पश्चिमी सिंहभूम : मंझारी प्रखंड के पांगा पंचायत से जुड़े एक गंभीर मामले में तीन वर्ष बाद न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। चाईबासा न्यायालय ने पंचायत के मुखिया हरिन तामसोय, पंचायत समिति सदस्य खेमकरण बिरुवा और एक अन्य सहअभियुक्त को सभी आरोपों से मुक्त करते हुए दोषमुक्त करार दे दिया।
यह मामला 12 जुलाई 2022 का है, जब जांगीबुरु घाटी में पेट्रोल से भरा एक टैंकर पलट गया था। इस हादसे में तीन मासूम बच्चों की मौत हो गई, जिसके बाद क्षेत्र में शोक के साथ आक्रोश का माहौल बन गया। पीड़ित परिवारों को मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर पंचायत प्रतिनिधियों ने आवाज उठाई।
इसी दौरान तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) की ओर से आरोप लगाया गया कि आंदोलन के दौरान सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई गई। इसके आधार पर मंझारी थाना में IPC की धारा 147, 149 और 353 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई। बताया जाता है कि राजनीतिक दबाव के कारण प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई तेज हुई और तीनों को कारा मंडल, चाईबासा में जेल भी जाना पड़ा।
लगभग तीन वर्ष चली कानूनी लड़ाई के बाद आज न्यायालय ने स्पष्ट रूप से माना कि आरोप निराधार थे। अदालत ने सभी अभियुक्तों को पूरी तरह दोषमुक्त करते हुए बरी कर दिया।

