियारों से अंग्रेजों की हुकूमत के खिलाफ लड़ाई को मजबूती मिली।

कोंका कमार करमाली इस आंदोलन के नेतृत्वकर्ताओं में से एक माने जाते हैं। वंशजों के अनुसार, वे युद्ध कौशल के धनी थे और तलवार, भाला व टांगी चलाने में निपुण थे। उनकी वीरता के बावजूद इतिहास में उन्हें उचित स्थान नहीं मिल पाया।

आयोजित कार्यक्रम में सन्नी समाड, विष्णु बानरा, राजा पूर्ति और सुभाष मुंडा सहित कई लोगों ने शामिल होकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

पश्चिमी सिंहभूम में ‘सेवा का अधिकार सप्ताह’ — 21 से 28 नवंबर तक हर पंचायत में शिविर का आयोजन

पश्चिमी सिंहभूम में ‘सेवा का अधिकार सप्ताह’ — 21 से 28 नवंबर तक हर पंचायत में शिविर का आयोजन

पश्चिमी सिंहभूम : झारखंड सरकार ने पूर्व निर्धारित “आपकी योजना – आपकी सरकार, आपके द्वार” कार्यक्रम को नया स्वरूप देते हुए इसे “सेवा का अधिकार सप्ताह” नाम दिया है। यह अभियान 21 से 28 नवंबर 2025 तक पूरे राज्य में चलाया जाएगा। इसी क्रम में पश्चिमी सिंहभूम जिले के सभी पंचायतों में शिविर आयोजित करने की तैयारी पूरी कर ली गई है।

यह कार्यक्रम झारखंड राज्य सेवा देने की गारंटी अधिनियम, 2011 को प्राथमिकता देते हुए आयोजित किया जाएगा। शिविरों का उद्देश्य आम जनता को सरकारी सेवाएं समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराना और योजनाओं की जानकारी सीधे जनता तक पहुंचाना है।


पंचायत स्तर पर लगाए जाएंगे शिविर

जिले के प्रत्येक पंचायत में कम-से-कम एक शिविर अवश्य आयोजित किया जाएगा। इन शिविरों में विभिन्न सरकारी सेवाओं से संबंधित आवेदन प्राप्त किए जाएंगे और उनका त्वरित निष्पादन सुनिश्चित किया जाएगा।

singhbhum security forces

मुख्य सेवा प्रक्षेत्र (Service Focus Areas)

शिविर में निम्नलिखित सेवाओं के आवेदन प्राथमिकता के आधार पर लिए जाएंगे —

जाति प्रमाण पत्र

स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र

आय प्रमाण पत्र

जन्म प्रमाण पत्र

मृत्यु प्रमाण पत्र

नया राशन कार्ड

दाखिल-खारिज (Mutation)

भूमि की मापी

भूमि धारण प्रमाण पत्र

सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं की स्वीकृति से जुड़े आवेदन


इसके अतिरिक्त, अधिनियम में सूचीबद्ध अन्य सेवाओं एवं लोक-कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित आवेदन भी स्वीकार किए जाएंगे।

ऑन-द-स्पॉट शिकायत निवारण

शिविरों में प्राप्त सभी आवेदनों को पोर्टल पर पंजीकृत किया जाएगा।

शिकायतों का मौके पर ही समाधान करते हुए संबंधित दस्तावेज और आवेदक की तस्वीर पोर्टल पर अपलोड की जाएगी।

सॉफ्टवेयर के माध्यम से आवेदनों की ऑनलाइन ट्रैकिंग की जाएगी।

अधिनियम में निर्धारित समय-सीमा के भीतर प्रत्येक आवेदन का निष्पादन सुनिश्चित किया जाएगा।

गम्हरिया में अवैध शराब पर बड़ी कार्रवाई, चुलाई भट्टी ध्वस्त — 35 लीटर महुआ शराब जब्त

गम्हरिया में अवैध शराब पर बड़ी कार्रवाई, चुलाई भट्टी ध्वस्त — 35 लीटर महुआ शराब जब्त

गांडेडूंगरी : सरायकेला-खरसावाँ जिले में अवैध शराब के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह के निर्देश पर प्राप्त गुप्त सूचना के आधार पर 20 नवंबर 2025 को गम्हरिया थाना क्षेत्र के ग्राम गांडे डूंगरी में उत्पाद विभाग की टीम ने छापामारी अभियान चलाया।

छापामारी के दौरान अवैध रूप से संचालित एक चुलाई भट्टी को ध्वस्त किया गया। मौके पर लगभग 1000 किलोग्राम जावा को नष्ट किया गया तथा करीब 35 लीटर तैयार महुआ चुलाई शराब को जब्त किया गया। प्रशासन ने बताया कि इस अवैध गतिविधि में शामिल व्यक्तियों के विरुद्ध उत्पाद अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

उत्पाद अधीक्षक ने कहा कि जिले में अवैध शराब निर्माण एवं बिक्री पर रोक लगाने के लिए नियमित छापामारी अभियान जारी रहेंगे। संबंधित अधिकारियों को विधि-सम्मत और कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

छापामारी दल में शामिल अधिकारी और कर्मचारी :


▪ अखिलेश कुमार – अवर निरीक्षक, उत्पाद, आदित्यपुर अंचल
▪ सौदागर पंडित – सहायक अवर निरीक्षक, उत्पाद
▪ बरियार हेंब्रम – गृह रक्षक बल
▪ रंजीत कुमार – गृह रक्षक बल
▪ अन्य गृह रक्षक बल

प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि अवैध शराब के निर्माण और बिक्री की जानकारी मिलने पर तुरंत संबंधित विभाग को सूचित करें।

झारखंड की राजनीति पर कांग्रेस का पलटवार — त्रिशानु राय ने भाजपा पर लगाया अफवाह फैलाने का आरोप

झारखंड की राजनीति पर कांग्रेस का पलटवार — त्रिशानु राय ने भाजपा पर लगाया अफवाह फैलाने का आरोप

चाईबासा : प. सिंहभूम जिला कांग्रेस प्रवक्ता त्रिशानु राय ने भाजपा प्रवक्ता डॉ. अजय आलोक के एक्स पोस्ट पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि घाटशिला विधानसभा उपचुनाव में भाजपा और एनडीए गठबंधन की हार के बाद ऐसे बयान भाजपा की घबराहट और हताशा को दर्शाते हैं।

त्रिशानु राय ने आरोप लगाया कि भाजपा जब राजनीतिक या चुनावी लड़ाई में सीधे मुकाबला नहीं कर पाती है, तो अफवाहों और कयासों के जरिए अस्थिरता फैलाने की कोशिश करती है। उन्होंने डॉ. आलोक के बयान को “राजनीतिक शरारत” बताया और कहा कि इसका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जनता के दिलों में जीवंत हैं और उनका संघर्ष झारखंड की माटी, आदिवासियों और मूलवासियों के अधिकारों के लिए है। उन्होंने झामुमो के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य के बयान ‘हेमंत जीवंत है, भाजपा का अंत है’ को सही और समयोचित करार दिया।

त्रिशानु राय ने महागठबंधन की एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि कांग्रेस अपने गठबंधन सहयोगियों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा चाहे जितने भी भ्रम फैलाने की कोशिश करे, झारखंड की जनता और गठबंधन पूरी तरह एकजुट है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्थिरता और ईमानदारी के साथ काम कर रही है और आगामी चुनावों में भाजपा के मंसूबों को करारा जवाब दिया जाएगा।

अंत में, त्रिशानु राय ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि “झारखंड की राजनीति रिमोट कंट्रोल से नहीं चलती। सोशल मीडिया ट्रायल के जरिए झारखंड की सरकार को अस्थिर करने का नाकाम प्रयास बंद होना चाहिए।”

जनसेवा को समर्पित – सांसद कालीचरण मुंडा का जनता दरबार, समस्याओं का तुरंत समाधान

जनसेवा को समर्पित – सांसद कालीचरण मुंडा का जनता दरबार, समस्याओं का तुरंत समाधान

खूंटी : सांसद कालीचरण मुंडा प्रतिदिन अपने आवासीय कार्यालय में जनता दरबार आयोजित कर आम लोगों की समस्याओं और शिकायतों को सुनते हैं और उनका तुरंत समाधान कराते हैं। सांसद मुंडा संबंधित विभागों के अधिकारियों को मौके पर ही निर्देश देकर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करते हैं।

जनता दरबार में ग्रामीण, मजदूर, किसान, छात्र, महिलाएं, व्यापारी और बुजुर्ग बड़ी संख्या में अपने मुद्दों को लेकर पहुंचते हैं। लोगों का कहना है कि सांसद मुंडा हर समस्या को गंभीरता से लेते हैं और उनका त्वरित समाधान करते हैं।

सांसद मुंडा के इस सक्रिय जनसेवा मॉडल ने जनता में विश्वास और भरोसा बढ़ाया है। उनकी संवेदनशीलता, कर्तव्यनिष्ठा और तत्परता के कारण कई समस्याएँ स्थल पर या कम समय में ही हल हो जाती हैं।

सांसद कालीचरण मुंडा ने कहा,
“जनता ने मुझे प्रतिनिधि चुना है, इसलिए जनता की सेवा मेरा सबसे बड़ा धर्म और कर्तव्य है। हर समस्या का समाधान करना मेरी जिम्मेदारी है, और इसके लिए मैं हमेशा उपलब्ध हूं।”

सांसद कार्यालय के अनुसार, जनता दरबार आने वाले दिनों में भी प्रतिदिन आयोजित किया जाएगा, ताकि हर नागरिक बिना किसी बाधा के सीधे सांसद से अपनी बात रख सके।

पश्चिमी सिंहभूम की जलछाजन परियोजना को राज्य स्तरीय पुरस्कार

पश्चिमी सिंहभूम की जलछाजन परियोजना को राज्य स्तरीय पुरस्कार

लोहरदगा : कुड़ु प्रखण्ड में ग्रामीण विकास विभाग और पंचायती राज विभाग, झारखंड की मंत्री श्रीमती दिपिका पांडे सिंह की अध्यक्षता में झारखंड राज्य जलछाजन मिशन का राज्य स्तरीय वाटरशेड महोत्सव आयोजित किया गया।

इस अवसर पर, भारत सरकार के वाटरशेड-जन भागीदारी अभियान के तहत पश्चिमी सिंहभूम जिले के तांतनगर प्रखण्ड में क्रियान्वित जलछाजन परियोजना को उत्कृष्ट कार्य के लिए 20 लाख रुपये से पुरस्कृत किया गया। पुरस्कार पश्चिमी सिंहभूम उप विकास आयुक्त के मार्गदर्शन में जिला कृषि पदाधिकारी, जलछाजन पदाधिकारी, कर्मियों और जलछाजन समितियों के सदस्यों द्वारा ग्रहण किया गया।

कार्यक्रम में पश्चिमी सिंहभूम जिले के लगभग 100 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और जिला द्वारा स्टॉल प्रदर्शन भी किया गया।

झारखंड राज्य जलछाजन मिशन के तहत, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 के विकास घटक के अंतर्गत बंदगांव प्रखण्ड में 6600 हेक्टेयर और तांतनगर प्रखण्ड में 4800 हेक्टेयर भूमि पर जलछाजन परियोजना के अंतर्गत स्टेगरड कंटूर ट्रेंच, वाटर एब्जॉर्बेशन ट्रेंच, ट्रेंच कम बंड, मेढ़बंदी, तालाब निर्माण, लूज बोल्डर चेक डेम, मिट्टी के चेक डेम सहित पौधारोपण और कृषि-उद्यान फसल उत्पादन कार्य किया जा रहा है।